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रमा गैरोला की मौत मामले में अधिवक्ता विकास गिरफ्तार
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:54 PM IST
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पीलीभीत।
भाकपा (माले) नेत्री रमा गैरोला की मौत के बाद उनके पिता महानंद गैरोला की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता शम्श विकास समेत पांच माले नेताओं पर लिखाई गई गैंगरेप, हत्या आदि की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शम्श विकास को माले के लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। माले नेता पुरुषोत्तम शर्मा ने इस मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और माले नेत्री रमा गैरोला के अस्वस्थ होने पर दो नवंबर को उनके साथी शम्श विकास ने पहले पूरनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार से अगल रह रही रमा के अस्वस्थ होने की सूचना मिलने के बाद चार नवंबर 2016 को जिला अस्पताल में मिलने उनकी एक बहन पहुंची थी। जिनके जाने के बाद रमा की हालत अचानक खराब हो गई थी। गंभीर हालत में उन्हें बरेली जिला अस्पताल 108 एंबुलेंस से भेजा गया। जहां उनकी मौत हो गई थी। रमा अपने परिवार से अलग रहती थीं। इसलिए पार्टी के लोगों ने परिवार को सूचना देकर उनका शव पार्टी कार्यालय पूरनपुर ले गए थे। जहां सूचना मिलने पर पहुंचे रमा के पिता महानंद गैरोला ने रमा के साथी शम्श विकास समेत पांच माले नेताओं के खिलाफ गैंगरेप, हत्या आदि का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित परीक्षण के लिए भेजा गया था। विसरे में जहर आने के बाद रमा के पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। कई बार वह एसपी व अन्य उच्चाधिकारियों से भी मिले।
इधर विसरा रिपोर्ट में जहर आने के बाद माले नेताओं ने रमा की मौत को ऑनरकिलिंग बताते हुए पुलिस को रमा की बहन और परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी। तमाम ज्ञापन भेज मामले की सीबीसीआईडी जांच कराने की भी मांग की, पर पुलिस ने उस दिशा में जांच शुरू नहीं की। पुलिस ने रमा के साथी शम्श विकास के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करा उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी कड़ी में पुलिस ने मंगलवार भोर में लखनऊ स्थित माले के पार्टी कार्यालय पर छापा मार कर शम्श विकास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस वहां से उसे सीधे पूरनपुर कोतवाली लेकर पहुंची जहां से उसे सीजेेएम अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर शम्श विकास को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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भाकपा (माले) नेत्री रमा गैरोला की मौत के बाद उनके पिता महानंद गैरोला की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता शम्श विकास समेत पांच माले नेताओं पर लिखाई गई गैंगरेप, हत्या आदि की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शम्श विकास को माले के लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। माले नेता पुरुषोत्तम शर्मा ने इस मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और माले नेत्री रमा गैरोला के अस्वस्थ होने पर दो नवंबर को उनके साथी शम्श विकास ने पहले पूरनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार से अगल रह रही रमा के अस्वस्थ होने की सूचना मिलने के बाद चार नवंबर 2016 को जिला अस्पताल में मिलने उनकी एक बहन पहुंची थी। जिनके जाने के बाद रमा की हालत अचानक खराब हो गई थी। गंभीर हालत में उन्हें बरेली जिला अस्पताल 108 एंबुलेंस से भेजा गया। जहां उनकी मौत हो गई थी। रमा अपने परिवार से अलग रहती थीं। इसलिए पार्टी के लोगों ने परिवार को सूचना देकर उनका शव पार्टी कार्यालय पूरनपुर ले गए थे। जहां सूचना मिलने पर पहुंचे रमा के पिता महानंद गैरोला ने रमा के साथी शम्श विकास समेत पांच माले नेताओं के खिलाफ गैंगरेप, हत्या आदि का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित परीक्षण के लिए भेजा गया था। विसरे में जहर आने के बाद रमा के पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। कई बार वह एसपी व अन्य उच्चाधिकारियों से भी मिले।
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इधर विसरा रिपोर्ट में जहर आने के बाद माले नेताओं ने रमा की मौत को ऑनरकिलिंग बताते हुए पुलिस को रमा की बहन और परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी। तमाम ज्ञापन भेज मामले की सीबीसीआईडी जांच कराने की भी मांग की, पर पुलिस ने उस दिशा में जांच शुरू नहीं की। पुलिस ने रमा के साथी शम्श विकास के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करा उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी कड़ी में पुलिस ने मंगलवार भोर में लखनऊ स्थित माले के पार्टी कार्यालय पर छापा मार कर शम्श विकास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस वहां से उसे सीधे पूरनपुर कोतवाली लेकर पहुंची जहां से उसे सीजेेएम अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर शम्श विकास को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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