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जिला अस्पताल से आरोपी ने की भागने की कोशिश
Updated Sat, 03 Jun 2017 07:19 PM IST
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पीलीभीत। एक दिन पहले बीसलपुर में अगवा किशोरी ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की थी। जिसको एक घंटे बाद पुलिस ने बरामद कर खुद की लापरवाही को छिपा लिया था। इसके ठीक 24 घंटे बाद एक बार फिर पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई। शराब तस्करी में पकड़े गए आरोपियों के साथ मेडिकल को जिला अस्पताल लाए गए आर्म्स एक्ट के वारंटी ने भागने की कोशिश की। दियोरिया पुलिस के कांस्टेबल को गच्चा देकर आरोपी भाग निकला। जिसको पास की एक गली से पुलिस ने धर दबोचा। इस मामले को भी पुलिस हजम करने में जुटी रही।
दियोरियाकलां पुलिस ने ग्राम बोहिता के दो लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक आर्म्स एक्ट के वारंटी बोहिता गांव निवासी भूपराम को भी कोर्ट में पेश किया जाना था। शनिवार को तीनों को एक साथ मेडिकल कराने के लिए कांस्टेबल मनीष चौधरी एक होमगार्ड के साथ टेंपो से जिला अस्पताल पहुंचा। कांस्टेबल मनीष चौधरी इमरजेंसी में जाकर चिकित्सकों को मेडिकल संबंधी कागजात दिखाने लगे। इस बीच आरोपी भूपराम हाथ में बंधी रस्सी निकालकर भाग गया। अस्पताल के स्टाफ ने तीन के बजाए दो को देख पुलिस से तीसरे के बारे में पूछा। तीसरा आरोपी गायब देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। एक पुलिसकर्मी के साथ किसी अन्य कार्य से पहुंचे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह को इसकी जानकारी हुई। जिसके बाद उन्होंने मौजूद सिपाही के साथ आरोपी को तलाशा और जिला अस्पताल से शिवनगर जाने वाले रास्ते से आरोपी भूपराम को धर दबोचा। वारदात को लेकर जिला अस्पताल में हड़कंप मचा रहा।
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