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दोस्त निकला कातिल, मुहब्बत में बाधा बनने पर महेंद्र का किया खून
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पीलीभीत। महेंद्रपाल की हत्या उसके पुराने दोस्त राकेश ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या आरोपी राकेश का महेंद्रपाल के परिवार की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसका पता लगने पर महेंद्रपाल विरोध करता था। पुलिस ने राकेश और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। गिरफ्तारी के बाद रविवार को दोनों जेल भेज दिए गए।
एसपी ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि जहानाबाद थाना क्षेत्र के अड़रायन गांव निवासी महेंद्रपाल की सिर में धारदार हथियार से बार करके हत्या की गई थी। उसका शव 22 फरवरी को उसके घर से 50 मीटर दूरी पर खेत में लहूलुहान पड़ा मिला था। पिता मैकूलाल ने महेंद्रपाल के दोस्त आसपुर गांव निवासी राकेश और अड़रायन तस्लीम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि इस घटना के खुलासे को जहानाबाद इंस्पेक्टर कमल सिंह, सर्विलांस प्रभारी नरेश कश्यप, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव को लगाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि महेंद्रपाल के परिवार की एक युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पड़ताल गांव के शंकरलाल का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की तो घटना की कड़ी खुलती चली गई। एसपी ने बताया कि महेंद्रपाल के परिवार की युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। महेंद्रपाल इसमें बाधा बन रहा था। इसी के चलते महेंद्रपाल की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। रविवार को तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया। इस मौके पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ योगेंद्र कुमार और बीसलपुर प्रवीण मलिक भी मौजूद रहे।
इस तरह अंजाम दी गई वारदात
एसपी के अनुसार महेंद्रपाल की हत्या करने की प्लानिंग कई दिन पहले राकेश ने की थी। घटना की रात महेंद्र को शंकरलाल के घर दावत पर बुलाया था। जहां खाने के साथ महेंद्र को जमकर शराब पिलाई गई। महेंद्रपाल को नशा होने पर शंकरलाल अपने साथ खेत पर झोपड़ी की तरफ ले आया। नशा ज्यादा होने पर महेंद्रपाल झोपड़ी में लेट गया। पीछे से राकेश और तस्लीम पहुंच गए। राकेश को देखकर महेंद्रपाल ने उठने की कोशिश की। मगर जब तक वह संभल पाता राकेश से कुल्हाड़ी से बार करके उसकी हत्या कर दी। कुल्हाड़ी को आरोपी महेंद्रपाल के खेत में छिपाकर भाग गए।
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दोस्ती और गुरु-शिष्य के रिश्ते पर लगा दिया दाग
महेंद्रपाल के पिता मैकूलाल पहलवानी के शौकीन थे। उनसे महेंद्र और राकेश पहलवानी सीखते थे। राकेश पहलवानी सीखने के दौरान मैकूलाल को पिता समान और गुरु मानता था। इस बीच उनके परिवार की एक युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसका पता लगने पर महेंद्रपाल ने विरोध किया। इसी को लेकर दोनों के बीच अनबन हो गई। आखिर में राकेश ने महेंद्रपाल की हत्या करने का प्लान बना लिया।
पुलिस ने 36 घंटे में महेंद्रपाल की हत्या का खुलासा कर दिया है। घटना की वजह मुख्य आरोपी राकेश का प्रेम प्रसंग रहा। घटना में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पकड़ा गया आरोपी शंकर लाल इससे पहले भी हत्या के एक मामले में जहानाबाद थाने से जेल जा चुका है। -रोहित मिश्रा, एएसपी
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एसपी ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि जहानाबाद थाना क्षेत्र के अड़रायन गांव निवासी महेंद्रपाल की सिर में धारदार हथियार से बार करके हत्या की गई थी। उसका शव 22 फरवरी को उसके घर से 50 मीटर दूरी पर खेत में लहूलुहान पड़ा मिला था। पिता मैकूलाल ने महेंद्रपाल के दोस्त आसपुर गांव निवासी राकेश और अड़रायन तस्लीम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि इस घटना के खुलासे को जहानाबाद इंस्पेक्टर कमल सिंह, सर्विलांस प्रभारी नरेश कश्यप, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव को लगाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि महेंद्रपाल के परिवार की एक युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पड़ताल गांव के शंकरलाल का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की तो घटना की कड़ी खुलती चली गई। एसपी ने बताया कि महेंद्रपाल के परिवार की युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। महेंद्रपाल इसमें बाधा बन रहा था। इसी के चलते महेंद्रपाल की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। रविवार को तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया। इस मौके पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ योगेंद्र कुमार और बीसलपुर प्रवीण मलिक भी मौजूद रहे।
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इस तरह अंजाम दी गई वारदात
एसपी के अनुसार महेंद्रपाल की हत्या करने की प्लानिंग कई दिन पहले राकेश ने की थी। घटना की रात महेंद्र को शंकरलाल के घर दावत पर बुलाया था। जहां खाने के साथ महेंद्र को जमकर शराब पिलाई गई। महेंद्रपाल को नशा होने पर शंकरलाल अपने साथ खेत पर झोपड़ी की तरफ ले आया। नशा ज्यादा होने पर महेंद्रपाल झोपड़ी में लेट गया। पीछे से राकेश और तस्लीम पहुंच गए। राकेश को देखकर महेंद्रपाल ने उठने की कोशिश की। मगर जब तक वह संभल पाता राकेश से कुल्हाड़ी से बार करके उसकी हत्या कर दी। कुल्हाड़ी को आरोपी महेंद्रपाल के खेत में छिपाकर भाग गए।
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दोस्ती और गुरु-शिष्य के रिश्ते पर लगा दिया दाग
महेंद्रपाल के पिता मैकूलाल पहलवानी के शौकीन थे। उनसे महेंद्र और राकेश पहलवानी सीखते थे। राकेश पहलवानी सीखने के दौरान मैकूलाल को पिता समान और गुरु मानता था। इस बीच उनके परिवार की एक युवती से राकेश का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसका पता लगने पर महेंद्रपाल ने विरोध किया। इसी को लेकर दोनों के बीच अनबन हो गई। आखिर में राकेश ने महेंद्रपाल की हत्या करने का प्लान बना लिया।
पुलिस ने 36 घंटे में महेंद्रपाल की हत्या का खुलासा कर दिया है। घटना की वजह मुख्य आरोपी राकेश का प्रेम प्रसंग रहा। घटना में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पकड़ा गया आरोपी शंकर लाल इससे पहले भी हत्या के एक मामले में जहानाबाद थाने से जेल जा चुका है। -रोहित मिश्रा, एएसपी