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लिपिक, ठेकेदार समेत तीन पर आत्महत्या को विवश करने की रिपोर्ट दर्ज
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पीलीभीत। नौकरी छिन जाने से परेशान नगर पालिका के ठेका सफाईकर्मी इंद्रपाल के जहर खाकर जान देने के मामले में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कानूनी कार्रवाई हुई। कोतवाली पुलिस ने पत्नी विमलेश की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर लिपिक अमर किशोर, आबिद अली और ठेकेदार पंकज राजपूत के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मोहल्ला बेनी चौधरी निवासी 38 वर्षीय इंद्रपाल ने बुधवार को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उसकी मौत के बाद परिवार वालों ने नौकरी छिन जाने और लिपिक, ठेकेदार की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर जान देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर, रात को पत्नी विमलेश ने कोतवाली में तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि लिपिक अमर किशोर, आबिद अली और ठेकेदार पंकज राजपूत इंद्रपाल हर महीने दो हजार रुपये की मांग करते थे। रुपये न देने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। आरोपियों ने इंद्रपाल का मार्च का आधा वेतन भी काट लिया। इसकी जब शिकायत की गई तो नौकरी से निकाल दिया। बुधवार सुबह इंद्रपाल नौकरी मांगने के लिए वाटर वर्क्स कंपाउंड में आरोपियों से मिलने गए तो आरोपियों ने बिना रुपये दिए नौकरी पर रखने से इनकार कर दिया। यही नहीं जहर की शीशी देकर आत्महत्या करने को कह दिया। इसके बाद आहत होकर इंद्रपाल ने जहर पीकर जान दे दी। तहरीर मिलने के बाद बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात की। इसके बाद आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
इंद्रपाल के खुदकुशी करने के बाद नगर पालिका प्रशासन पर लगे संगीन आरोपों को देखते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं, विसरा प्रिजर्व
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद भी इंद्रपाल की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। उसका विसरा जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रकाश और जलकल विभाग के कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन
पीलीभीत। नगर पालिका के जलकल और प्रकाश विभाग में काम कर रहे ठेका कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि जनवरी से अब तक का उनका वेतन नहीं मिल सका है। पूछने पर कोई भुगतान न होने का कारण भी नहीं बताता। ऐसे में परिवार के सामने आर्थिक संकट बना है। नगर पालिका प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जांच कराकर समाधान की गुहार लगाई। ज्ञापन देने वालों में पंकज, रवि, चंद्रपाल, सुभाष, रिषभ सक्सेना, रोहन सक्सेना, विनय, नूर मोहम्मद, शान मोहम्मद, अबरार आदि हैं।
ठेका सफाईकर्मी इंद्रपाल की मौत के मामले में कोतवाली में पत्नी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश किए जा चुके हैं। हर बिंदु पर गहनता से जांच कर सामने आए तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट (जांच अधिकारी)
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मोहल्ला बेनी चौधरी निवासी 38 वर्षीय इंद्रपाल ने बुधवार को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उसकी मौत के बाद परिवार वालों ने नौकरी छिन जाने और लिपिक, ठेकेदार की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर जान देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर, रात को पत्नी विमलेश ने कोतवाली में तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि लिपिक अमर किशोर, आबिद अली और ठेकेदार पंकज राजपूत इंद्रपाल हर महीने दो हजार रुपये की मांग करते थे। रुपये न देने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। आरोपियों ने इंद्रपाल का मार्च का आधा वेतन भी काट लिया। इसकी जब शिकायत की गई तो नौकरी से निकाल दिया। बुधवार सुबह इंद्रपाल नौकरी मांगने के लिए वाटर वर्क्स कंपाउंड में आरोपियों से मिलने गए तो आरोपियों ने बिना रुपये दिए नौकरी पर रखने से इनकार कर दिया। यही नहीं जहर की शीशी देकर आत्महत्या करने को कह दिया। इसके बाद आहत होकर इंद्रपाल ने जहर पीकर जान दे दी। तहरीर मिलने के बाद बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात की। इसके बाद आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
इंद्रपाल के खुदकुशी करने के बाद नगर पालिका प्रशासन पर लगे संगीन आरोपों को देखते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं, विसरा प्रिजर्व
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद भी इंद्रपाल की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। उसका विसरा जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रकाश और जलकल विभाग के कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन
पीलीभीत। नगर पालिका के जलकल और प्रकाश विभाग में काम कर रहे ठेका कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि जनवरी से अब तक का उनका वेतन नहीं मिल सका है। पूछने पर कोई भुगतान न होने का कारण भी नहीं बताता। ऐसे में परिवार के सामने आर्थिक संकट बना है। नगर पालिका प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जांच कराकर समाधान की गुहार लगाई। ज्ञापन देने वालों में पंकज, रवि, चंद्रपाल, सुभाष, रिषभ सक्सेना, रोहन सक्सेना, विनय, नूर मोहम्मद, शान मोहम्मद, अबरार आदि हैं।
ठेका सफाईकर्मी इंद्रपाल की मौत के मामले में कोतवाली में पत्नी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश किए जा चुके हैं। हर बिंदु पर गहनता से जांच कर सामने आए तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट (जांच अधिकारी)