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बिजली गिरने से बालिका झुलसी, रेत में दबाया
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 21 May 2016 11:04 PM IST
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हादसा
- फोटो : pilibhit, beureu
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घर के आंगन में परिवारीजनों के साथ खेल रही दस साल की मासूम बालिका अचानक बिजली गिरने से झुलस गई। लड़की को इलाज के लिए डाक्टर के पास ले जाने के बजाए परिवारीजन उसको रात से रेत में दबाकर रखे हुए हैं। साथ ही उसकी हालत में सुधार होने के भी दावे किए जा रहे हैं।
थाना क्षेत्र के गांव नवदिया सुखदासपुर के रहने वाले नन्हेलाल खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। शुक्रवार रात को वह पत्नी राजवती और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर आंगन में बैठे थे। उसकी दस वर्षीय बेटी नेहा खेल रही थी। रात करीब साढ़े दस बजे अचानक उसके ऊपर बिजली गिरी और वह गंभीर रूप से झुलस गई। पूरे परिवार में बेटी के स्वास्थ्य को लेकर हाहाकार मच गया। कुछ ही देर में हादसे का पता लगते ही गांव के लोग मौके पर एकजुट हो गए, लेकिन बालिका को डाक्टर के पास इलाज कराने के लिए ले जाने की बजाए अंधविश्वास के चलते उसको रेत में दबा दिया गया। घरवालों का मानना है कि ऐसा करने से उनकी बेटी ठीक हो जाएगी। उसका मुंह खुला छोड़कर पूरा शरीर रेत में दबा हुआ है। दूसरे दिन शनिवार को भी बच्ची को रेत से बाहर नहीं निकाला गया है। घरवालों का कहना है कि ये उनका एक देशी इलाज है। जोकि वह पहले से करते आ रहे हैं। यह भी दावा किया कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। उधर, पुलिस पूरे मामले से अंजान बनी हुई है। सूचना न होने की बात कहकर अनभिज्ञता जताई जा रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव नवदिया सुखदासपुर के रहने वाले नन्हेलाल खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। शुक्रवार रात को वह पत्नी राजवती और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर आंगन में बैठे थे। उसकी दस वर्षीय बेटी नेहा खेल रही थी। रात करीब साढ़े दस बजे अचानक उसके ऊपर बिजली गिरी और वह गंभीर रूप से झुलस गई। पूरे परिवार में बेटी के स्वास्थ्य को लेकर हाहाकार मच गया। कुछ ही देर में हादसे का पता लगते ही गांव के लोग मौके पर एकजुट हो गए, लेकिन बालिका को डाक्टर के पास इलाज कराने के लिए ले जाने की बजाए अंधविश्वास के चलते उसको रेत में दबा दिया गया। घरवालों का मानना है कि ऐसा करने से उनकी बेटी ठीक हो जाएगी। उसका मुंह खुला छोड़कर पूरा शरीर रेत में दबा हुआ है। दूसरे दिन शनिवार को भी बच्ची को रेत से बाहर नहीं निकाला गया है। घरवालों का कहना है कि ये उनका एक देशी इलाज है। जोकि वह पहले से करते आ रहे हैं। यह भी दावा किया कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। उधर, पुलिस पूरे मामले से अंजान बनी हुई है। सूचना न होने की बात कहकर अनभिज्ञता जताई जा रही है।
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