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बरेली में दबिशें, पीलीभीत से एक को उठाया
पीलीभीत।
Updated Wed, 06 Jan 2016 10:47 PM IST
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बरेली से गायब हुई गैंगरेप की शिकार युवती के मामले में पुलिस की टीम ने बरेली में तीन स्थानों पर दबिशें दी। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
उधर पुलिस ने पीलीभीत शहर निवासी एक व्यक्ति को भी महिला का दोस्त होने के शक में उठाकर अज्ञात स्थान पर ले गई है। छापे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल कब्जे में लिए हैं। शहर से दबोचे युवक को पुलिस गैंगरेप पीड़िता का पूर्व में रहा दोस्त बता रही है।
घटना के खुलासे के लिए बरेली गई टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टीम ने बरेली में तीन स्थानों पर छापेमारी की थी। छापे के दौरान तीन लोगों को पुलिस ने दबोचा है। पीलीभीत से भी एक युवक को उठाया है।
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सीओ सिटी यशवीर सिंह ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बताने से इंकार किया है, लेकिन इतना जरूर बताया कि चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद उनके मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। इनमें से एक मोबाइल पीलीभीत शहर से दबोचे गए पीड़िता के पूर्व में रहे दोस्त का भी है।
सीओ ने बताया कि पुलिस सभी मोबाइलों की जांच कर रही है और हिरासत में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। वीडियो किलपिंग कहां से और किसने वायरल की। पुलिस इसकी जांच कड़ी जोड़कर कर रही है। हालांकि पुलिस को अभी तक कोई ऐसे पुख्ता तथ्य नहीं मिले हैं, जिससे पुलिस आरोपियों और वीडियो क्लिपिंग में दिखाए गए स्थान तक पहुंच सके।
पुराने बस अड्डे पर मिली आखिरी लोकेशन
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने गैगरेप पीड़िता के नंबर की कॉल डिटेल निकाली है, जिसमें 02.02 बजे उसके द्वारा बरेली में रहने वाली बड़ी बहन और उसके तुरंत बाद पीड़िता के भाई के मोबाइल पर कॉल होने की पुष्टि हुई है। इससे साफ है कि महिला ने दोनों जगहों पर बात की है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आखिरी लोकेशन पुराने बस अड्डे के पास मिली है। इसके बाद से मोबाइल बंद हो गया है।
बड़ी बहन से पुलिस कर सकती है कड़ी पूछताछ
डेढ़ माह से गायब चल रही गैंगरेप पीड़िता के मामले में पुलिस को उम्मीद है कि वह पीड़िता की बड़ी बहन से यदि कड़ाई से पूछताछ करे तो उससे पुलिस को कुछ क्लू मिल सकते हैं। इसका सहज अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब बुधवार को सीओ सिटी यशवीर सिंह प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के साथ पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी बड़ी बहन से पूछताछ कर रहे थे, इसी बीच सीओ ने किसी महिला दरोगा को बुलाने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक को दिए। इसी बीच जब उनकी नजर पत्रकारों पर पड़ी तो उन्होंने महिला दरोगा को बुलवाने से मना कर दिया।
घटना के बाद मोहल्ले में दहशत
विवाहिता का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप होने और पीड़िता के उसकी चार माह की बेटी के साथ गायब होने की घटना से मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस समय से सक्रिय हो जाती और तलाश करती तो शायद घटना टल सकती थी।
अपहरण, रेप की विवेचना एसएसआई को सौंपी
एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने महिला के मामले में अपहरण और रेप की धाराओं में रिपोर्ट बुधवार को दर्ज की थी। पुलिस ने इसकी विवेचना थाना सुनगढ़ी के एसएसआई ओमहरि वाजपेई को सौंपी है।
गैंगरेप की पुरानी वीडियो क्लिपिंग से जोड़ रही पुलिस
पीलीभीत। राजधानी लखनऊ तक हलचल मचाने वाली वारदात से पुलिस महकमे में हलचल मची है। पुलिस का कहना है कि जो वीडियो तीन जनवरी 16 को वायरल हुई। उस तरह की एक वीडियो क्लीपिंग नवंबर 14 में वायरल हुई थी। पुलिस अब दोनों वीडियों क्लीपिंग में दिखाई गईं महिलाओं की एक ही शक्ल होने की आशंका जताते हुए इस ओर अपनी जांच शुरू की है।
गायब युवती के पिता और भाई का दावा है कि वीडियो क्लीपिंग में जो युवती है वह उसकी पुत्री और बहन है। पुलिस को आशंका है कि इस तरह की एक वीडियो क्लीपिंग नवंबर 14 में वायरल हुई थी। प्रभारी निरीक्षक सुनगढ़ी बृजेश सिंह ने बताया कि एक वीडियो क्लीपिंग 23 नवंबर 14 को वायरल हुई थी, जिसमें भी कुछ लोग एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार करते दिखाए गए थे।
यह क्लीपिंग बंगाल से सुबह करीब नौ बजे वायरल हुई थी। क्लिपिंग में जो महिला दिख रही है, उसकी शक्ल तीन जनवरी को वायरल हुई वीडियो क्लीपिंग में दिख रही महिला जैसी है। पुलिस इस बिंदु पर भी अपनी जांच कर रही है। पुलिस को नवंबर 14 में वायरल हुई क्लीपिंग मिल गई है।
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उधर पुलिस ने पीलीभीत शहर निवासी एक व्यक्ति को भी महिला का दोस्त होने के शक में उठाकर अज्ञात स्थान पर ले गई है। छापे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल कब्जे में लिए हैं। शहर से दबोचे युवक को पुलिस गैंगरेप पीड़िता का पूर्व में रहा दोस्त बता रही है।
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घटना के खुलासे के लिए बरेली गई टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टीम ने बरेली में तीन स्थानों पर छापेमारी की थी। छापे के दौरान तीन लोगों को पुलिस ने दबोचा है। पीलीभीत से भी एक युवक को उठाया है।
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सीओ सिटी यशवीर सिंह ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बताने से इंकार किया है, लेकिन इतना जरूर बताया कि चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद उनके मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। इनमें से एक मोबाइल पीलीभीत शहर से दबोचे गए पीड़िता के पूर्व में रहे दोस्त का भी है।
सीओ ने बताया कि पुलिस सभी मोबाइलों की जांच कर रही है और हिरासत में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। वीडियो किलपिंग कहां से और किसने वायरल की। पुलिस इसकी जांच कड़ी जोड़कर कर रही है। हालांकि पुलिस को अभी तक कोई ऐसे पुख्ता तथ्य नहीं मिले हैं, जिससे पुलिस आरोपियों और वीडियो क्लिपिंग में दिखाए गए स्थान तक पहुंच सके।
पुराने बस अड्डे पर मिली आखिरी लोकेशन
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने गैगरेप पीड़िता के नंबर की कॉल डिटेल निकाली है, जिसमें 02.02 बजे उसके द्वारा बरेली में रहने वाली बड़ी बहन और उसके तुरंत बाद पीड़िता के भाई के मोबाइल पर कॉल होने की पुष्टि हुई है। इससे साफ है कि महिला ने दोनों जगहों पर बात की है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आखिरी लोकेशन पुराने बस अड्डे के पास मिली है। इसके बाद से मोबाइल बंद हो गया है।
बड़ी बहन से पुलिस कर सकती है कड़ी पूछताछ
डेढ़ माह से गायब चल रही गैंगरेप पीड़िता के मामले में पुलिस को उम्मीद है कि वह पीड़िता की बड़ी बहन से यदि कड़ाई से पूछताछ करे तो उससे पुलिस को कुछ क्लू मिल सकते हैं। इसका सहज अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब बुधवार को सीओ सिटी यशवीर सिंह प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के साथ पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी बड़ी बहन से पूछताछ कर रहे थे, इसी बीच सीओ ने किसी महिला दरोगा को बुलाने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक को दिए। इसी बीच जब उनकी नजर पत्रकारों पर पड़ी तो उन्होंने महिला दरोगा को बुलवाने से मना कर दिया।
घटना के बाद मोहल्ले में दहशत
विवाहिता का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप होने और पीड़िता के उसकी चार माह की बेटी के साथ गायब होने की घटना से मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस समय से सक्रिय हो जाती और तलाश करती तो शायद घटना टल सकती थी।
अपहरण, रेप की विवेचना एसएसआई को सौंपी
एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने महिला के मामले में अपहरण और रेप की धाराओं में रिपोर्ट बुधवार को दर्ज की थी। पुलिस ने इसकी विवेचना थाना सुनगढ़ी के एसएसआई ओमहरि वाजपेई को सौंपी है।
गैंगरेप की पुरानी वीडियो क्लिपिंग से जोड़ रही पुलिस
पीलीभीत। राजधानी लखनऊ तक हलचल मचाने वाली वारदात से पुलिस महकमे में हलचल मची है। पुलिस का कहना है कि जो वीडियो तीन जनवरी 16 को वायरल हुई। उस तरह की एक वीडियो क्लीपिंग नवंबर 14 में वायरल हुई थी। पुलिस अब दोनों वीडियों क्लीपिंग में दिखाई गईं महिलाओं की एक ही शक्ल होने की आशंका जताते हुए इस ओर अपनी जांच शुरू की है।
गायब युवती के पिता और भाई का दावा है कि वीडियो क्लीपिंग में जो युवती है वह उसकी पुत्री और बहन है। पुलिस को आशंका है कि इस तरह की एक वीडियो क्लीपिंग नवंबर 14 में वायरल हुई थी। प्रभारी निरीक्षक सुनगढ़ी बृजेश सिंह ने बताया कि एक वीडियो क्लीपिंग 23 नवंबर 14 को वायरल हुई थी, जिसमें भी कुछ लोग एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार करते दिखाए गए थे।
यह क्लीपिंग बंगाल से सुबह करीब नौ बजे वायरल हुई थी। क्लिपिंग में जो महिला दिख रही है, उसकी शक्ल तीन जनवरी को वायरल हुई वीडियो क्लीपिंग में दिख रही महिला जैसी है। पुलिस इस बिंदु पर भी अपनी जांच कर रही है। पुलिस को नवंबर 14 में वायरल हुई क्लीपिंग मिल गई है।