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छेड़छाड़ के आरोपी लेखाकार पर नहीं हुई कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Mon, 02 May 2016 10:46 PM IST
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शहर के एक आवासीय स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले की शिकायत जांच में सही पाई जाने के बावजूद आरोपी लेखाकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर, डर की वजह से पीड़ित छात्रा ने स्कूल छोड़ दिया है।
मालूम हो कि 10 मार्च को शहर के एक आवासीय स्कूल की छात्रा ने लेखाकार पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए वार्डेन से शिकायत की थी। वार्डेन ने अपनी जांच में घटना सही पाए जाने पर इसकी समन्वयक बालिका शिक्षा मनीष श्रीवास्तव को जानकारी दी। उन्होंने गोपनीय ढंग से मामले की जांच शुरू कराई। इधर, आरोपी लेखाकार के लगातार विद्यालय में ही मौजूद रहने से पीड़ित छात्रा ने डरकर स्कूल छोड़ दिया। लड़की ने घरवालों को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने एक शिक्षा अधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और आरोपी से छात्रा को खतरा बताया। उधर, समन्वयक ने भी घटना को सही पाते हुए इसकी जानकारी बीएसए को दी थी। बीएसए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर के ही एक अन्य कॉलेज की शिक्षिका से मामले की जांच कराई। इसमें भी घटना सही पाई गई। बीएसए ने समन्वयक और शिक्षिका की जांच रिपोर्ट के साथ डीएम को आरोपी लेखाकार की संविदा निरस्त करने की संस्तुति कर दी लेकिन डीएम ने छेड़छाड़ के आरोपी लेखाकार की संविदा निरस्त करने के बजाय उसे सुधरने का मौका देते हुए उसकी संविदा दो महीने के लिए और बहाल कर दी।
इधर, डर की वजह से पीड़ित छात्रा अब तक स्कूल नहीं लौटी है। बताते हैं कि आरोपी लेखाकार को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। लिहाजा अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस संबंध में बीएसए अंबरीष यादव ने बताया कि घटना को लेकर दो बार जांच कराई गई थी। दोनों जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम से लेखाकार की संविदा निरस्त करने की संस्तुति की गई थी लेकिन आरोपी लेखाकर की दो माह के लिए संविदा बहाल की गई है।
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आरोपी लेखाकार पर पहले भी लगे हैं आरोप
शिक्षा महकमे के सूत्रों के मुताबिक आरोपी लेखाकार को वर्ष 2014 में ललौरीखेड़ा स्थित बा स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। वहां भी मई, 2015 में लेखाकार ने एक छात्रा से छेड़छाड़ की थी। उस वक्त भी लेखाकार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी। सिर्फ उससे ललौरीखेड़ा बा स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया गया था।
बीएसए ने जो संस्तुति रिपोर्ट भेजी है उसमें किसी जांच रिपोर्ट का कोई हवाला नहीं दिया गया है। सिर्फ आरोपी लेखाकार का चरित्र व्यवहार ठीक न होने की बात कहते हुए संविदा समाप्त करने को कहा गया है। इसलिए उसकी संविदा एक माह के लिए बहाल की गई है। अगर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त होती है तो उसकी संविदा निरस्त करने पर विचार किया जा सकेगा।
-मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी
छेड़खानी के आरोपियों
पर रिपोर्ट की मांग
बीसलपुर। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के एक ग्रामीण ने कोतवाली में तहरीर देकर घर में घुसकर मारपीट करने और महिलाओं से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
तहरीर में कहा गया है कि 30 अप्रैल को गांव के कुछ लोग पुरानी रंजिश को लेकर उनके घर में घुस आए और मारपीट कर महिलाओं से छेड़छाड़ की। घटना के समय पुरुष घर में मौजूद नहीं थे। तहरीर में गांव के ही 11 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपियों में चार महिलाएं भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मालूम हो कि 10 मार्च को शहर के एक आवासीय स्कूल की छात्रा ने लेखाकार पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए वार्डेन से शिकायत की थी। वार्डेन ने अपनी जांच में घटना सही पाए जाने पर इसकी समन्वयक बालिका शिक्षा मनीष श्रीवास्तव को जानकारी दी। उन्होंने गोपनीय ढंग से मामले की जांच शुरू कराई। इधर, आरोपी लेखाकार के लगातार विद्यालय में ही मौजूद रहने से पीड़ित छात्रा ने डरकर स्कूल छोड़ दिया। लड़की ने घरवालों को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने एक शिक्षा अधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और आरोपी से छात्रा को खतरा बताया। उधर, समन्वयक ने भी घटना को सही पाते हुए इसकी जानकारी बीएसए को दी थी। बीएसए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर के ही एक अन्य कॉलेज की शिक्षिका से मामले की जांच कराई। इसमें भी घटना सही पाई गई। बीएसए ने समन्वयक और शिक्षिका की जांच रिपोर्ट के साथ डीएम को आरोपी लेखाकार की संविदा निरस्त करने की संस्तुति कर दी लेकिन डीएम ने छेड़छाड़ के आरोपी लेखाकार की संविदा निरस्त करने के बजाय उसे सुधरने का मौका देते हुए उसकी संविदा दो महीने के लिए और बहाल कर दी।
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इधर, डर की वजह से पीड़ित छात्रा अब तक स्कूल नहीं लौटी है। बताते हैं कि आरोपी लेखाकार को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। लिहाजा अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस संबंध में बीएसए अंबरीष यादव ने बताया कि घटना को लेकर दो बार जांच कराई गई थी। दोनों जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम से लेखाकार की संविदा निरस्त करने की संस्तुति की गई थी लेकिन आरोपी लेखाकर की दो माह के लिए संविदा बहाल की गई है।
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आरोपी लेखाकार पर पहले भी लगे हैं आरोप
शिक्षा महकमे के सूत्रों के मुताबिक आरोपी लेखाकार को वर्ष 2014 में ललौरीखेड़ा स्थित बा स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। वहां भी मई, 2015 में लेखाकार ने एक छात्रा से छेड़छाड़ की थी। उस वक्त भी लेखाकार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी। सिर्फ उससे ललौरीखेड़ा बा स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया गया था।
बीएसए ने जो संस्तुति रिपोर्ट भेजी है उसमें किसी जांच रिपोर्ट का कोई हवाला नहीं दिया गया है। सिर्फ आरोपी लेखाकार का चरित्र व्यवहार ठीक न होने की बात कहते हुए संविदा समाप्त करने को कहा गया है। इसलिए उसकी संविदा एक माह के लिए बहाल की गई है। अगर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त होती है तो उसकी संविदा निरस्त करने पर विचार किया जा सकेगा।
-मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी
छेड़खानी के आरोपियों
पर रिपोर्ट की मांग
बीसलपुर। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के एक ग्रामीण ने कोतवाली में तहरीर देकर घर में घुसकर मारपीट करने और महिलाओं से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
तहरीर में कहा गया है कि 30 अप्रैल को गांव के कुछ लोग पुरानी रंजिश को लेकर उनके घर में घुस आए और मारपीट कर महिलाओं से छेड़छाड़ की। घटना के समय पुरुष घर में मौजूद नहीं थे। तहरीर में गांव के ही 11 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपियों में चार महिलाएं भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।