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कार्रवाई के बजाए भीड़ से उलझते रहे कोतवाल
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:28 PM IST
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दुष्कर्म करने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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मामले को प्रेम प्रसंग बताकर दबाने की होती रही पुलिस की कोशिशें
घंटों लगा रहा कोतवाली में हिंदू संगठनों के नेताओं का जमावड़ा
एक तरफ किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप और दूसरी तरफ दोनों का अलग-अलग समुदाय से होने के कारण मामला कुछ ही देर में काफी संजीदा बनता गया। हिंदू संगठनों के कई नेता कोतवाली पहुंच गए। दिनदहाड़े घटना पर रोष जाहिर करते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इधर कोतवाल मामले को प्रेम प्रसंग बताने में जुटे रहे। संगीन वारदात में लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बिफर गए। शहर कोतवाल देशपाल सिंह और हिजामं नेता मोहित रामचंदानी के बीच तीखी बहस हुई। खास बात रही कि पुलिस गहनता से जांच कर कार्रवाई करने के बजाए भीड़ से उलझने व बेबाक बयानबाजी में लगी रही।
यही नहीं किशोरी व आरोपी के कोतवाली पहुंचने के तीन घंटे बाद तक पुलिस कार्रवाई तय नहीं कर सकी। संगीन आरोपों के बीच वारदात को प्रेम प्रसंग का बताकर दबाने का प्रयास किया जाता रहा। कार्रवाई की मांग करने पर भीड़ में शामिल हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं से बहस करने पर अधिक जोर दिया गया, न कि किशोरी से बातचीत कर सच पता करने और उसके परिवार को सूचना देने पर। भीड़ में शामिल लोग ही किशोरी से जानकारी कर उसके परिवार तक पहुंचे। जिसके बाद माता-पिता, बाबा और चाचा कोतवाली आ गए। परिवारीजनों के पहुंचने के बाद भी पुलिस घटना को लेकर संजीदा नहीं दिखाई दी। एक सिपाही भीड़ पर वर्दी का रौब झाड़ने में जुटा रहा। किशोरी के साथ हुई वारदात से अधिक आरोपी के साथ की गई मारपीट और प्रेम प्रसंग पर पुलिस की जांच होती रही। इसके बाद पिता से तहरीर मिलने पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सका। कोतवाल देशपाल सिंह ने बताया कि पिता से मिली तहरीर पर केस दर्ज कर किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही दुष्कर्म को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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घंटों लगा रहा कोतवाली में हिंदू संगठनों के नेताओं का जमावड़ा
एक तरफ किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप और दूसरी तरफ दोनों का अलग-अलग समुदाय से होने के कारण मामला कुछ ही देर में काफी संजीदा बनता गया। हिंदू संगठनों के कई नेता कोतवाली पहुंच गए। दिनदहाड़े घटना पर रोष जाहिर करते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इधर कोतवाल मामले को प्रेम प्रसंग बताने में जुटे रहे। संगीन वारदात में लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बिफर गए। शहर कोतवाल देशपाल सिंह और हिजामं नेता मोहित रामचंदानी के बीच तीखी बहस हुई। खास बात रही कि पुलिस गहनता से जांच कर कार्रवाई करने के बजाए भीड़ से उलझने व बेबाक बयानबाजी में लगी रही।
यही नहीं किशोरी व आरोपी के कोतवाली पहुंचने के तीन घंटे बाद तक पुलिस कार्रवाई तय नहीं कर सकी। संगीन आरोपों के बीच वारदात को प्रेम प्रसंग का बताकर दबाने का प्रयास किया जाता रहा। कार्रवाई की मांग करने पर भीड़ में शामिल हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं से बहस करने पर अधिक जोर दिया गया, न कि किशोरी से बातचीत कर सच पता करने और उसके परिवार को सूचना देने पर। भीड़ में शामिल लोग ही किशोरी से जानकारी कर उसके परिवार तक पहुंचे। जिसके बाद माता-पिता, बाबा और चाचा कोतवाली आ गए। परिवारीजनों के पहुंचने के बाद भी पुलिस घटना को लेकर संजीदा नहीं दिखाई दी। एक सिपाही भीड़ पर वर्दी का रौब झाड़ने में जुटा रहा। किशोरी के साथ हुई वारदात से अधिक आरोपी के साथ की गई मारपीट और प्रेम प्रसंग पर पुलिस की जांच होती रही। इसके बाद पिता से तहरीर मिलने पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सका। कोतवाल देशपाल सिंह ने बताया कि पिता से मिली तहरीर पर केस दर्ज कर किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही दुष्कर्म को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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