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विधायक के हस्तक्षेप के कारण 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं
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बिलसंडा (पीलीभीत)। लावारिस पशुओं को ट्रैंक्युलाइज कर ले जाते वक्त बुधवार को मीरपुर हेमुपरा गांव में सीवीओ और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद में बीसलपुर विधायक के दखल के बाद 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस ने सीवीओ की तहरीर ही लौटा दी। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने दोबारा कार्रवाई की शुरुआत कर दी। प्रकरण में टालमटोल करने पर डीएम ने इंस्पेक्टर बिलसंडा अतर सिंह की जमकर फटकार लगाई और सीवीओ को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बिलसंडा भेज दिया। उन्होंने टीम पर हुए हमले की तहरीर पुलिस को दे दी है।
डीएम के आदेश पर गुरुवार को दमपुरा गांव से ट्रैंक्यूलाइज कर तीन हिसंक सांड़ों को ग्रामीणों की मदद से एक ट्रॉली पर लाद लिया गया था। ट्रॉली जंगल के रास्ते देवीपुरा गोशाला जा रही थी। रास्ते में दमुपुरा गांव में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक और पशु विभाग के कर्मियों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। सभी की जमकर पिटाई की गई । इसका पता चलने पर रात करीब नौ बजे सीवीओ डॉ. ज्ञानप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। यहां उनके साथ भी अभद्रता करते हुए गांव वालों ने मारपीट की और गाड़ी पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए । बिलसंडा पुलिस के पहुंचने के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ तो गांव वाले लौट गए। रात में सीवीओ ने मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर आरोपों में तहरीर दी थी, लेकिन बिलसंडा इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बीसलपुर विधायक के दखल के बाद तहरीर लौटा दी। देर रात तक समझौते के प्रयास किए जाते रहे, लेकिन सीवीओ रिपोर्ट दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। 24 घंटे बाद मामला डीएम वैभव श्रीवास्तव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने बिलसंडा इंस्पेक्टर की जमकर फटकार लगाई और सीवीओ को कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर देने के लिए बिलसंडा भेज दिया।
विधायक के करीबी है आरोपी प्रधान
इस पूरे प्रकरण में विधायक के करीबी प्रधान का नाम उजागर होने के बाद देर रात तक थाने में समझौते के प्रयास चलते रहे, इंस्पेक्टर भी सीवीओ की तहरीर लौटाने के साथ उन पर कार्रवाई के बजाय समझौता करने के लिए दबाव बनाते रहे। लिहाजा विधायक के दखल पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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सीवीओ की तहरीर में प्रधान नामजद, 200 अज्ञात
बिलसंडा। सीवीओ डॉ.ज्ञान प्रकाश ने बृहस्पतिवार रात बिलसंडा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि 30 जुलाई को ग्राम दमुुपुरा में हिंसक सांड़ को पकड़कर उनकी टीम गोशाला ले जा रही थी। इस दौरान ग्राम मीरपुर हेमपुरा के प्रधान बृजनंदन और उनके साथ लाठी डंडे लेकर आए करीब 200 ग्रामीणों ने अभद्रता शुरू कर दी। सरकारी वाहन को तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनके ऊपर हावी हो गए। पुलिस की मदद से वह बमुश्किल बचकर निकले। इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि सीवीओ से मिली तहरीर पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
मामला संज्ञान में आने पर सीवीओ को हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दे दिए थे। आज रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की बात संज्ञान में आने पर सीवीओ को फिर तहरीर लेकर थाने भेजा है। इंस्पेक्टर को भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा गया है।
-वैभव श्रीवास्तव, डीएम
बुधवार रात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी गई थी, लेकिन विधायक के दखल देने पर इंस्पेक्टर ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया और तहरीर लौटा दी। आज डीएम साहब के निर्देश पर फिर बरखेड़ा थाने में तहरीर देने जा रहा हूं।
- डॉ. ज्ञानप्रकाश सिंह, सीवीओ
घटना का पता चलने पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई। गांव में कोई विवाद न हो इसके लिए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। हमारी तरफ से किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया गया।
- रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर
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डीएम के आदेश पर गुरुवार को दमपुरा गांव से ट्रैंक्यूलाइज कर तीन हिसंक सांड़ों को ग्रामीणों की मदद से एक ट्रॉली पर लाद लिया गया था। ट्रॉली जंगल के रास्ते देवीपुरा गोशाला जा रही थी। रास्ते में दमुपुरा गांव में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक और पशु विभाग के कर्मियों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। सभी की जमकर पिटाई की गई । इसका पता चलने पर रात करीब नौ बजे सीवीओ डॉ. ज्ञानप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। यहां उनके साथ भी अभद्रता करते हुए गांव वालों ने मारपीट की और गाड़ी पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए । बिलसंडा पुलिस के पहुंचने के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ तो गांव वाले लौट गए। रात में सीवीओ ने मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर आरोपों में तहरीर दी थी, लेकिन बिलसंडा इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बीसलपुर विधायक के दखल के बाद तहरीर लौटा दी। देर रात तक समझौते के प्रयास किए जाते रहे, लेकिन सीवीओ रिपोर्ट दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। 24 घंटे बाद मामला डीएम वैभव श्रीवास्तव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने बिलसंडा इंस्पेक्टर की जमकर फटकार लगाई और सीवीओ को कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर देने के लिए बिलसंडा भेज दिया।
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विधायक के करीबी है आरोपी प्रधान
इस पूरे प्रकरण में विधायक के करीबी प्रधान का नाम उजागर होने के बाद देर रात तक थाने में समझौते के प्रयास चलते रहे, इंस्पेक्टर भी सीवीओ की तहरीर लौटाने के साथ उन पर कार्रवाई के बजाय समझौता करने के लिए दबाव बनाते रहे। लिहाजा विधायक के दखल पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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सीवीओ की तहरीर में प्रधान नामजद, 200 अज्ञात
बिलसंडा। सीवीओ डॉ.ज्ञान प्रकाश ने बृहस्पतिवार रात बिलसंडा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि 30 जुलाई को ग्राम दमुुपुरा में हिंसक सांड़ को पकड़कर उनकी टीम गोशाला ले जा रही थी। इस दौरान ग्राम मीरपुर हेमपुरा के प्रधान बृजनंदन और उनके साथ लाठी डंडे लेकर आए करीब 200 ग्रामीणों ने अभद्रता शुरू कर दी। सरकारी वाहन को तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनके ऊपर हावी हो गए। पुलिस की मदद से वह बमुश्किल बचकर निकले। इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि सीवीओ से मिली तहरीर पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
मामला संज्ञान में आने पर सीवीओ को हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दे दिए थे। आज रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की बात संज्ञान में आने पर सीवीओ को फिर तहरीर लेकर थाने भेजा है। इंस्पेक्टर को भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा गया है।
-वैभव श्रीवास्तव, डीएम
बुधवार रात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी गई थी, लेकिन विधायक के दखल देने पर इंस्पेक्टर ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया और तहरीर लौटा दी। आज डीएम साहब के निर्देश पर फिर बरखेड़ा थाने में तहरीर देने जा रहा हूं।
- डॉ. ज्ञानप्रकाश सिंह, सीवीओ
घटना का पता चलने पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई। गांव में कोई विवाद न हो इसके लिए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। हमारी तरफ से किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया गया।
- रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर