गरीब की बेटी से गैंगरेप, रिपोर्ट मारपीट में दर्ज
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मजदूरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने वाले थाना क्षेत्र के एक गरीब व्यक्ति की विवाहित 20 वर्षीय बेटी के साथ गांव के तीन युवकों ने एक अन्य साथी की मदद से सामूहिक दुराचार किया। पीड़िता जब माता-पिता के साथ थाने गई तो पुलिस ने डाट-डपट दिया और मनमानी तहरीर लिखाकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के लिए भटक रही पीड़िता का मामला जब एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसओ को फोन पर फटकार लगाई। एसपी के आदेश पर जिला अस्पताल पहुंचे एसओ ने पीड़िता का मेडिकल कराने की प्रक्रिया शुरू करवा दी है।
थाना बरखेड़ा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि 21 नवंबर को उनके भाई के घर पर भंडारा था। उसकी पत्नी घर पर थी। वह अपनी पांच बेटियों के साथ भंडारे में था। रात करीब नौ बजे उसकी विवाहित बेटी खाना खाने के बाद घर लौट रही थी। रास्ते में गांव के तीन युवकों ने उसे दबोच लिया और पड़ोस स्थित एक खंडहर पड़े मकान में खींच ले गए। वहां युवकों ने सामूहिक दुराचार किया। शोर करने पर रास्ते से गुजर रहे गांव के लालता प्रसाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी और भाग निकले।
चंगुल से छूटी पीड़िता वापस चाचा के घर पहुंची और परिवार के लोगों को घटना बताई। परिवार के लोग उसे लेकर रात करीब 11.00 बजे थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिस ने उनके साथ गाली-गलौज की। गैंगरेप होने की बात कहने पर जेल भेजने की धमकी दी। पुलिस ने उससे और उसकी पुत्री से सादे कागज में अंगूठा लगवा लिए और तहरीर बदलकर तीनों आरोपियों के खिलाफ साधारण मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
पुलिस ने पिटाई के मामले में सोमवार को उसकी बेटी को एक महिला सिपाही के साथ जिला अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल बंद हो जाने के कारण उसका मेडिकल नहीं हो सका। मंगलवार को पुलिस ने खुद जाकर मेडिकल कराने की हिदायत दी। पीड़िता, परिवार वालों के साथ जब जिला अस्पताल पहुंची और गैंगरेप की घटना होने की बात बताकर मेडिकल परीक्षण को कहा तो डॉक्टर ने बिना पुलिस के मेडिकल परीक्षण करने से इंकार कर दिया। दोपहर तक पीड़िता अस्पताल में भटकती रही।
पत्रकारों के पूछे जाने पर जब मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसओ को फटकार लगाई और जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश दिए। एसपी के आदेश पर पहुंचे एसओ ने मजरूबी चिट्ठी बनाकर डॉक्टरों को दी और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। एक्सरे आदि न होने के कारण अभी मेडिकल पूरी तरह से नहीं हो सका है। डॉक्टर के मुताबिक बुधवार को एक्सरे आदि होने के बाद ही वह कुछ स्पष्ट कर सकेंगे।
सादे कागज पर लगवा लिया था अंगूठा
पीड़िता के पिता ने बताया कि वह, उनकी पत्नी व बच्चे सभी अनपढ़ हैं। उन्होंने दूसरे से तहरीर लिखवाकर पुत्री के साथ सामूहिक दुराचार होने की तहरीर पुलिस को दी थी। गालीगलौज करने के बाद थाने पर मौजूद सिपाहियों ने उसकी पुत्री से पहले पूछताछ की। बाद में उनके और पुत्री के सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया था। जब वह दूसरे दिन थाने गए और रिपोर्ट की नकल लेकर एक रिश्तेदार से उसे पढ़वाया तो पता चला कि पुलिस ने मुअसं 252/15 पर धारा 323 में रिपोर्ट दर्ज की है। जो साधारण मारपीट की धारा है।
एसओ की सफाई
पीड़िता के साथ किसी भी तरीके की कोई अभद्रता नहीं की गई। पुलिस को मारपीट करने की तहरीर दी थी। उसी के आधार पर रिपोर्ट लिखी गई है। महिला होमगार्ड को पीड़िता के साथ मारपीट होने पर मेडिकल के लिए भेजा गया था, लेकिन वह जिला अस्पताल नहीं पहुंची। इसकी अलग से जांच कराई जाएगी। मेडिकल परीक्षण की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। शेष जांचों की प्रक्रिया बुधवार को होंगी।
- सुरेश कुमार सिंह, एसओ बरखेड़ा
पूछने पर एसओ ने बताया कि पीड़िता के पिता ने जो तहरीर दी है, उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता ने उस समय गैंगरेप की बात नहीं कही थी। एसओ को जिला अस्पताल भेजा है। मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पीड़िता के कोर्ट में भी बयान कराए जाएंगे। गैंगरेप की धाराएं बढ़ाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- जवाहर, एसपी