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Pilibhit News: शहर में खुले नालों से खतरा...कागजों में कार्ययोजना
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शहर के मोहल्ला खकरा में स्ट्रीट वेंडर्स के पास नाले पर बैठा बच्चा। संवाद
पीलीभीत। शहर में जलनिकासी के लिए बने छोटे-बड़े कई नाले अभी भी खुले पड़े हैं। इनको ढकने के लिए योजना तो बनी, लेकिन संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में शहर के 35 नालों में से 12 खुले मिले। हालांकि एक साल से नगर पालिका ने तैयारी तो की, लेकिन स्लैब डालने की योजना बातों तक ही सीमित रह गई।
लखीमपुर-खीरी के बरवर में खुले नाले में गिरने से बृहस्पतिवार को दिव्यांग की मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर के लोगों का कहना है कि मानसून में यह नाले और अधिक खतरा बनेंगे। इसको देखते हुए जल्द ही इन नालों को ढकवाने के लिए कार्य शुरू कराया जाना चाहिए।
शहर में जल निकासी के लिए 35 नाले हैं। स्थिति यह है कि इनमें से करीब 12 नाले खुले पड़े हैं। स्लैब न लगे होने से हर समय खतरा बना रहता है। कई बार मामला पालिका के संज्ञान में डाला गया, लेकिन अभी तक इन नालों को ढकने की व्यवस्था नहीं की गई।
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नाले में बाइक समेत गिरा था युवक, चार साल के मासूम की भी हो चुकी है मौत
शहर के गांधी स्टेडियम मार्ग पर कुछ दिन पहले ही खुले नाले में रात के अंधेरे में जा गिरा। काफी देर तक तो लोगों को उसकी चीख तक सुनाई नहीं दी, जबकि कुछ मिनट बाद जब मार्ग से गुजर रहे लोगों ने उसको गिरा देखा तो बाहर निकाला। इस बीच वह गंभीर चोटिल हो चुका था। वहीं, शहर से सटे नगर पंचायत नौगवां पकड़िया क्षेत्र में लगभग दो वर्ष पहले घर के बाहर गहरा खुला नाला होने के चलते चार साल के मासूम की डूबकर मौत हो गई। इस दौरान विरोध प्रदर्शन तक हुआ, लेकिन जिम्मेदारों की कान पर जूं नहीं रेंगा। संवाद
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खुले नालों पर स्ट्रीट वेंडर्स का कब्जा
शहर के पूर्व विशाल टॉकीज के बाहर 15 फीट गहरा नाला बहता है। इसमें कई बार लोग गिरकर बुरी तरह चोटिल तो हुए ही, बल्कि उनको निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिर भी नालों को ढकने की कार्ययोजना नगर पालिका ने नहीं बनाई, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने स्थान पर पटले लगाकर व्यवसाय संचालन करते हैं। कई बार नाले में ग्राहक भी गिर चुके हैं।
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खुले नाले से सटी दुकान, आवाजाही से खतरा
शहर के झंकार मार्केट के करीब बहने वाला गहरा नाला हमेशा खुला रहता है, जबकि इसी से चिपकी एक दुकान पर चाय-नाश्ते के लिए पूरे दिन लोगों की आवाजाही रहती है। स्थिति यह है कि इस नाले के करीब खड़े होने वाला व्यक्ति खतरा भी महसूस करता है, लेकिन नगर पालिका को यह खुले नाले का दृश्य दिखाई आजतक नहीं पड़ा।
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15 फुट गहरे नाले के पास चल रहीं दुकानें
शहर के मोहल्ला खकरा में बने पुराना नाला लगभग 15 फुट गहरा है, जबकि लंबे समय से इस नाले को सुरक्षित बंद नहीं किया गया। यहां पर दो-तीन स्ट्रीट वेंडर्स अपने खाने-पीने की दुकानें लगाते हैं। लोग इस नाले की छोटी दीवार पर बैठे हैं, जबकि कई बार लोग इसमें गिरे हैं। फिर भी आजतक इस नाले को सुरक्षित नहीं किया गया।
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अब जो भी नए नाले बनेंगे। वह कवर होंगे। इसी के साथ पुराने नालों को ढकने के लिए इस बोर्ड मीटिंग में मुद्दा उठाया जाएगा व जनहित में प्रस्ताव को पारित कर शहर के सभी नाले कार्ययोजना के साथ बंद किए जाएंगे। - संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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लखीमपुर-खीरी के बरवर में खुले नाले में गिरने से बृहस्पतिवार को दिव्यांग की मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर के लोगों का कहना है कि मानसून में यह नाले और अधिक खतरा बनेंगे। इसको देखते हुए जल्द ही इन नालों को ढकवाने के लिए कार्य शुरू कराया जाना चाहिए।
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शहर में जल निकासी के लिए 35 नाले हैं। स्थिति यह है कि इनमें से करीब 12 नाले खुले पड़े हैं। स्लैब न लगे होने से हर समय खतरा बना रहता है। कई बार मामला पालिका के संज्ञान में डाला गया, लेकिन अभी तक इन नालों को ढकने की व्यवस्था नहीं की गई।
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नाले में बाइक समेत गिरा था युवक, चार साल के मासूम की भी हो चुकी है मौत
शहर के गांधी स्टेडियम मार्ग पर कुछ दिन पहले ही खुले नाले में रात के अंधेरे में जा गिरा। काफी देर तक तो लोगों को उसकी चीख तक सुनाई नहीं दी, जबकि कुछ मिनट बाद जब मार्ग से गुजर रहे लोगों ने उसको गिरा देखा तो बाहर निकाला। इस बीच वह गंभीर चोटिल हो चुका था। वहीं, शहर से सटे नगर पंचायत नौगवां पकड़िया क्षेत्र में लगभग दो वर्ष पहले घर के बाहर गहरा खुला नाला होने के चलते चार साल के मासूम की डूबकर मौत हो गई। इस दौरान विरोध प्रदर्शन तक हुआ, लेकिन जिम्मेदारों की कान पर जूं नहीं रेंगा। संवाद
खुले नालों पर स्ट्रीट वेंडर्स का कब्जा
शहर के पूर्व विशाल टॉकीज के बाहर 15 फीट गहरा नाला बहता है। इसमें कई बार लोग गिरकर बुरी तरह चोटिल तो हुए ही, बल्कि उनको निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिर भी नालों को ढकने की कार्ययोजना नगर पालिका ने नहीं बनाई, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने स्थान पर पटले लगाकर व्यवसाय संचालन करते हैं। कई बार नाले में ग्राहक भी गिर चुके हैं।
खुले नाले से सटी दुकान, आवाजाही से खतरा
शहर के झंकार मार्केट के करीब बहने वाला गहरा नाला हमेशा खुला रहता है, जबकि इसी से चिपकी एक दुकान पर चाय-नाश्ते के लिए पूरे दिन लोगों की आवाजाही रहती है। स्थिति यह है कि इस नाले के करीब खड़े होने वाला व्यक्ति खतरा भी महसूस करता है, लेकिन नगर पालिका को यह खुले नाले का दृश्य दिखाई आजतक नहीं पड़ा।
15 फुट गहरे नाले के पास चल रहीं दुकानें
शहर के मोहल्ला खकरा में बने पुराना नाला लगभग 15 फुट गहरा है, जबकि लंबे समय से इस नाले को सुरक्षित बंद नहीं किया गया। यहां पर दो-तीन स्ट्रीट वेंडर्स अपने खाने-पीने की दुकानें लगाते हैं। लोग इस नाले की छोटी दीवार पर बैठे हैं, जबकि कई बार लोग इसमें गिरे हैं। फिर भी आजतक इस नाले को सुरक्षित नहीं किया गया।
अब जो भी नए नाले बनेंगे। वह कवर होंगे। इसी के साथ पुराने नालों को ढकने के लिए इस बोर्ड मीटिंग में मुद्दा उठाया जाएगा व जनहित में प्रस्ताव को पारित कर शहर के सभी नाले कार्ययोजना के साथ बंद किए जाएंगे। - संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद

शहर के मोहल्ला खकरा में स्ट्रीट वेंडर्स के पास नाले पर बैठा बच्चा। संवाद

शहर के मोहल्ला खकरा में स्ट्रीट वेंडर्स के पास नाले पर बैठा बच्चा। संवाद