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न कुछ बरामदगी और न शिनाख्त, डकैतियों का यह कैसा खुलासा
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:19 PM IST
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ताबड़तोड़ डकैती की घटनाओं के खुलासे पर काम कर रही पुलिस ने फरार चल रहे लखीमपुर खीरी के शातिर बदमाश लखपत उर्फ खोपड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके चार साथी भी पकड़े हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जिले के अलावा बाहरी घटनाओं का भी खुलासा कर दिया है लेकिन बरामदगी के नाम पर पुलिस के हाथ खाली हैं। पूर्व में घटित वारदातों में लूटी गई रकम, जेवर बरामद नहीं किया गया है, लेकिन एएसपी ने प्रेसवार्ता कर आधा-अधूरा खुलासा कर वाहवाही बटोरने की पूरी कोशिश की।
बुधवार को पुलिस ने डकैती की तमाम घटनाओं का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक शातिर बदमाश लखीमपुर खीरी जिले के भीरा निवासी लखपत उर्फ खोपड़ा, खरगापुर निवासी सुनील वर्मा, गोला कोतवाली क्षेत्र के सोठन गांव निवासी राजकुमार, गोला निवासी अंकित वर्मा और जहानाबाद के हरचुइया निवासी शाहिद उर्फ मामा को कल्लिया गांव में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। सभी बदमाश जायलो गाड़ी में सवार बताए गए। उनके पास से पांच तमंचे 13 कारतूस और नौ खोखा, दो टार्च बरामद हुईं। पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग भी हुई। इनसे संतोषपुरा, कैम, पंडरी, कनाकोर के अलावा शाहजहांपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर समेत तमाम जनपदों में हुई लूट की घटनाओं का खुलासा भी किया गया लेकिन माल बरामदगी कुछ भी नहीं हुई। खास बात यह है कि न्यूरिया थाने पहुंचे डकैती के पीड़ित भी बदमाशों की पहचान नहीं कर सके हैं। बुधवार दोपहर को आधी अधूरी तैयारी के साथ एएसपी विकास कुमार वैद्य ने खुलासा करते हुए पकड़े गए पांचों बदमाशों को मीडिया के सामने पेश किया। यह बात दीगर रही कि अफसरों के जवाब और दिए गए प्रेस नोट दोनों ही किसे के गले नहीं उतरे।
चोरी समेत पुरानी घटनाओं के भी खुलासे
पुलिस ने हाल ही में हुई वारदात के अलावा पकड़े गए बदमाशों पर पुरानी घटनाएं भी खोली हैं। पुलिस का दावा है कि उन वारदातों को भी खोपड़ा गैंग ने अंजाम दिया। न्यूरिया, अमरिया क्षेत्र में हुई डकैतियां और जहानाबाद में बंद मकान में हुई 15 लाख की चोरी की वारदात को भी बिना बरामदगी किए ही खुलासे के दावे कर दिए गए हैं।
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...तो जल्दबाजी में कर दिया खुलासा
इसमे कोई संदेह नहीं कि पकड़ा गया लखपत उर्फ खोपड़ा शातिर बदमाश है। उस पर 12 हजार रूपये ईनाम भी घोषित है। डकैती की घटनाओं का मास्टर माइंड भी उसे कहा जाता है। लेकिन सवाल बरामदगी को लेकर पुलिस के खुलासे पर उठ रहे हैं। जिस बदमाश को तीन महीने से पुलिस तलाश करती रही उसको पकडने के बाद बिना बरामदगी किए खुलासा कर देना गले नहीं उतर रहा है। इससे साफ है कि या तो पुलिस ने खुलासे में जल्दबाजी कर दी, या फिर खोपड़ा से सच उगलवाकर बरामदगी में पुलिस फेल रही है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
बचते रहे अफसर, निकाल दिए बदमाश
पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय में घटनाओं का खुलासा करते हुए पहले तो अफसर धरपकड़ की कहानी बयां करते रहे, लेकिन बाद में बरामदगी के सवालों पर घिरते ही कन्नी काटना शुरू कर दिया। तर्क दिया कि रिमांड पर लेने के बाद बरामदगी की जाएगी। इसके बाद जब मीडिया ने पकड़े गए बदमाशों से सवाल दागे तो उनको वहां से जल्दी से हटा दिया गया।
... और पा लिया पांच हजार का इनाम
बरामदगी भले ही न हो, लेकिन खोपड़ा को पकडना ही पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। शायद यही कारण रहा कि एसपी मुनिराज ने भी टीम के गुडवर्क को सराहा और पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
मुठभेड़ का किया गया ड्रामा
खुलासे में पुलिस बदमाशों को मंगलवार रात गांव कल्लिया नहर के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस दौरान नौ फायर बदमाशों ने और चार से पांच फायर पुलिस ने किए। यानी तकरीबन 13-14 राउंड गोली चलने के बाद बदमाश पकड़ में ओ लेकिन किसी गांव वाले को भनक तक नहीं लग सकी। ग्राम प्रधान ओमशंकर ने मंगलवार रात ऐसी किसी भी मुठभेड़ अथवा फायरिंग होने की बात से इंकार किया है।
पुलिस ने पांच बदमाश पकड़े हैं। शातिर खोपड़ा गैंग मंगलवार रात को दुबारा डकैती करने न्यूरिया के कल्लिया गांव आया था। सूचना पर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें पांचों पकड़े गए हैं। जिले के अलावा बाहरी घटनाएं भी गैंग ने कबूली हैं। बरामदगी रिमांड पर लेकर की जाएगी।
- विकास कुमार वैद्य, एएसपी
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बुधवार को पुलिस ने डकैती की तमाम घटनाओं का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक शातिर बदमाश लखीमपुर खीरी जिले के भीरा निवासी लखपत उर्फ खोपड़ा, खरगापुर निवासी सुनील वर्मा, गोला कोतवाली क्षेत्र के सोठन गांव निवासी राजकुमार, गोला निवासी अंकित वर्मा और जहानाबाद के हरचुइया निवासी शाहिद उर्फ मामा को कल्लिया गांव में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। सभी बदमाश जायलो गाड़ी में सवार बताए गए। उनके पास से पांच तमंचे 13 कारतूस और नौ खोखा, दो टार्च बरामद हुईं। पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग भी हुई। इनसे संतोषपुरा, कैम, पंडरी, कनाकोर के अलावा शाहजहांपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर समेत तमाम जनपदों में हुई लूट की घटनाओं का खुलासा भी किया गया लेकिन माल बरामदगी कुछ भी नहीं हुई। खास बात यह है कि न्यूरिया थाने पहुंचे डकैती के पीड़ित भी बदमाशों की पहचान नहीं कर सके हैं। बुधवार दोपहर को आधी अधूरी तैयारी के साथ एएसपी विकास कुमार वैद्य ने खुलासा करते हुए पकड़े गए पांचों बदमाशों को मीडिया के सामने पेश किया। यह बात दीगर रही कि अफसरों के जवाब और दिए गए प्रेस नोट दोनों ही किसे के गले नहीं उतरे।
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चोरी समेत पुरानी घटनाओं के भी खुलासे
पुलिस ने हाल ही में हुई वारदात के अलावा पकड़े गए बदमाशों पर पुरानी घटनाएं भी खोली हैं। पुलिस का दावा है कि उन वारदातों को भी खोपड़ा गैंग ने अंजाम दिया। न्यूरिया, अमरिया क्षेत्र में हुई डकैतियां और जहानाबाद में बंद मकान में हुई 15 लाख की चोरी की वारदात को भी बिना बरामदगी किए ही खुलासे के दावे कर दिए गए हैं।
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...तो जल्दबाजी में कर दिया खुलासा
इसमे कोई संदेह नहीं कि पकड़ा गया लखपत उर्फ खोपड़ा शातिर बदमाश है। उस पर 12 हजार रूपये ईनाम भी घोषित है। डकैती की घटनाओं का मास्टर माइंड भी उसे कहा जाता है। लेकिन सवाल बरामदगी को लेकर पुलिस के खुलासे पर उठ रहे हैं। जिस बदमाश को तीन महीने से पुलिस तलाश करती रही उसको पकडने के बाद बिना बरामदगी किए खुलासा कर देना गले नहीं उतर रहा है। इससे साफ है कि या तो पुलिस ने खुलासे में जल्दबाजी कर दी, या फिर खोपड़ा से सच उगलवाकर बरामदगी में पुलिस फेल रही है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
बचते रहे अफसर, निकाल दिए बदमाश
पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय में घटनाओं का खुलासा करते हुए पहले तो अफसर धरपकड़ की कहानी बयां करते रहे, लेकिन बाद में बरामदगी के सवालों पर घिरते ही कन्नी काटना शुरू कर दिया। तर्क दिया कि रिमांड पर लेने के बाद बरामदगी की जाएगी। इसके बाद जब मीडिया ने पकड़े गए बदमाशों से सवाल दागे तो उनको वहां से जल्दी से हटा दिया गया।
... और पा लिया पांच हजार का इनाम
बरामदगी भले ही न हो, लेकिन खोपड़ा को पकडना ही पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। शायद यही कारण रहा कि एसपी मुनिराज ने भी टीम के गुडवर्क को सराहा और पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
मुठभेड़ का किया गया ड्रामा
खुलासे में पुलिस बदमाशों को मंगलवार रात गांव कल्लिया नहर के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस दौरान नौ फायर बदमाशों ने और चार से पांच फायर पुलिस ने किए। यानी तकरीबन 13-14 राउंड गोली चलने के बाद बदमाश पकड़ में ओ लेकिन किसी गांव वाले को भनक तक नहीं लग सकी। ग्राम प्रधान ओमशंकर ने मंगलवार रात ऐसी किसी भी मुठभेड़ अथवा फायरिंग होने की बात से इंकार किया है।
पुलिस ने पांच बदमाश पकड़े हैं। शातिर खोपड़ा गैंग मंगलवार रात को दुबारा डकैती करने न्यूरिया के कल्लिया गांव आया था। सूचना पर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें पांचों पकड़े गए हैं। जिले के अलावा बाहरी घटनाएं भी गैंग ने कबूली हैं। बरामदगी रिमांड पर लेकर की जाएगी।
- विकास कुमार वैद्य, एएसपी