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अस्पताल में भर्ती मरीज पर दर्ज करा दी छेड़छाड़ की रिपोर्ट
Updated Sun, 07 Jan 2018 06:33 PM IST
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Rape With Child
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पीलीभीत। मारपीट में घायल होने के बाद दो दिसंबर से 26 दिसंबर 2017 तक जिला अस्पताल में इलाज करा रहे एक मरीज पर तीन दिसंबर शाम को छेड़छाड़ और मारपीट करने का मुकदमा दूसरे पक्ष से मिली तहरीर पर गजरौला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद जांच करने के बजाए गजरौला पुलिस एक जनप्रतिनिधि के दबाव में पीड़ित को ही अपनी ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट को लेकर समझौता करने का दबाव बना रही है। शनिवार सुबह सीओ सिटी से शिकायत कर युवक ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
गजरौला के कुठिया रते गांव निवासी अरविंद कुमार ने सीओ सिटी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि दो दिसंबर 2017 की शाम साढ़े छह बजे गांव के सुमेरलाल के परिवार वालों ने पुराने जमीन के विवाद में मारपीट की थी। जिसमें उसके पिता रामऔतार घायल हो गए थे। गजरौला थाने में उसी दिन इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। दो दिसंबर से लेकर 26 दिसंबर तक उसके पिता रामऔतार जिला अस्पताल में भर्ती रहे। इसके बावजूद आरोपियों ने समझौते का दबाव बनाने के लिए तीन दिसंबर 2017 को छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसमें पिता रामऔतार और भाई महेश को नामजद कराया गया है। आरोपियों ने घटना का दिन तीन दिसंबर की शाम साढ़े चार बजे बताया है। जबकि उस वक्त पिता रामऔतार जिला अस्पताल में भर्ती थे और भाई महेश उनकी देखरेख कर रहा था। इसके तथ्य गजरौला पुलिस को दिए गए, लेकिन पुलिस जांच करने के बजाए समझौते का दबाव बना रही है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि दोनों प्रकरणों को लेकर गजरौला पुलिस से अब तक हुई कार्रवाई के अभिलेख तलब किए गए हैं। पूूरे मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी।
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गजरौला के कुठिया रते गांव निवासी अरविंद कुमार ने सीओ सिटी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि दो दिसंबर 2017 की शाम साढ़े छह बजे गांव के सुमेरलाल के परिवार वालों ने पुराने जमीन के विवाद में मारपीट की थी। जिसमें उसके पिता रामऔतार घायल हो गए थे। गजरौला थाने में उसी दिन इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। दो दिसंबर से लेकर 26 दिसंबर तक उसके पिता रामऔतार जिला अस्पताल में भर्ती रहे। इसके बावजूद आरोपियों ने समझौते का दबाव बनाने के लिए तीन दिसंबर 2017 को छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसमें पिता रामऔतार और भाई महेश को नामजद कराया गया है। आरोपियों ने घटना का दिन तीन दिसंबर की शाम साढ़े चार बजे बताया है। जबकि उस वक्त पिता रामऔतार जिला अस्पताल में भर्ती थे और भाई महेश उनकी देखरेख कर रहा था। इसके तथ्य गजरौला पुलिस को दिए गए, लेकिन पुलिस जांच करने के बजाए समझौते का दबाव बना रही है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि दोनों प्रकरणों को लेकर गजरौला पुलिस से अब तक हुई कार्रवाई के अभिलेख तलब किए गए हैं। पूूरे मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी।
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