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वाह री पुलिस ! पांच साल पहले मर चुके युवक से भी शांतिभंग का खतरा
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पीलीभीत। एक बार फिर पुलिस अपनी ओर से की गई कार्रवाई को लेकर फजीहत का शिकार हुई है। लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए आला अधिकारियों ने खुराफातियों, दबंगों पर शिकंजा कसने के आदेश क्या दिए, अधिकारियों की नजरों में खुद को बेहतर साबित करने के लिए थाना पुलिस ने आंख मूंदकर कार्रवाई शुरू कर दी। नतीजतन पांच साल पहले जान गंवा चुके युवक से चुनाव में शांतिभंग का खतरा जताते हुए उसे एक लाख रुपये से मुचलका पाबंद करने की संस्तुति कर रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी गई। परिवार वालों को पुलिस की इस करतूत का पता लगा तो वे दंग रह गए। उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम से की है। अब हर कोई पुलिस की कार्रवाई मखौल उड़ा रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ग्यासपुर निवासी मजदूर छोटे शाह ने बताया कि उनके बेटे यूनुस शाह की पांच साल पहले मौत हो गई थी। लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस लोगों को मुचलका पाबंद कर रही है। पुलिस ने जांच पड़ताल किए बगैर पांच साल पहले मौत का शिकार हो चुके उनके बेटे यूनुस को एक लाख रुपये से मुचलका पाबंद कर दिया। पुलिस ने यूनुस से चुनाव के दौरान शांतिभंग होने का अंदेशा जताया है। छोटे शाह और उनके परिवार वालों को इसकी जानकारी तब हुई जब एसडीएम कोर्ट से उनके घर नोटिस पहुंचा। इसमें दो दिन के भीतर यूनुस की जमानत कराने का आदेश दिया गया है। इस मामले में सोमवार को परिवार वाले एसडीएम से मिले और पुलिस ने गलत तरीके से की मुचलका पाबंद की कार्रवाई को खत्म करने की गुहार लगाई।
एक व्यक्ति से शिकायत मिली है। इसमें उसने पांच साल पहले मर चुके बेटे को मुचलका पाबंद करने का आरोप कोतवाली पुलिस पर लगाया है। इस मामले में सीओ बीसलपुर को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उनको जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - वंदना त्रिवेदी, एसडीएम बीसलपुर
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ग्यासपुर निवासी मजदूर छोटे शाह ने बताया कि उनके बेटे यूनुस शाह की पांच साल पहले मौत हो गई थी। लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस लोगों को मुचलका पाबंद कर रही है। पुलिस ने जांच पड़ताल किए बगैर पांच साल पहले मौत का शिकार हो चुके उनके बेटे यूनुस को एक लाख रुपये से मुचलका पाबंद कर दिया। पुलिस ने यूनुस से चुनाव के दौरान शांतिभंग होने का अंदेशा जताया है। छोटे शाह और उनके परिवार वालों को इसकी जानकारी तब हुई जब एसडीएम कोर्ट से उनके घर नोटिस पहुंचा। इसमें दो दिन के भीतर यूनुस की जमानत कराने का आदेश दिया गया है। इस मामले में सोमवार को परिवार वाले एसडीएम से मिले और पुलिस ने गलत तरीके से की मुचलका पाबंद की कार्रवाई को खत्म करने की गुहार लगाई।
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एक व्यक्ति से शिकायत मिली है। इसमें उसने पांच साल पहले मर चुके बेटे को मुचलका पाबंद करने का आरोप कोतवाली पुलिस पर लगाया है। इस मामले में सीओ बीसलपुर को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उनको जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - वंदना त्रिवेदी, एसडीएम बीसलपुर
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