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Meerut News: संशोधित...किसान नेताओं की पिटाई और नचवाने के मामले की सुरक्षित रखें फुटेज, दर्ज की जाए प्राथमिकी
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सीसीएसयू गेट पर रोका पैदल मार्च, एडीएम और एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन
- प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी से उनके कार्यालय में की मुलाकात
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव से एसएसपी कार्यालय में पिटाई और एसओजी दफ्तर में नचवाने के मामले में सोमवार को प्रदर्शन कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। बहुजन समाज के लोगों का पैदल न्याय मार्च चौधरी चरण सिंह विवि के गेट पर रोक लिया गया। यहां एडीएम सिटी बृजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना के दिन की एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखने की मांग की। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
सीसीएसयू पहुंचे बहुजन समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर दलित और गुर्जर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने बताया कि किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने अपने दफ्तर में पीटा था। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित एसओजी दफ्तर में ले जाकर खलनायक फिल्म के गीत और छत पर सोया था बहनोई... गीत पर नचवाया गया। दिग्विजय भाटी के आंख में गंभीर चोट आई है और उनकी रोशनी भी प्रभावित हुई है। इस प्रकरण में तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड को निलंबित किया गया है। इससे पहले उनके साथ आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
इसके बाद इस मामले में न तो पिटाई से घायल हुए किसान नेताओं का सही तरीके से चिकित्सा परीक्षण कराया गया है और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। एससी-एसटी अधिनियम की धारा में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने डीएम और एसएसपी को संबोधित ज्ञापन में अनुसूचित जाति की छात्रा की हत्या के मामले में आठ जुलाई को डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी की भी समीक्षा करने और नामजद किए गए निर्दोष लोगों को न्याय और सुरक्षा की मांग की।
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प्रदर्शन में शामिल सुशील गौतम ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर विजय बहादुर अधिवक्ता, विकास कुमार, विनय राज, अजय, शशिकांत, प्रमोद शेरगढ़ी, रितिक जाटव, हर्ष शेरगढ़ी, सागर लिसाड़ी आदि मौजूद रहे।
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- प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी से उनके कार्यालय में की मुलाकात
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव से एसएसपी कार्यालय में पिटाई और एसओजी दफ्तर में नचवाने के मामले में सोमवार को प्रदर्शन कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। बहुजन समाज के लोगों का पैदल न्याय मार्च चौधरी चरण सिंह विवि के गेट पर रोक लिया गया। यहां एडीएम सिटी बृजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना के दिन की एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखने की मांग की। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
सीसीएसयू पहुंचे बहुजन समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर दलित और गुर्जर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने बताया कि किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने अपने दफ्तर में पीटा था। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित एसओजी दफ्तर में ले जाकर खलनायक फिल्म के गीत और छत पर सोया था बहनोई... गीत पर नचवाया गया। दिग्विजय भाटी के आंख में गंभीर चोट आई है और उनकी रोशनी भी प्रभावित हुई है। इस प्रकरण में तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड को निलंबित किया गया है। इससे पहले उनके साथ आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
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इसके बाद इस मामले में न तो पिटाई से घायल हुए किसान नेताओं का सही तरीके से चिकित्सा परीक्षण कराया गया है और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। एससी-एसटी अधिनियम की धारा में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने डीएम और एसएसपी को संबोधित ज्ञापन में अनुसूचित जाति की छात्रा की हत्या के मामले में आठ जुलाई को डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी की भी समीक्षा करने और नामजद किए गए निर्दोष लोगों को न्याय और सुरक्षा की मांग की।
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प्रदर्शन में शामिल सुशील गौतम ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर विजय बहादुर अधिवक्ता, विकास कुमार, विनय राज, अजय, शशिकांत, प्रमोद शेरगढ़ी, रितिक जाटव, हर्ष शेरगढ़ी, सागर लिसाड़ी आदि मौजूद रहे।