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शाहजहांपुर रेल खंड के विद्युतीकरण का सीआरएस ने किया निरीक्षण
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बीसलपुर रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण कर रहे मुख्य संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खां। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। शाहजहांपुर रेल खंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद बृहस्पतिवार को रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिमंडल) मोहम्मद लतीफ खान ने डीआरएम आशुतोष पंत के साथ ट्रेन से निरीक्षण किया। इसके बाद स्पीड ट्रॉयल किया। 84 किलोमीटर का सफर इलेक्ट्रिक ट्रेन से 60 मिनट में पूरा हुआ।
रेल संरक्षा आयुक्त ने उत्तर रेलवे के शाहजहांपुर स्टेशन से बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े दस बजे निरीक्षण शुरू किया। विशेष निरीक्षण यान से उन्होंने बारीकी से शाहबाजनगर, निगोही, बीसलपुर रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर पैनल, पैदल उपरिगामी पुल, समपारों, पुलों, सब स्टेशन पॉवर, टावर वेगन शेड, ओएचई डिपो का जायजा किया। इसके बाद शाम करीब चार बजे पीलीभीत जंक्शन पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीलीभीत से विशेष ट्रेन को 100 की स्पीड में दौड़ाकर स्पीड ट्रायल शाम 5:10 मिनट पर शुरू किया था। ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन तक की 84 किलोमीटर की दूरी 60 मिनट में पूरी करते हुए 6:10 बजे पहुंच गई थी। कार्य की अनुमानित लागत करीब 35 करोड़ है। इस दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला, मुख्य परियोजना निदेशक सुधांशु दुबे, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (आरई) पीके सिंह, मुख्य सिगनल इंजीनियर एके सिंह आदि मौजूद रहे।
बीसलपुर : स्टेशन परिसर में बनाए गए बिजली घर को देखा
बीसलपुर। लखनऊ से आए रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खां ने रेलवे स्टेशन पर बिजली से ट्रेनों के संचालन के संबंध में विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर में बनाए गए बिजली घर को भी देखा। इससे पहले निगोही और शहबाजनगर रेलवे स्टेशन पर भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। रास्ते में गांव अर्जुनपुर के पास रेलवे फाटक नंबर 11 बी का भी मुआयना किया। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश देते हुए बताया कि इलेक्ट्रानिक ट्रेनें जब चलनी शुरू हो जाएंगी, तब कर्मचारी दो मीटर की दूरी पर रहेंगे। हाथों में लोहे की छड़ और छाता लेकर भी ट्रैक पर नहीं चलेंगे।
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रेल संरक्षा आयुक्त ने उत्तर रेलवे के शाहजहांपुर स्टेशन से बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े दस बजे निरीक्षण शुरू किया। विशेष निरीक्षण यान से उन्होंने बारीकी से शाहबाजनगर, निगोही, बीसलपुर रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर पैनल, पैदल उपरिगामी पुल, समपारों, पुलों, सब स्टेशन पॉवर, टावर वेगन शेड, ओएचई डिपो का जायजा किया। इसके बाद शाम करीब चार बजे पीलीभीत जंक्शन पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीलीभीत से विशेष ट्रेन को 100 की स्पीड में दौड़ाकर स्पीड ट्रायल शाम 5:10 मिनट पर शुरू किया था। ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन तक की 84 किलोमीटर की दूरी 60 मिनट में पूरी करते हुए 6:10 बजे पहुंच गई थी। कार्य की अनुमानित लागत करीब 35 करोड़ है। इस दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला, मुख्य परियोजना निदेशक सुधांशु दुबे, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (आरई) पीके सिंह, मुख्य सिगनल इंजीनियर एके सिंह आदि मौजूद रहे।
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बीसलपुर : स्टेशन परिसर में बनाए गए बिजली घर को देखा
बीसलपुर। लखनऊ से आए रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खां ने रेलवे स्टेशन पर बिजली से ट्रेनों के संचालन के संबंध में विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर में बनाए गए बिजली घर को भी देखा। इससे पहले निगोही और शहबाजनगर रेलवे स्टेशन पर भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। रास्ते में गांव अर्जुनपुर के पास रेलवे फाटक नंबर 11 बी का भी मुआयना किया। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश देते हुए बताया कि इलेक्ट्रानिक ट्रेनें जब चलनी शुरू हो जाएंगी, तब कर्मचारी दो मीटर की दूरी पर रहेंगे। हाथों में लोहे की छड़ और छाता लेकर भी ट्रैक पर नहीं चलेंगे।
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