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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Jehanabad police question mark on Gudwark

जहानाबाद पुलिस के गुडवर्क पर उठे सवाल

Wed, 11 May 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Wed, 11 May 2016 11:36 PM IST
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जहानाबाद पुलिस की ओर से बाइक चोरी का खुलासा किए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि गुडवर्क पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। पुलिस पर गलत तरीके से दो बेगुनाहों को जेल भेजने का आरोप लग रहा है। बरामद की गई एक बाइक के कागजात भी मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के साथ बरेली से आए एक आरोपी के घर वालों ने एएसपी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 
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मंगलवार को पुलिस ने बहेड़ी थाना क्षेत्र के बांसबोझ गांव के रहने वाले जीवन सिंह और मोतीराम को बाइक चोर बताकर जेल भेजा था। उनके कब्जे से चोरी की तीन बाइक बरामद करने का दावा भी किया था। पुलिस ने एक अभियुक्त से 315 बोर का तमंचा भी बरामद दिखाया। खुलासे के चंद घंटे बाद ही पुलिस क टघरे में आ गई है। जेल भेजे गए आरोपी जीवन के पिता भगवानदास ने पुलिस के गुडवर्क को साजिश बताया है। दर्जनों लोगों के साथ देर शाम पुलिस लाइन पहुंचे जीवन के पिता ने एएसपी को दिए पत्र में कहा है कि 24 अप्रैल को दियोरनिया के दमखोड़ा गांव के कुछ लोगों से उनका विवाद हुआ था। इसमें बाइक चोरी में जेल भेजे गए दोनों युवक गवाह हैं। इसमें कुछ रसूखदार लोग फंसे हैं, सो उन्होंने पुलिस से साठगांठ कर उनके  बेटे और भतीजे को फंसाने की साजिश रची है। आठ मई की रात एक बजे दर्जन भर लोग असलहे लेकर उनके घर में घुस आए। इनमें दो लोग पुलिस की वर्दी में थे। ये लोग जीवन और मोतीराम को घर से उठा ले गए। घर पर खड़ी एक बाइक भी साथ ले गए। जानकारी करने पर पता चला कि घर में घुसने वालों में जहानाबाद पुलिस भी शामिल थी। 
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एक सिपाही पर साठगांठ का आरोप 
पुलिस लाइन आए लोगों ने बिजनौर में तैनात एक सिपाही पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति के दबाव में पुलिस ने कार्रवाई की, उसी का खास होने के कारण सिपाही बिजनौर में तैनाती के बाद भी जहानाबाद में कमरा लेकर रह रहा है। उसी ने साठगांठ कराई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को बाइक चोरी में फंसाकर जेल भेज दिया है। 
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एक बाइक के कागजात होने का दावा 
जेल भेजे गए आरोपी जीवन के पिता भगवान दास ने दावा किया है कि पुलिस जिस सीटी 100 बाइक के बरामद होने की बात कह रही है, वह उन्हाेंने चार साल पहले दियोरनिया थाना क्षेत्र के विसमा भोजपुर निवासी एक युवक से खरीदी थी। उसके  कागजात भी उनके पास हैं। यह बाइक किसी तीसरे के नाम है। सिर्फ सेल लेटर ले लिए गए थे। नाम ट्रांसफर नहीं कराए थे।  

 
चोरी की तीन बाइक बरामद होने के मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का खुलासा पूरी तरह से सही है। आरोपी पक्ष पुलिस पर दबाव बनाने के लिए बेबुनियाद बातें कर रहा है। आरोपी बेहद शातिर किस्म के हैं। 
- भोला सिंह, एसओ जहानाबाद 
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