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दिवंगज मजदूर के नाम पर रोजगार सेवक ने करा दिया भुगतान
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पूरनपुर। रोजगार सेवक सोनू कुमार ने पहले अपने माता-पिता का जॉब कार्ड बनवाया। इनके साथ छह वर्ष पहले मर चुके एक मजदूर के नाम पर मजदूरी का भुगतान निकाल लिया। 1,30,693 रुपये का गलत ढंग से भुगतान कराया। जांच में मामला पकड़े जाने पर खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को रोजगार सेवक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। बीडीओ के आदेश पर ग्राम विकास अधिकारी ने रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ग्राम विकास अधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत सुआबोझ में वर्ष 2019-20 में पशु शेड निर्माण में रोजगार सेवक ने अपने पिता का जॉब कार्ड बनवाकर अनाधिकृत रूप से हजारों रुपये खर्च दिखाए। इसके बाद वर्ष 2021 में उसने अपनी मां का जॉब कार्ड बनवाकर पशु शेड निर्माण में मनरेगा अधिनियम के तहत अनाधिकृत रूप से हजारों रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा गांव निवासी राजेश कुमार की 30 अगस्त 2014 में मृत्यु होने के बाद वर्ष 2018-19 में 1456 रुपये, वर्ष 2021 में 1407 रुपये, वर्ष 2021-22 में 1224 रुपये का भुगतान अनाधिकृत रूप से रोजगार सेवक ने कराया। उसने अपने परिवार का जॉब कार्ड बनाकर कुल 1,30,693 रुपये का भुगतान कराया। खंड विकास अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर जांच कमेटी गठित की गई। जांच में आरोप सही मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी को रोजगार सेवक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि नागेंद्र कुमार की ओर से रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रोजगार सेवक का परिवार अगर जॉब कार्ड का पात्र है। तब जॉब कार्ड बन सकता है। मगर एक परिवार में एक ही जॉब कार्ड बनाया जा सकता है। घपलेबाजी पर रोजगार सेवक पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसकी सेवा समाप्ति की तैयारी शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत की बैठक कर रोजगार सेवक की सेवा समाप्ति कराने के निर्देश दिए गए है।
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- सर्वेश कुमार, खंड विकास अधिकारी
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ग्राम विकास अधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत सुआबोझ में वर्ष 2019-20 में पशु शेड निर्माण में रोजगार सेवक ने अपने पिता का जॉब कार्ड बनवाकर अनाधिकृत रूप से हजारों रुपये खर्च दिखाए। इसके बाद वर्ष 2021 में उसने अपनी मां का जॉब कार्ड बनवाकर पशु शेड निर्माण में मनरेगा अधिनियम के तहत अनाधिकृत रूप से हजारों रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा गांव निवासी राजेश कुमार की 30 अगस्त 2014 में मृत्यु होने के बाद वर्ष 2018-19 में 1456 रुपये, वर्ष 2021 में 1407 रुपये, वर्ष 2021-22 में 1224 रुपये का भुगतान अनाधिकृत रूप से रोजगार सेवक ने कराया। उसने अपने परिवार का जॉब कार्ड बनाकर कुल 1,30,693 रुपये का भुगतान कराया। खंड विकास अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर जांच कमेटी गठित की गई। जांच में आरोप सही मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी को रोजगार सेवक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि नागेंद्र कुमार की ओर से रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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रोजगार सेवक का परिवार अगर जॉब कार्ड का पात्र है। तब जॉब कार्ड बन सकता है। मगर एक परिवार में एक ही जॉब कार्ड बनाया जा सकता है। घपलेबाजी पर रोजगार सेवक पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसकी सेवा समाप्ति की तैयारी शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत की बैठक कर रोजगार सेवक की सेवा समाप्ति कराने के निर्देश दिए गए है।
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- सर्वेश कुमार, खंड विकास अधिकारी