{"_id":"0ad436ceea8b2c38d289169faf6e2368","slug":"dalits-demand-action-against-those-who-devour-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलितों को उजाडने वालों पर कार्रवाई की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलितों को उजाडने वालों पर कार्रवाई की मांग
पीलीभीत।
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पिछले दिनों गजरौला के गांव सिरसा सरदहा में राजस्व टीम द्वारा पुलिस के सहयोग से दलित परिवारों के मकान गिराए जाने की बसपा ने निंदा की है। प्रतिनिधि मंडल ने गांव का दौरा करने के बाद हाईकमान को रिपोर्ट भेजकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
गांव सिरसा सरदहा में ग्राम समाज की भूमि पर बसे दो ग्रामीणों के घर कुछ दिन पूर्व राजस्व टीम ने जेसीबी से गिरवा दिए थे। आरोप है एक छप्परपोश घर में आग भी लगा दी गई थी। मंगलवार को बसपा जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम ने नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा और ग्रामीणों ने घटना की जानकारी ली। जिलाध्यक्ष ने बताया कि दोनों दलित परिवार पिछले 40 वर्षों से ग्राम समाज की भूमि पर रह रहे थे और इसी आधार पर उनमें एक को मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता मिली थी। लेकिन सत्ता पक्ष के इशारे पर तहसील प्रशासन ने शासनादेश के विरुद्घ ग्रामीणों को बेदखल कर मकान गिरा दिए। उन्होंने बताया कि बसपा प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जांच में प्रधान पति, लेखपाल, कानूनगो व पुलिस को दोषी माना। साथ ही इनके खिलाफ दलित उत्पीड़न, बेघर करने, मानहानि आदि की कार्रवाई की मांग की जाती है। प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जांच रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भेजी है। प्रतिनिधि मंडल में जिला महासचिव रामऔतार गौतम, मंडल कोआर्डिनेटर रामसनेही गौतम, केदारनाथ गौतम, प्रदीप गौतम, राजेश गौतम, आदेश कुमार, सोमपानल गौतम शामिल रहे।
गांव सिरसा सरदहा में ग्राम समाज की भूमि पर बसे दो ग्रामीणों के घर कुछ दिन पूर्व राजस्व टीम ने जेसीबी से गिरवा दिए थे। आरोप है एक छप्परपोश घर में आग भी लगा दी गई थी। मंगलवार को बसपा जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम ने नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा और ग्रामीणों ने घटना की जानकारी ली। जिलाध्यक्ष ने बताया कि दोनों दलित परिवार पिछले 40 वर्षों से ग्राम समाज की भूमि पर रह रहे थे और इसी आधार पर उनमें एक को मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता मिली थी। लेकिन सत्ता पक्ष के इशारे पर तहसील प्रशासन ने शासनादेश के विरुद्घ ग्रामीणों को बेदखल कर मकान गिरा दिए। उन्होंने बताया कि बसपा प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जांच में प्रधान पति, लेखपाल, कानूनगो व पुलिस को दोषी माना। साथ ही इनके खिलाफ दलित उत्पीड़न, बेघर करने, मानहानि आदि की कार्रवाई की मांग की जाती है। प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जांच रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भेजी है। प्रतिनिधि मंडल में जिला महासचिव रामऔतार गौतम, मंडल कोआर्डिनेटर रामसनेही गौतम, केदारनाथ गौतम, प्रदीप गौतम, राजेश गौतम, आदेश कुमार, सोमपानल गौतम शामिल रहे।
विज्ञापन