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किसान की मिल मालिक से विवाद के बाद मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sun, 22 May 2016 10:49 PM IST
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हादसा
- फोटो : pilibhit, beureu
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पुराने लेन-देन का हिसाब करने पत्नी के साथ मिल पहुंचे एक सिख किसान का बातचीत के दौरान मिल मालिक से विवाद हो गया। मिल मालिक से अपनी पुरानी जमीन वापस मिलते न देख आहत किसान की अचानक मिल परिसर में ही हालत खराब हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पत्नी ने मिल मालिक की ज्यादती और उत्पीड़न से पति की जान जाने का आरोप लगाते हुए वहां जमकर हंगामा किया, जिसके बाद उसके तमाम रिश्तेदार और शुभचिंतक भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवार वाले मिल मालिक को मौके पर बुलाने और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पूरी होने के बाद ही शव मौके से उठाने देने की जिद पर अड़े हुए हैं।
क्षेत्र के ग्राम सिरसा चुर्रा निवासी सुखविंदर कौर ने बताया कि रविवार दोपहर बाद वह अपने पति गुरनाम सिंह के साथ नगर के राम जी राइस मिल पर पुराने लेनदेन का हिसाब करने पहुंची थीं। सुखविंदर कौर ने बताया कि 15 साल पहले उनके पति ने मिल मालिक उमेश गुप्ता से 25 हजार हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा था। कुछ वर्ष पहले पति ने जब हिसाब किया तो ब्याज सहित यह रकम साठ हजार उमेश गुप्ता ने बताई। उमेश गुप्ता ने तब उनके पति से कहा था कि वह अपनी चार बीघा जमीन उसके नाम लिख दे। जब वह ब्याज समेत रकम अदा करेगा तब वह उनकी जमीन लौटा देगा। महिला ने बताया कि एक दिन पहले मिल मालिक को उसके पति ने यह बताया था कि वह उनकी रकम ब्याज समेत अदा करने को तैयार हैं, वह उनकी जमीन वापस कर दें। मिल मालिक ने भी इसके लिए हामी भर ली थी। पत्नी ने बताया कि दोपहर बाद वह जब अपने पति के साथ पहुंची तो मिल मालिक का रवैया बदला हुआ था। उसकी नीयत में खोट आ गई थी। वह पैसा लेकर जमीन देने को तैयार नहीं था। वह जमीन छोड़ने के बदले कुछ और रकम पति से चाहता था। इस बात को लेकर उसके पति और मिल मालिक का काफी देर विवाद चला। आरोप है कि मिल मालिक ने उसके पति को काफी भला-बुरा कहा। इसी बीच उसके पति की अचानक हालत खराब हो गई। मिल परिसर में ही उन्हें उल्टी हुई। जब तक वह उन्हें कहीं ले जाने की कोशिश करती तब तक उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से मिल मालिक मौके से खिसक लिया। इस घटना के बाद महिला ने काफी हंगामा किया, जिसके बाद उसके कई रिश्तेदार, शुभचिंतक भी मौके पर पहुंच गए। मृतक किसान की पत्नी ने अपने पति के लिए मिल मालिक उमेश गुप्ता को जिम्मेदार बताया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिवार वाले आरोपी मिल मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने, जमीन वापस कराने आदि की मांग पूरी होने के बाद ही शव मौके से उठने देने की मांग पर अड़े हुए थे।
हिसाब दो दिन पूर्व हो गया था। गुरनाम से रुपये देकर जमीन वापस लेेने की बात भी तय हुई थी। रविवार को उससे हिसाब के रुपये के साथ आने को कहा था, लेकिन वह आया तो जरूर लेकिन रुपये नहीं लाया और बिना रुपये लाए जमीन लौटाने का दबाव बनाने लगा। इस बात को लेकर कुछ कहा सुनी हुई, जिसके बाद गुुरनाम की अचानक तबीयत खराब हो गई। मैंने अस्पताल दिखाने के लिए ठिलिया भी मंगवाई, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
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- उमेश गुप्ता, मिल मालिक
सूचना पर मैं फोर्स के साथ मौके पर पहुंचा हूं। परिवार वालों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
- जितेंद्र सिंह यादव, थानाध्यक्ष
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क्षेत्र के ग्राम सिरसा चुर्रा निवासी सुखविंदर कौर ने बताया कि रविवार दोपहर बाद वह अपने पति गुरनाम सिंह के साथ नगर के राम जी राइस मिल पर पुराने लेनदेन का हिसाब करने पहुंची थीं। सुखविंदर कौर ने बताया कि 15 साल पहले उनके पति ने मिल मालिक उमेश गुप्ता से 25 हजार हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा था। कुछ वर्ष पहले पति ने जब हिसाब किया तो ब्याज सहित यह रकम साठ हजार उमेश गुप्ता ने बताई। उमेश गुप्ता ने तब उनके पति से कहा था कि वह अपनी चार बीघा जमीन उसके नाम लिख दे। जब वह ब्याज समेत रकम अदा करेगा तब वह उनकी जमीन लौटा देगा। महिला ने बताया कि एक दिन पहले मिल मालिक को उसके पति ने यह बताया था कि वह उनकी रकम ब्याज समेत अदा करने को तैयार हैं, वह उनकी जमीन वापस कर दें। मिल मालिक ने भी इसके लिए हामी भर ली थी। पत्नी ने बताया कि दोपहर बाद वह जब अपने पति के साथ पहुंची तो मिल मालिक का रवैया बदला हुआ था। उसकी नीयत में खोट आ गई थी। वह पैसा लेकर जमीन देने को तैयार नहीं था। वह जमीन छोड़ने के बदले कुछ और रकम पति से चाहता था। इस बात को लेकर उसके पति और मिल मालिक का काफी देर विवाद चला। आरोप है कि मिल मालिक ने उसके पति को काफी भला-बुरा कहा। इसी बीच उसके पति की अचानक हालत खराब हो गई। मिल परिसर में ही उन्हें उल्टी हुई। जब तक वह उन्हें कहीं ले जाने की कोशिश करती तब तक उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से मिल मालिक मौके से खिसक लिया। इस घटना के बाद महिला ने काफी हंगामा किया, जिसके बाद उसके कई रिश्तेदार, शुभचिंतक भी मौके पर पहुंच गए। मृतक किसान की पत्नी ने अपने पति के लिए मिल मालिक उमेश गुप्ता को जिम्मेदार बताया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिवार वाले आरोपी मिल मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने, जमीन वापस कराने आदि की मांग पूरी होने के बाद ही शव मौके से उठने देने की मांग पर अड़े हुए थे।
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हिसाब दो दिन पूर्व हो गया था। गुरनाम से रुपये देकर जमीन वापस लेेने की बात भी तय हुई थी। रविवार को उससे हिसाब के रुपये के साथ आने को कहा था, लेकिन वह आया तो जरूर लेकिन रुपये नहीं लाया और बिना रुपये लाए जमीन लौटाने का दबाव बनाने लगा। इस बात को लेकर कुछ कहा सुनी हुई, जिसके बाद गुुरनाम की अचानक तबीयत खराब हो गई। मैंने अस्पताल दिखाने के लिए ठिलिया भी मंगवाई, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
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- उमेश गुप्ता, मिल मालिक
सूचना पर मैं फोर्स के साथ मौके पर पहुंचा हूं। परिवार वालों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
- जितेंद्र सिंह यादव, थानाध्यक्ष