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फेल होने पर छात्र और डांटने पर किशोरी ने खाया जहर
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 03 May 2016 11:12 PM IST
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फेल होने पर मानसिक दबाव में आए केंद्रीय विद्यालय के कक्षा नौ के छात्र ने विषाक्त खाकर जान देने की कोशिश की। वहीं काम को लेकर मां के डांटे जाने से क्षुब्ध किशोरी ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनो को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर के मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी ताराचंद का पुत्र उज्जवल केंद्रीय विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। ताराचंद के अनुसार विद्यालय से जब उसे रिजल्ट कार्ड मिला तो वह फेल था। इससे वह काफी डिस्टर्ब हो गया। उसने सोचा कि फेल होने से घर में डांट पड़ेगी। इसी बात के डर एक दुकान से कीटनाशक दवा खरीद ली और घर पहुंचने से पहले ही पी गया। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों को जानकारी हुई। जिससे घर में हड़कंप मच गया। आननफानन में उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। ताराचंद का कहना है कि वह कीटनाशक दवा देने वाले विक्रेता के खिलाफ पुलिस में कार्रवाई करेंगे। उधर थाना न्यूरिया के गांव टंडोला निवासी बाबूराम ने बताया कि पत्नी ने काम करने से इंकार करने पर पुत्री राजेश्वरी देवी को डांट दिया था। बस इतनी सी बात पर गुस्साई राजेश्वरी देवी ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में भर्ती छात्रा समेत दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
बाक्स
बच्चों की क्षमताओं के अनुरूप ही करें अपेक्षा
पीलीभीत। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार कहते हैं कि आजकल अभिभावकों में टारगेट फिक्स करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। बच्चे भी दबाव में आ रहे हैं। स्ट्रेस बढ़ने पर बच्चे घातक कदम उठाने को मजबूर है। पैरेंट्स को चाहिए कि वह बच्चों की भावनाओं व उनकी क्षमताओं के अनुरूप ही उनसे अपेक्षा करें।
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शहर के मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी ताराचंद का पुत्र उज्जवल केंद्रीय विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। ताराचंद के अनुसार विद्यालय से जब उसे रिजल्ट कार्ड मिला तो वह फेल था। इससे वह काफी डिस्टर्ब हो गया। उसने सोचा कि फेल होने से घर में डांट पड़ेगी। इसी बात के डर एक दुकान से कीटनाशक दवा खरीद ली और घर पहुंचने से पहले ही पी गया। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों को जानकारी हुई। जिससे घर में हड़कंप मच गया। आननफानन में उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। ताराचंद का कहना है कि वह कीटनाशक दवा देने वाले विक्रेता के खिलाफ पुलिस में कार्रवाई करेंगे। उधर थाना न्यूरिया के गांव टंडोला निवासी बाबूराम ने बताया कि पत्नी ने काम करने से इंकार करने पर पुत्री राजेश्वरी देवी को डांट दिया था। बस इतनी सी बात पर गुस्साई राजेश्वरी देवी ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में भर्ती छात्रा समेत दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
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बच्चों की क्षमताओं के अनुरूप ही करें अपेक्षा
पीलीभीत। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार कहते हैं कि आजकल अभिभावकों में टारगेट फिक्स करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। बच्चे भी दबाव में आ रहे हैं। स्ट्रेस बढ़ने पर बच्चे घातक कदम उठाने को मजबूर है। पैरेंट्स को चाहिए कि वह बच्चों की भावनाओं व उनकी क्षमताओं के अनुरूप ही उनसे अपेक्षा करें।
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