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दैनिक यात्रियों ने तय किया दिक्कतों भरा सफर

Fri, 01 Jan 2016 10:50 PM IST
plibhit
plibhit Updated Fri, 01 Jan 2016 10:50 PM IST
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Decided commuters Full Travel difficulties

बरेली रूट पर रेलवे द्वारा लिए गए मेगा ब्लाक के चलते इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों का पहला दिन मुश्किलों भरा रहा। बरेली से आने व जाने वाले दैनिक यात्रियों को खासी परेशानियों को सामना करना पड़ा। हालांकि परिवहन विभाग सुबह से ही कमर कसे तैयार रहा, लेकिन बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या न के बराबर रही। वहीं रेलवे स्टेशन से रोडवेज बस स्टैंड तक चलने वाले वाहन संचालकों ने जमकर मनमाना किराया वसूला।

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मेगा ब्लाक लेकर पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग को शुक्रवार से बंद कर दिया गया। पलिया, मैलानी, पूरनपुर आदि स्टेशनों से आने वाले रेल यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचकर थम गए। इन यात्रियों को बरेली समेत आगे की यात्रा करने के लिए रोडवेज बस स्टैंड तक दौड़ लगानी पड़ी। इसका फायदा रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े मैजिक वाहनों, ई-रिक्शा व रिक्शा वालों ने जमकर उठाया। बस स्टैंड तक पहुंचाने के नाम पर जमकर मनमाना किराया वसूला गया। वहीं तमाम लोग पैदल ही रेल पटरी के लिए नौगवा चौराहा तक पहुंचे।
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रोडवेज चुस्त, यात्री सुस्त
रेलवे के मेगा ब्लाक के चलते परिवहन विभाग ने बसों के संचालन को लेकर एक दिन पहले ही सारी तैयारियां कर ली थी। एआरएम एसके वर्मा ने सभी कर्मचारियों को समय पर पहुंचने के निर्देश दिए थे। इधर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे एआरएम बस स्टैंड पहुंच गए। हर आधा घंटे पर बसों को बरेली रोड पर उतारने की तैयारी कर ली गई, लेकिन यात्रियों के न पहुंचने से विभाग की तैयारियां धरी रह गई। हालांकि बरेली की ओर से आने वाली बसों में यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी दिखी।
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मुसीबतों से जूझे दैनिक यात्री
साल के पहले दिन ही बरेली की ओर जाने वाले व बरेली से आने वाले दैनिक यात्रियों को खासी परेशानियां उठानी पड़ी। कुछ दैनिक यात्री तो रोडवेज का महंगा सफर तक पहुंचे तो अधिकांश यात्री डगामार वाहनों के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इसको लेकर कई कर्मचारी अपने कार्यालयों में देरी से पहुंच सके।

मात्र पांच ने एमएसटी बनवाने को कराया रजिस्ट्रेशन
रेलवे की अपेक्षा रोडवेज का सफर काफी महंगा है। रेलवे का मासिक सीजन टिकट हाथों हाथ बन जाता है, वहीं रोडवेज की एमएसटी के लिए पूरे एक माह का समय लगता है। बरेली रूट पर ट्रेनें बंद होने से परिवहन विभाग बड़ी संख्या में एमएसटी बनने की बात सोच रहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को मात्र पांच दैनिक यात्रियों ने ही एमएसटी बनवाने को रजिस्ट्रेशन कराया।

रेलवे ने रेल यात्रियों का अधर में छोड़ा
मेगा ब्लाक से पूर्व रेलवे प्रशासन ही अपने रेल यात्रियों की सुविधा को परिवहन विभाग से संपर्क साधकर उन्हें वाहन सुविधा मुहैय्या कराता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। मजबूरन परिवहन विभाग को खुद ही तैयारियां करनी पड़ी। और तो और रेलवे ने स्टेशन पर लगी अपनी पुरानी समय सारिणी के स्थान पर नई समय सारिणी तक नहीं लगाई। पूछताछ केंद्र भी अधिकांश समय सूना पड़ा रहा। ट्रेनों के संचालन की जानकारी को यात्रियों को धक्के खाने पड़े। हालांकि रेलवे प्रशासन ने देर शाम तक नई समय सारिणी चस्पा करने का दावा किया।



यात्रियों की सुविधा को लेकर सभी कर्मचारियों को सुबह ही आने के निर्देश दिए गए थे। बसों को भी तैयार कर लिया गया, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक नहीं रही। साल के पहले दिन के चलते भी यात्री कम पहुंचे।
एसके वर्मा, एआरएम, परिवहन विभाग।

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