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पुणे फैक्ट्री से आए कारतूसों में 100 रास्ते से ही गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Mon, 23 May 2016 11:17 PM IST
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पुणे स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री से गन हाउस स्वामी द्वारा मंगवाए गए 315 बोर के कारतूसों में 100 रास्ते से ही गायब हो गए। गन स्वामी ने इसकी लिखित सूचना डीएम को देकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने सदर कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इससे करीब 15 दिन पूर्व पूरनपुर मंगाए गए कारतूस भी गिनती में कम निकले थे।
शहर में स्थित पंजाब गन हाउस के स्वामी गुरचरन सिंह ने करीब दो सप्ताह पूर्व पुणे (महाराष्ट्र) के खड़की स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री से 315 बोर के दो हजार कारतूस बुक कराए थे। आर्डिनेंस फैक्ट्री ने कारतूसों की पैकिंग कर हमेशा की तरह ट्रांसपोर्ट से भेज दिए। कारतूसों की यह खेप गाजियाबाद बरेली होती हुई चार दिन पूर्व पीलीभीत पहुंची। ट्रांसपोर्ट पर माल आने पर अब दुकान स्वामी ने इसकी डिलीवरी ली तो पैकिंग खुली हुई थी। जांच की गई तो 100 कारतूस कम निकले। 315 बोर के 100 कारतूस कम होने से गन स्वामी के होश उड़ गए। उन्होंने उसी समय इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी। कारतूस गायब होने की सूचना पर एडीएम ने दुकान पर पहुंचकर पैकिंग की जांच की और गन स्वामी से भी जानकारी ली। रविवार शाम तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर गन स्वामी ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश पुलिस को दिए हैं।
माया गन हाउस के भी गायब हो चुके हैं 50 कारतूस
शहर से पहले पूरनपुर के माया गन हाउस के स्वामी राजेंद्र आर्या के कारतूस भी कम निकल चुके हैं। उन्होंने भी दो हजार कारतूसों का आर्डर दिया था, जिसमें 50 कारतूस कम निकले थे। इस मामले में भी पुलिस ने अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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तीन जगह होती है ट्रांसपोर्ट की बदली
पुणे की आर्डिनेंस फैक्ट्री से पीलीभीत तक कारतूसों की सप्लाई के लिए तीन स्थानों पर ट्रांसपोर्ट को बदला जाता है। फैक्ट्री से माल गाजियाबाद पहुंचता है। वहां से ट्रक एवं अन्य वाहनों से बरेली और बरेली से पीलीभीत पहुंचता है। ऐसी स्थिति में कारतूस कहां से चोरी हुए यह कह पाना काफी मुश्किल लग रहा है।
गन हाउस स्वामी द्वारा मंगाए गए कारतूस कम निकलने की जानकारी मिली है। कारतूसों का गायब होने का मामला गंभीर है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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शहर में स्थित पंजाब गन हाउस के स्वामी गुरचरन सिंह ने करीब दो सप्ताह पूर्व पुणे (महाराष्ट्र) के खड़की स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री से 315 बोर के दो हजार कारतूस बुक कराए थे। आर्डिनेंस फैक्ट्री ने कारतूसों की पैकिंग कर हमेशा की तरह ट्रांसपोर्ट से भेज दिए। कारतूसों की यह खेप गाजियाबाद बरेली होती हुई चार दिन पूर्व पीलीभीत पहुंची। ट्रांसपोर्ट पर माल आने पर अब दुकान स्वामी ने इसकी डिलीवरी ली तो पैकिंग खुली हुई थी। जांच की गई तो 100 कारतूस कम निकले। 315 बोर के 100 कारतूस कम होने से गन स्वामी के होश उड़ गए। उन्होंने उसी समय इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी। कारतूस गायब होने की सूचना पर एडीएम ने दुकान पर पहुंचकर पैकिंग की जांच की और गन स्वामी से भी जानकारी ली। रविवार शाम तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर गन स्वामी ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश पुलिस को दिए हैं।
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माया गन हाउस के भी गायब हो चुके हैं 50 कारतूस
शहर से पहले पूरनपुर के माया गन हाउस के स्वामी राजेंद्र आर्या के कारतूस भी कम निकल चुके हैं। उन्होंने भी दो हजार कारतूसों का आर्डर दिया था, जिसमें 50 कारतूस कम निकले थे। इस मामले में भी पुलिस ने अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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तीन जगह होती है ट्रांसपोर्ट की बदली
पुणे की आर्डिनेंस फैक्ट्री से पीलीभीत तक कारतूसों की सप्लाई के लिए तीन स्थानों पर ट्रांसपोर्ट को बदला जाता है। फैक्ट्री से माल गाजियाबाद पहुंचता है। वहां से ट्रक एवं अन्य वाहनों से बरेली और बरेली से पीलीभीत पहुंचता है। ऐसी स्थिति में कारतूस कहां से चोरी हुए यह कह पाना काफी मुश्किल लग रहा है।
गन हाउस स्वामी द्वारा मंगाए गए कारतूस कम निकलने की जानकारी मिली है। कारतूसों का गायब होने का मामला गंभीर है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
- मासूम अली सरवर, डीएम