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तेंदुए के हमले में डिप्टी रेंजर सहित चार घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 07 May 2016 11:46 PM IST
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हमला
- फोटो : pilibhit, beureu
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जंगल से भटककर गांव की तरफ पहुंचे तेंदुए ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। इसकी सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे ग्रामीणों की मदद से पॉलेज के एक खेत में घेर लिया। इस बीच उसने तीन बार खेत से निकलकर लोगों पर हमला किया, जिसमें डिप्टी रेंजर सहित कुल चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। इसके अलावा उसे बेहोश कर पकड़ने के लिए इटावा से भी एक टीम बुलाई गई है। दिन छिपने तक वनकर्मी और ग्रामीणों के अलावा डीएफओ टाइगर रिजर्व कैलाश प्रकाश व डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार मौके पर डटे रहे।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव जंगरौली आशा निवासी 35 वर्षीय ओमकार अपनी पत्नी प्रेमवती एवं बच्चों राजकुमार और अरुण के साथ खेत में मिर्च तोड़ने पहुंचा था। जहां पहले से ही मौजूद तेंदुए ने दोपहर करीब एक बजे उन पर हमला कर दिया। इसमें ओमकार घायल हो गया। पत्नी और बच्चों के शोर मचाने तथा हमले के दौरान तेंदुए की दहाड़ सुन आसपास खेतों में काम कर रहे लोग ओमप्रकाश को बचाने के लिए भागे, जिस पर तेंदुआ पड़ोस के गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल पहुंचा कर वन विभाग को सूचना दी। इस पर सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को पीछे हटने को कहा, लेकिन वह नहीं मानें। इस बीच तेंदुए ने पुन: हमला कर पहले गांव के ही दुलीराम (35) और इसके कुछ देर बाद डिप्टी रेंजर अरुण मोहन पर हमला कर उन्हें घायल दिया। हमले के बाद तेंदुआ पड़ोस में पॉलेज के खेत में छिपकर बैठ गया। करीब पांच बजे तक तेंदुआ उसमें बैठा रहा। इस बीच सुनगढ़ी और न्यूरिया पुलिस और टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। तेंदुए को पकड़ने को पिंजरा मंगवाया गया था और उसे खेत में लगाने की व्यवस्था हो रही थी। इस दौरान लोगों को अपनी ओर बढ़ते देख तेंदुआ एक बार फिर अचानक खेत से निकल ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में भिकारीपुर निवासी 22 वर्षीय इमरान घायल हो गया। चौथा हमला होने के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव कर खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। इस पर डीएफओ टाइगर रिजर्व व सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने खेत के करीब पिजरा रखवाने के साथ ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने इसके लिए एक बकरी का बच्चा भी पिजरे में बंद करने के लिए मंगवा लिया। अपने वाहन भी खेत के करीब खड़े कर लिए। तब जाकर ग्रामीणों को गुस्सा कुछ हद तक ठंडा पड़ा। वन विभाग की टीम व कई थानों की पुलिस व हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद है। देर सायं तक सभी तेंदुए को पकड़ने का प्रयास करते रहे।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव जंगरौली आशा निवासी 35 वर्षीय ओमकार अपनी पत्नी प्रेमवती एवं बच्चों राजकुमार और अरुण के साथ खेत में मिर्च तोड़ने पहुंचा था। जहां पहले से ही मौजूद तेंदुए ने दोपहर करीब एक बजे उन पर हमला कर दिया। इसमें ओमकार घायल हो गया। पत्नी और बच्चों के शोर मचाने तथा हमले के दौरान तेंदुए की दहाड़ सुन आसपास खेतों में काम कर रहे लोग ओमप्रकाश को बचाने के लिए भागे, जिस पर तेंदुआ पड़ोस के गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल पहुंचा कर वन विभाग को सूचना दी। इस पर सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को पीछे हटने को कहा, लेकिन वह नहीं मानें। इस बीच तेंदुए ने पुन: हमला कर पहले गांव के ही दुलीराम (35) और इसके कुछ देर बाद डिप्टी रेंजर अरुण मोहन पर हमला कर उन्हें घायल दिया। हमले के बाद तेंदुआ पड़ोस में पॉलेज के खेत में छिपकर बैठ गया। करीब पांच बजे तक तेंदुआ उसमें बैठा रहा। इस बीच सुनगढ़ी और न्यूरिया पुलिस और टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। तेंदुए को पकड़ने को पिंजरा मंगवाया गया था और उसे खेत में लगाने की व्यवस्था हो रही थी। इस दौरान लोगों को अपनी ओर बढ़ते देख तेंदुआ एक बार फिर अचानक खेत से निकल ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में भिकारीपुर निवासी 22 वर्षीय इमरान घायल हो गया। चौथा हमला होने के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव कर खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। इस पर डीएफओ टाइगर रिजर्व व सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने खेत के करीब पिजरा रखवाने के साथ ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने इसके लिए एक बकरी का बच्चा भी पिजरे में बंद करने के लिए मंगवा लिया। अपने वाहन भी खेत के करीब खड़े कर लिए। तब जाकर ग्रामीणों को गुस्सा कुछ हद तक ठंडा पड़ा। वन विभाग की टीम व कई थानों की पुलिस व हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद है। देर सायं तक सभी तेंदुए को पकड़ने का प्रयास करते रहे।
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