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वाल्मीकि को दिया तो अछूत हो जाएगा टेंट

Tue, 23 Jun 2015 12:05 AM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Tue, 23 Jun 2015 12:05 AM IST
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इक्कीसवीं सदी में भी कुछ जातियां छुआछूत का दंश झेल रही हैं। बीसलपुर कोतवाली की पुलिस चौकी चुर्रासकतपुर क्षेत्र के गांव रिछोला में रहने वाले प्रेमपाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार का आयोजन करने के लिए टेंट इसलिए नहीं मिला कि वह वाल्मीकि बिरादरी के हैं। इतना ही नहीं, नाई ने भी उनके यहां बाल काटने से मना कर दिया। सोमवार को उन्होंने वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ अपनी व्यथा एसएसपी से बताई। 
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प्रेमपाल ने बताया कि उसके पिता ननकू लाल का 15 जून को निधन हो गया था। अंतिम संस्कार कार्यक्रम के लिए वह गांव स्थित टेंट हाउस से जब सामान लेने गया तो टेंट हाउस के मालिक ने सामान देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि यदि वह उन्हें सामान देगा तो गांव में रहने वाले दूसरे समुदाय के लोग उससे सामान नहीं लेंगे। उसके धंधे पर असर पड़ेगा। प्रेमपाल ने यह भी बताया कि नाई भी उनके बाल काटने से मना करता है।
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यह हाल तब है, जब उसके पिता आर्मी से रिटायर हुए थे। उसके चाचा भी आर्मी में हैं। प्रेमपाल का आरोप है कि वह वाल्मीकि समाज का है इसलिए उससे व गांव के अन्य वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ दूसरे समुदाय के लोग छुआछूत का व्यवहार कर रहे हैं। उसने इसे मानवाधिकार का खुला उल्लंघन बताते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
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प्रेमपाल के साथ गए अन्य लोगों ने भी इस बात को दोहराया कि प्रेमपाल के साथ जो बर्ताव किया गया है, वह अक्सर होता है। अन्य आयोजनों में भी दिक्कत होती है। एसपी को को सौंपे गए शिकायती पत्र में गांव के मुकेश वाल्मीकि, मनोज वाल्मीकि, राजेश वाल्मीकि समेत एक दर्जन वाल्मीकि समाज के लोगों के हस्ताक्षर किए हैं।


  इस बारे में एसपी जेके शाही ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने सीओ और कोतवाल को गांव पहुंचकर मामले की जांच करने के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कहा कि दोषी बक्शे नहीं जाएंगे।
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