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Pilibhit News: नहीं थमा ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर बैठकर खतरे का सफर, जिम्मेदार बेखबर
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शहर के गौहनिया चौराहे से ट्रैंक्टर ट्राली पर बैठकर जाते लोग । संवाद
पीलीभीत। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर बैठकर खतरे का सफर लगातार जारी है पर जिम्मेदार बेखबर हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह से शाम तक ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में बैठकर जाते लोगों को देखा जा सकता है। तीन दिन पहले कार की टक्कर लगने से ट्राॅली पर बैठे युवक की नीचे गिरकर मौत भी हो गई थी। बावजूद इसके खतरे का सफर कर रहे लोगों को रोकने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने भी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से सफर कर रहे लोगों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर यात्रा करने पर कई लोगों की जान जा चुकी है। यह तब है जब शासन ने इस तरह यात्रा करने पर रोक लगा रखी है। बावजूद इसके शहर में सुबह से शाम तक लोगों को ट्राॅलियों में भरे सामान पर बैठकर सफर करते देखा जा सकता है।
यह लोग चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कोई इनको रोकता-टोकता नहीं। परिवहन विभाग के जिम्मेदार भी आंखें बंद किए रहते हैं। शुक्रवार की दोपहर गोहनिया चुंगी से गुजरी ट्रैक्टर-ट्राॅली में कई लोग बैठे थे। कुछ लोग तो खड़े होकर भी सफर कर रहे थे। एक अन्य ट्रैक्टर-ट्राॅली में कुछ लोग ट्राॅली में भरे सामान पर बैठकर सफर करते दिखे।
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हादसे के बाद आती है कार्रवाई की याद
पुलिस और परिवहन विभाग को इस तरह के वाहनों पर कार्रवाई की याद किसी बड़े हादसे के बाद आती है। कुछ दिन पहले कासगंज में हादसा हुआ था। पुलिस और परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्राॅलियाें से सफर करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। दो दिन की सक्रियता के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।
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व्यावसायिक उपयोग में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को ललौरीखेड़ा में दो ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर कार्रवाई कर उन्हें कब्जे में ले लिया गया। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ
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कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर यात्रा करने पर कई लोगों की जान जा चुकी है। यह तब है जब शासन ने इस तरह यात्रा करने पर रोक लगा रखी है। बावजूद इसके शहर में सुबह से शाम तक लोगों को ट्राॅलियों में भरे सामान पर बैठकर सफर करते देखा जा सकता है।
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यह लोग चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कोई इनको रोकता-टोकता नहीं। परिवहन विभाग के जिम्मेदार भी आंखें बंद किए रहते हैं। शुक्रवार की दोपहर गोहनिया चुंगी से गुजरी ट्रैक्टर-ट्राॅली में कई लोग बैठे थे। कुछ लोग तो खड़े होकर भी सफर कर रहे थे। एक अन्य ट्रैक्टर-ट्राॅली में कुछ लोग ट्राॅली में भरे सामान पर बैठकर सफर करते दिखे।
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हादसे के बाद आती है कार्रवाई की याद
पुलिस और परिवहन विभाग को इस तरह के वाहनों पर कार्रवाई की याद किसी बड़े हादसे के बाद आती है। कुछ दिन पहले कासगंज में हादसा हुआ था। पुलिस और परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्राॅलियाें से सफर करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। दो दिन की सक्रियता के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।
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व्यावसायिक उपयोग में लगी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को ललौरीखेड़ा में दो ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर कार्रवाई कर उन्हें कब्जे में ले लिया गया। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ

शहर के गौहनिया चौराहे से ट्रैंक्टर ट्राली पर बैठकर जाते लोग । संवाद