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हिस्ट्रीशीटर को मदद देने को पुलिस ने कर दिया धाराओं में खेल
Updated Fri, 28 Jul 2017 05:22 PM IST
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पीलीभीत। शहर के एक डिश कारोबारी को रास्ते में रोक मारपीट करने और रंगदारी मांगने के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी हिस्ट्रीशीटर को मदद देने के लिए धाराओं में खेल कर दिया। तहरीर में स्पष्ट तौर पर रंगदारी का आरोप होने के बाद भी मुकदमा मारपीट की मामूली धाराओं में दर्ज कर टाल दिया। इसकी शिकायत मिलने पर एसपी ने कोतवाल की जमकर फटकार लगाई। साथ ही लिखित तौर पर जवाब तलब करते हुए रंगदारी की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
तेल मिल कॉलोनी निवासी डिश कारोबारी विनीत अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपनी कंपनी के कर्मचारियों के साथ 15 अप्रैल को व्यापार के सिलसिले में जा रहे थे। इस बीच शेर मोहम्मद निवासी मुशीर खां व उसके एक अज्ञात साथी ने उनको रोक गालीगलौज कर मारपीट की। इसके बाद रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया। कोतवाली पुलिस ने तीन दिन पहले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एसपी भले मातहतों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दे रहे हो, लेकिन कोतवाली पुलिस इस मामले में धाराओं मेें खेल करने से बाज नहीं आई। आरोपी के हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद पुलिस ने रंगदारी की धारा को मुकदमे में शामिल नहीं किया। सिर्फ मारपीट और गाली गलौच की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर इतिश्री कर ली। दो दिन बाद इसकी शिकायत मिलने पर एसपी एफआईआर चेक कराई। जिसमें तहरीर में स्पष्ट तौर पर रंगदारी का आरोप था, लेकिन मुकदमे में धारा गायब मिली। लापरवाही सामने आने पर एसपी कलानिधि नैथानी ने कोतवाल देशपाल सिंह की जमकर फटकार लगाई। एसपी ने बताया कि लिखित रूप से पत्र भेजकर कोतवाल से जवाब तलब किया गया है। दर्ज किए गए मुकदमे में रंगदारी की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। आगे से धाराओं में पुलिस जानकारी के अभाव का बहाना बनाकर टाल न सके, इसके लिए सभी थानों पर हेड मोहर्रिर की तैनाती की जा रही है। एक हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई के दौरान लापरवाही बरतना कही न कहीं स्थानीय पुलिस और उसके बीच की साठगांठ को उजागर करता है। इसको लेकर भी जांच कराई जाएगी।
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तेल मिल कॉलोनी निवासी डिश कारोबारी विनीत अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपनी कंपनी के कर्मचारियों के साथ 15 अप्रैल को व्यापार के सिलसिले में जा रहे थे। इस बीच शेर मोहम्मद निवासी मुशीर खां व उसके एक अज्ञात साथी ने उनको रोक गालीगलौज कर मारपीट की। इसके बाद रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया। कोतवाली पुलिस ने तीन दिन पहले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एसपी भले मातहतों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दे रहे हो, लेकिन कोतवाली पुलिस इस मामले में धाराओं मेें खेल करने से बाज नहीं आई। आरोपी के हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद पुलिस ने रंगदारी की धारा को मुकदमे में शामिल नहीं किया। सिर्फ मारपीट और गाली गलौच की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर इतिश्री कर ली। दो दिन बाद इसकी शिकायत मिलने पर एसपी एफआईआर चेक कराई। जिसमें तहरीर में स्पष्ट तौर पर रंगदारी का आरोप था, लेकिन मुकदमे में धारा गायब मिली। लापरवाही सामने आने पर एसपी कलानिधि नैथानी ने कोतवाल देशपाल सिंह की जमकर फटकार लगाई। एसपी ने बताया कि लिखित रूप से पत्र भेजकर कोतवाल से जवाब तलब किया गया है। दर्ज किए गए मुकदमे में रंगदारी की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। आगे से धाराओं में पुलिस जानकारी के अभाव का बहाना बनाकर टाल न सके, इसके लिए सभी थानों पर हेड मोहर्रिर की तैनाती की जा रही है। एक हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई के दौरान लापरवाही बरतना कही न कहीं स्थानीय पुलिस और उसके बीच की साठगांठ को उजागर करता है। इसको लेकर भी जांच कराई जाएगी।
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