फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Two of urea in Uttarakhand Youths killed in the accident

उत्तराखंड में न्यूरिया के दो  युवकों की हादसे में मौत

Sun, 08 May 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sun, 08 May 2016 11:01 PM IST
विज्ञापन
सिडकुल फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले न्यूरिया के दो युवकों की उत्तराखंड में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों युवक बाइक पर सवार होकर फैक्ट्री जा रहे थे। सिडकुल रोड पर पेट्रोल पंप के पास बाइक खड़ी ट्राली में घुस जाने से यह हादसा हुआ। सितारगंज पुलिस ने परिवारीजनों के आने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक युवक हेलमेट नहीं लगाए थे।
विज्ञापन

न्यूरिया थाना क्षेत्र के तुर्कपुर बढ़वार गांव निवासी योगेंद्र पाल (35) पुत्र डालचंद और मुनीष (20) पुत्र मदनलाल उत्तराखंड की सिडकुल फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। शनिवार को दोनों युवक योगेंद्र की ससुराल सितारगंज के सड़सड़ा गांव में रुके थे। यहां से देर शाम बाइक से फैक्ट्री जा रहे थे। सिडकुल रोड पर पेट्रोल पंप के नजदीक पहुंचते ही अचानक सामने से एक चार पहिया वाहन की तेज लाइट बाइक चालक की आंखों पर पड़ी और बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़ी एक ट्राली में जा घुसी, जिससे दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची सितारगंज पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा। यहां डाक्टरों ने योगेंद्र पाल को मृत घोषित कर दिया और मुनीष की हालत गंभीर होने पर हल्द्वानी रेफर कर दिया। जहां देर रात उसकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घरवाले उत्तराखंड पहुंचे और हादसे की जानकारी की। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। शव सायं गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। 
विज्ञापन


...और मातम में बदल गई दो परिवारों की खुशियां 
पीलीभीत। सिडकुल रोड पर दर्दनाक हादसे में मरने वाले दोनों युवक एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। बड़ी गृहस्थी और आमदनी कम। इसके बाद भी मेहनत मजदूरी कर एक खुशनुमा जीवन व्यतीत कर रहे थे। मृतक योगेंद्र की शादी दस साल पहले वीरावती से हुई। इससे उसको दो बच्चे प्रिया (8) और बेटा छह वर्षीय बेटा आदर्श है। बेटी का गांव के प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराकर उसको शिक्षित बनाना चाहता था, ताकि उसका भविष्य बेहतर बना सके। बेटे का भी स्कूल में दाखिला कराने का मन बना चुका था। दोनों बच्चों को शिक्षित करने और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रुपये की दिक्कत सामने न आए, इसके लिए मेहनत और अधिक करने लगा। उधर, मुनीष भी परिवार को आर्थिक मदद देना चाहता था। इसी के लिए उसने उत्तराखंड आकर मजदूरी शुरू कर दी थी। वह चार भाईयों सुनील, सचिन और अंकित में दूसरे नंबर का अविवाहित था। दोनों भले ही घर से दूर थे, मगर फोन पर हालचाल लेना नहीं भूलते थे। गांव के लोगों से हंसी-खुशी मिलने की आदत के कारण हर कोई उनके करीब था। ऐसे में शनिवार देर शाम आई दुखद सूचना ने गांव में कोहराम मचा दिया। दो खुशनुमा परिवार एक पल में गमगीन हो गए। मातमी सन्नाटा पसर गया, सिर्फ परिवारीजनों की विलाप की चीखें गूंज रही थी, जिसने भी सुना वह पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच गया। ग्राम प्रधान जियाउद्दीन ने परिवार को हरसंभव मदद का घरवालों को आश्वासन दिया। वहीं प्रशासन से भी गरीब परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed