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एटीएम हैक कर ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार

Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
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एटीएम हैक कर ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार
बरखेडा (पीलीभीत)। एटीएम को हैक कर रुपये निकालने वाला शातिर जालसाज बरखेड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा। आरोपी कस्बे के एक एटीएम में घुसकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था कि गश्त पर निकली पुलिस टीम ने उसको गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने एक स्वाइपिंग डिवाइस और 42 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।
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बरखेड़ा इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय ने बताया कि शनिवार रात एसआई उस्मान खां पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। कस्बे में इंडियन बैंक के एटीएम में खड़े युवक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुई। इस पर युवक से पूछताछ की गई, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसने अपना नाम जिठवारा (प्रतापगढ़) के गांव काछापुरे बोधराम कापुरवा निवासी उमेश यादव पुत्र हरकेश यादव बताया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक स्वाइपिंग डिवाइस, एटीएम कार्ड और 42 हजार रुपये बरामद हुए। उसको हिरासत में लेकर थाने लाया गया और पूछताछ की गई। जिसमें पहले तो आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर एक बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी बरामद स्वाइपिंग डिवाइस से एटीएम को हैक कर रुपये निकालता था। आरोपी उमेश यादव को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया है।
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इस तरह करता था वारदात
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। पूछताछ में सामने आया है कि उसके पास जो डिवाइस बरामद हुई है, उसकी मदद से वह एटीएम को हैक कर लेता था। हालांकि ये डिवाइस टच स्क्रीन वाले एटीएम पर काम नहीं करती थी। जिन एटीएम में स्क्रीन के दोनों ओर चार-चार बटन लगे होते हैं। उन्हीं को हैक करता था। जब कोई व्यक्ति रुपये निकालने के लिए एटीएम में पहुंचता था तो ये भी पीछे से प्रवेश कर जाता था। एटीएम कार्ड स्वैप करते ही ये डिवाइस को एटीएम के पास ले जाता था, जिससे वह काम करना बंद कर देती थी। अटकने लगती थी। इसके बाद जब व्यक्ति वापस हो जाता, तो ये रुपये निकाल लेता था।
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लखनऊ के पीजीआई थाने से जा चुका है जेल
आरोपी भले ही बरखेड़ा में वारदात करने में असफल रहा हो, लेकिन लंबी पूछताछ के बाद उसका आपराधिक इतिहास निकलकर आया है। इसी तरह के मामले में वह लखनऊ के पीजीआई थाने से जेल भी जा चुका है। उसके पास से मिली नकदी किसी और वारदात की है। उसका कोई साथी भी अब तक की जांच में सामने नहीं आया है।
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