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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Meat is not the intent of selling the drug to raise Rs!

मांस बेचकर नशे के लिए रुपये जुटाने की मंशा तो नहीं!

Tue, 21 Feb 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत/अमरिया।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत/अमरिया। Updated Tue, 21 Feb 2017 10:58 PM IST
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Meat is not the intent of selling the drug to raise Rs!
हत्‍या - फोटो : अमर उजाला
खाल उतारने के बाद टुकड़े कर पॉलीथीन में रखने से जताई जा रही आशंका
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एक दिन पहले भी रुपये न मिलने पर  मां पर कर चुका था हमला 

 मासूम मोनिस की नृशंस हत्या के पीछे क्या कारण रहे, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवार को कुकर्म में असफल होने के बाद मासूम की हत्या करने की आशंका प्रतीत हो रही है। इसी के आधार पर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन घटनास्थल पर जिस तरह से शव को खाल उतारने के बाद कई टुकड़ों में किया गया उससे मामला काफी अलग दिख रहा है। 
गांव वालों के अनुसार आरोपी स्मैक का आदी है। इसके लिए रुपये न मिलने से वह क्रूर हो चुका था। लोगों ने बताया कि सोमवार को उसने नशे के लिए अपनी मां से रुपये मांगे थे। मां ने इंकार किया तो बांका लेकर उसको काफी दूर तक दौड़ाया था। हालांकि कुछ देर बाद वह शांत हो गया था। मंगलवार को भी उसे नशे की लत सता रही थी। नशे के चलते कोई काम भी नहीं कर पाता था। नशा करने के लिए रुपये की जरूरत थी। घटना स्थल पर शव के टुकड़े किया जाना, उसकी खाल उतारना और कुछ छोटी पन्नियों का मौके पर पड़ा होना और उसमें से एक पन्नी में मांस के कुछ टुकड़े रखे होना कुछ और ही बयां कर रहे हैं। इन हालातों को देख कहा जा रहा है कि आरोपी बच्चे की हत्या कर उसके मांस को किसी पशु का मांस बता कर गांव में बेच नशे भर के लिए पैसा जुटाना चाहता होगा। गांव में इसकी चर्चाएं भी रहीं। क्योंकि हत्या के बाद अगर शव छिपाना मकसद होता तो वह टुकड़े  के लिए ही टुकड़े करने होते तो वह खाल क्यों उतारता? 
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निठारी कांड से जोड़ने लगे वारदात
एक तरफ जहां पुलिस के पास हत्या की वजह को लेकर कोई जवाब नहीं था, वहीं भीड़ में शामिल लोगों को सीधे निठारी कांड की यादें ताजा हो गईं। आरोपी जब पकड़ा गया तो उसके मुंह पर खून लगा था। जिससे कई लोग शव के टुकड़े करने के बाद मांस खाने तक की आशंका जाहिर करने लगे थे। हालांकि पुलिस ने मांस खाने की बात को सिरे से नकारा है। 
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गश खाकर गिर गए पिता, परिवार में मातम 
मृतक मोनिस आठ भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उससे बड़े अजीम, वसीम, शीवा, मोईद, अलीम, शिफा, मोहसिन हैं। मृतक का दाखिला अभी स्कूल में नहीं हुआ था। सबसे छोटा होने के कारण वह सभी का लाडला था। अचानक उसकी हत्या का पता लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वाले मौके पर पहुंचे। जिसके बाद बेटे का कई टुकड़ों में शव पड़ा देख खुद को संभाल न सके। चीख पुकार के बीच पिता नईम गश खाकर बार -बार बेहोश होते रहे। मां बेबी का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद और ढांढस बंधाने में जुटा रहा। 

फांसी की मांग को लेकर कस्बे में उमड़ा आक्रोश
थाना अमरिया पहुंचकर भीड़ ने की मांग, समझाते रहे अफसर 
भीउ़ की संख्या देख बुलाई गई आसपास के थानों की फोर्स 

 वैसे तो जिले में पहले भी मासूमों से दरिंदगी और हत्या की वारदातें हो चुकी है। दरिंगदी के बाद उनको मौत के घाट भी उतारा जा चुका है, लेकिन अमरिया के मोनिस हत्या का मामला लोगों को झंकझोर गया। मासूम को मारने के बाद उसकी खाल उतारकर टुकड़े करना सभी का दिलदहला गया। 
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ ही आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग लेकर कस्बे वासियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा। करीब दो सौ से अधिक की संख्या में परिवारीजनों के साथ थाना अमरिया पहुंची भीड़ ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग शुरू कर दी। एसपी देवरंजन वर्मा, एएसपी डा.रामसुरेश यादव, सीओ सिटी अनुराग दर्शन भीड़ को समझाने में लगे रहे। लोगों से बातचीत की गई और जल्द चार्जशीट पेश कर सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। इस पर लोगों को शंात किया जा सका। अफसरों से बातचीत के बाद थाना परिसर के बाहर भीड़ काफी देर तक जमा रही। जिसको लेकर आसपास के थाने से भी पुलिस बल को मौके पर एहतियातन बुलाया गया। इसके बाद भीड़ के हटने पर आरोपी नजीम को मेडिकल के लिए पुलिस ले गई। 

मीडिया से रखा दूर, लगा दिया पहरा 
आरोपी को पुलिस ने भीड़ से ही नहीं बल्कि मीडिया से भी दूर रखा। हवालात के बाहर सुरक्षा पहरा लगा दिया गया। ताकि कोई उससे बातचीत न कर सके। पुलिस अधिकारी सिर्फ यही बताते रहे कि आरोपी नशे में है और सिर्फ हत्या की बात को कबूल किया है। कारण को लेकर कुछ नहीं बताया है। न ही उसको घटना के बाद कोई पछतावा है। कुछ मीडिया वालों ने जब आरोपी से बातचीत करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया।


 
नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई से बचती है पुलिस!
पीलीभीत। पुलिस, पीड़ित परिवार से लेकर कस्बे के लोगों की मानें तो आरोपी स्मैक के नशे का आदी है। उसके पिता भी पूर्व में नशीला पदार्थ की बिक्री करने में पकड़े गए थे। छह साल के मासूम मोनिस की हत्या के पीछे नशा अहम कारण रहा है। पुलिस सख्त कार्रवाई की बात तो कर रही है, लेकिन घटना के पीछे काफी हद तक खाकी की लापरवाही भी जिम्मेदार है। शहर से लेकर देहात तक गली-नुक्कड़ पर नशे का कारोबार खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर साठगांठ के  चलते कार्रवाई सीमित रह जाती है। अफसरों का दबाव बढने पर ही इक्का-दुक्का को पकड़कर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली जाती है। नतीजतन कारोबार दिनोदिन बढ़ता जा रहा है। जिसको पुलिस अनदेखा करने पर जुटी है। अभिलेख दुरुस्त करने या फिर अफसरों की फटकार से बचने से अधिक कार्रवाई नहीं की जाती। 
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