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महिलाओं के गिरोह ने दो गांव के 40 घरों में लाखों के जेवर, बर्तन ठगे
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पूरनपुर। ठग महिलाओं के गिरोह ने गुलड़िया और भगवंतापुर गांव के 40 घरों को निशाना बना डाला। गिरोह की सदस्य महिलाओं ने पहले पुराने बर्तन लेकर नए दिए। इसके बाद लाखों रुपये के जेवर, बर्तन लेकर खिसक गईं। बड़ी संख्या में ठगी की शिकार महिलाओं ने शुरू में अपने परिवार वालों को जानकारी नहीं दी। बाद में ठगी का एहसास हुआ तो परिवार को जानकारी दी। गांवों में ठगी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
ठग महिलाओं के गिरोह ने पांच दिन पहले से जाल बिछाना शुरू किया। दोनों गांवों में अलग-अलग महिलाएं ठगी के लिए पहुंचीं। गांव गुलड़िया खास में एक ही महिला ठग ने गांव के करीब 35 घरों से ठगी की। गांव भगवंतापुर में पहले दिन दो महिलाएं जबकि दूसरे दिन दूसरी दो महिलाएं ठगी को पहुंची। ठग महिलाएं पुरुषों से दूर रहीं। पहले दिन पहुंची ठग महिलाओं ने पुराने बर्तनों को बदलने का झांसा देकर टूटे, फूटे बर्तन हासिल किए। दूसरे दिन पहुंचकर टूटे-फूटे बर्तनों की जगह उनकी कीमत से अधिक कीमत के नए बर्तन दिए। बताया कि वे एक फैक्टरी में पति के साथ काम करती हैं। फैक्टरी वालों ने प्रचार को क्षेत्र में भेजा है। खराब बर्तनों की जगह नए और अधिक कीमत के बर्तन मिलने से ठगी का शिकार हुई महिलाएं तो खूब खुश हुई। ठग महिलाओं ने इसके बाद जेवरात भी बदलने का झांसा दिया। पुराने जेवरात के बदले नए के साथ रुपये भी वापस करने को कहा। लालच में फंस चुकीं महिलाओं ने अपने पतियों और परिवार को बगैर बताए जेवरात भी महिलाओं को दे दिए। दोनों गांवों में ठग महिलाओं ने मंगलवार शाम को आकर जेवरात के बदले नए और रुपये देने का वादा किया। मंगलवार शाम तक ठगी की शिकार महिलाओं ने उनका बेसब्री से इंतजार किया। दिए गए निर्धारित समय के बाद भी ठग महिलाओं के न लौटने पर ठगी का महिलाएं परेशान हो गईं। कुछ महिलाओं ने बुधवार को भी उनका इंतजार किया। बृहस्पतिवार सुबह तक ठग महिलाओं के गांव न पहुंचने पर महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। मामला बृहस्पतिवार को दोनों गांवों में चर्चा का विषय बना रहा।
ठगों के इंतजार में घरों में बने आलू और पराठा
महिला ठगों के गिरोह के सदस्यों ने महिलाओं पर इतनी पैठ बना ली थी कि कई महिलाएं उनका बेसब्री से इंतजार कर रही थीं। ठग महिलाओं जिस महिला को अपना शिकार बनाया। उसे किसी दूसरी महिला को इसकी जानकारी न देने की हिदायत दी। साथ ही अपने पतियों को भी कोई बात न बताने का तर्क दिया। बोली अगर किसी पुरुष को भनक लग गई। तब उन लोगों की क्षेत्र में हत्या हो सकती है। मगर टूटे-फूटे बर्तनों की जगह उससे अधिक कीमत के बर्तन मिलने पर खुशी में समाई पीड़ित महिलाओं ने पतियों को तो कुछ नहीं बताया। मगर करीबी महिलाओं को नए बर्तन मिलने की बात बताकर किसी और को न बताने की बात कही। जेवरात ठगी के बाद महिलाओं ने अधिकांश घरों में मंगलवार शाम चार बजे आने का वादा कर यह भी कहा कि आलू की सब्जी और पराठा बना लेना। खाना भी उनके घर ही लौट कर खाएंगी।
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बच्चे के सिर पर हाथ रखकर खाती थीं कसम
गांव भगवंतापुर में एक बुजुर्ग महिला ने शंका होने पर महिलाओं को चेतावनी दी थी। तब ठग महिला ने गोद में अपने बच्चे के सिर पर हाथ रखकर ठगी न करने की बात कही।
मराठी जैसी भाषा में आपस में करती थीं बातें
पूरनपुर। गांव भगवंतापुर निवासी जगदीश की पुत्री विधंशी, रामचंद्र के परिवार की सरला देवी, सीमा, रेेनू, गुजरा देवी और उनके परिवार की महिलाओं से सर्वाधिक करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात की ठगी हुई। इन महिलाओं ने बताया कि ठग महिलाएं बाहर की थीं। उन लोगों से तो हिंदी में ही बात करती थी। मगर आपस में जब बात करती थी तब कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। बताया कि वह मराठी जैसी भाषा बोलती थीं।
पांच दिन पहले घर के दरवाजे पर पहुंची महिला पुराने बर्तनों को बदलने का कहा। पहले तो मना कर दिया। मगर टूटे, फूटे बर्तन लालच में आकर दे दिए। कुछ देर बाद लौटकर आई ठग महिला ने नए और अधिक कीमत के बर्तन दिए। इसके बाद चांदी का खडुआ, करधनी, चिमटी, सोने की नथनी आदि जेवरात ले गई। मगर दोबारा लौट कर नहीं आई।
- कल्पना, गुलड़िया खास
पहले दिन एक टूटा भगौना लेकर नए दो भगौने दिए। कहा कि एक इनाम में मिला है। दूसरे दिन जेवर बदलने पर नए जेवर के अलावा तीन हजार रुपये देने को कहा। इस पर सोने की नथुनी, कुंडल, चांदी की पायल दे दी। कहा कि मंगलवार शाम चार बजे जेवरात वापस करने आएंगी। आलू पराठा बनाकर रखना। खाना भी उनके घर खाएंगी।
- रेशमा, गुलड़िया खास
बर्तन अदला-बदली की जानकारी की भनक लगने पर सोने की नथनी और भारी बर्तन दिए। पड़ोसी विशुन लाल की पत्नी अनीता ने भी पायल, कुंडल, भगौना आदि दिया। गांव के देवनारायन की पत्नी सुनीता को तो पहले दिन पुराने बर्तन के बदले थर्मस मिला। इस पर सुनीता ने अगले दिन चांदी की पायल, सोने के कुंडल, नथनी आदि सामान दिया। अशोक की पत्नी गोलनी ने पायल, नाक का फूल दिया। मगर किसी को कुछ वापस न मिलने पर ठगी का एहसास हुआ।
- मनोजा देवी, गुलडिय़ा खास
सोने का मांग वेदा, नथनी, अंगूठी दिए। तब ठग महिला ने जेवरात बदलने पर जेवरात और पांच हजार रुपये मिलने की जानकारी दी। कहा कि जेवरात के अलावा उसको दो हजार रुपये की वापस होगे। बाकी वह रखेगी। कानों में पहने कुंडल के लिए जोर लगा रही थी। कुंडल नहीं दिए।
- मुनीषा, गुलडिय़ा खास
गांव गुलड़िया खास की प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि गांवों की महिलाओं से हुई ठगी की जानकारी अपने पति परमेश्वर दयाल को दी। तब उसके पति ने ठगी की जानकारी हलका सिपाहियों को दी। सिपाहियों ने खरी खोटी सुनाई।
- पुष्पा देवी, प्रधान
ठगी की ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। क्षेत्र में ऐसा कोई गैंग आया है, इसकी भी जानकारी अब तक नहीं लग सकी। अगर ऐसा है तो प्रलोभन में आकर महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं। पूरी जानकारी कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। गिरोह कही सर्किल में ही तो नहीं है। इसकी भी जांच की जाएगी।
- लल्लन सिंह, सीओ, पूरनपुर
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ठग महिलाओं के गिरोह ने पांच दिन पहले से जाल बिछाना शुरू किया। दोनों गांवों में अलग-अलग महिलाएं ठगी के लिए पहुंचीं। गांव गुलड़िया खास में एक ही महिला ठग ने गांव के करीब 35 घरों से ठगी की। गांव भगवंतापुर में पहले दिन दो महिलाएं जबकि दूसरे दिन दूसरी दो महिलाएं ठगी को पहुंची। ठग महिलाएं पुरुषों से दूर रहीं। पहले दिन पहुंची ठग महिलाओं ने पुराने बर्तनों को बदलने का झांसा देकर टूटे, फूटे बर्तन हासिल किए। दूसरे दिन पहुंचकर टूटे-फूटे बर्तनों की जगह उनकी कीमत से अधिक कीमत के नए बर्तन दिए। बताया कि वे एक फैक्टरी में पति के साथ काम करती हैं। फैक्टरी वालों ने प्रचार को क्षेत्र में भेजा है। खराब बर्तनों की जगह नए और अधिक कीमत के बर्तन मिलने से ठगी का शिकार हुई महिलाएं तो खूब खुश हुई। ठग महिलाओं ने इसके बाद जेवरात भी बदलने का झांसा दिया। पुराने जेवरात के बदले नए के साथ रुपये भी वापस करने को कहा। लालच में फंस चुकीं महिलाओं ने अपने पतियों और परिवार को बगैर बताए जेवरात भी महिलाओं को दे दिए। दोनों गांवों में ठग महिलाओं ने मंगलवार शाम को आकर जेवरात के बदले नए और रुपये देने का वादा किया। मंगलवार शाम तक ठगी की शिकार महिलाओं ने उनका बेसब्री से इंतजार किया। दिए गए निर्धारित समय के बाद भी ठग महिलाओं के न लौटने पर ठगी का महिलाएं परेशान हो गईं। कुछ महिलाओं ने बुधवार को भी उनका इंतजार किया। बृहस्पतिवार सुबह तक ठग महिलाओं के गांव न पहुंचने पर महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। मामला बृहस्पतिवार को दोनों गांवों में चर्चा का विषय बना रहा।
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ठगों के इंतजार में घरों में बने आलू और पराठा
महिला ठगों के गिरोह के सदस्यों ने महिलाओं पर इतनी पैठ बना ली थी कि कई महिलाएं उनका बेसब्री से इंतजार कर रही थीं। ठग महिलाओं जिस महिला को अपना शिकार बनाया। उसे किसी दूसरी महिला को इसकी जानकारी न देने की हिदायत दी। साथ ही अपने पतियों को भी कोई बात न बताने का तर्क दिया। बोली अगर किसी पुरुष को भनक लग गई। तब उन लोगों की क्षेत्र में हत्या हो सकती है। मगर टूटे-फूटे बर्तनों की जगह उससे अधिक कीमत के बर्तन मिलने पर खुशी में समाई पीड़ित महिलाओं ने पतियों को तो कुछ नहीं बताया। मगर करीबी महिलाओं को नए बर्तन मिलने की बात बताकर किसी और को न बताने की बात कही। जेवरात ठगी के बाद महिलाओं ने अधिकांश घरों में मंगलवार शाम चार बजे आने का वादा कर यह भी कहा कि आलू की सब्जी और पराठा बना लेना। खाना भी उनके घर ही लौट कर खाएंगी।
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गांव भगवंतापुर में एक बुजुर्ग महिला ने शंका होने पर महिलाओं को चेतावनी दी थी। तब ठग महिला ने गोद में अपने बच्चे के सिर पर हाथ रखकर ठगी न करने की बात कही।
मराठी जैसी भाषा में आपस में करती थीं बातें
पूरनपुर। गांव भगवंतापुर निवासी जगदीश की पुत्री विधंशी, रामचंद्र के परिवार की सरला देवी, सीमा, रेेनू, गुजरा देवी और उनके परिवार की महिलाओं से सर्वाधिक करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात की ठगी हुई। इन महिलाओं ने बताया कि ठग महिलाएं बाहर की थीं। उन लोगों से तो हिंदी में ही बात करती थी। मगर आपस में जब बात करती थी तब कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। बताया कि वह मराठी जैसी भाषा बोलती थीं।
पांच दिन पहले घर के दरवाजे पर पहुंची महिला पुराने बर्तनों को बदलने का कहा। पहले तो मना कर दिया। मगर टूटे, फूटे बर्तन लालच में आकर दे दिए। कुछ देर बाद लौटकर आई ठग महिला ने नए और अधिक कीमत के बर्तन दिए। इसके बाद चांदी का खडुआ, करधनी, चिमटी, सोने की नथनी आदि जेवरात ले गई। मगर दोबारा लौट कर नहीं आई।
- कल्पना, गुलड़िया खास
पहले दिन एक टूटा भगौना लेकर नए दो भगौने दिए। कहा कि एक इनाम में मिला है। दूसरे दिन जेवर बदलने पर नए जेवर के अलावा तीन हजार रुपये देने को कहा। इस पर सोने की नथुनी, कुंडल, चांदी की पायल दे दी। कहा कि मंगलवार शाम चार बजे जेवरात वापस करने आएंगी। आलू पराठा बनाकर रखना। खाना भी उनके घर खाएंगी।
- रेशमा, गुलड़िया खास
बर्तन अदला-बदली की जानकारी की भनक लगने पर सोने की नथनी और भारी बर्तन दिए। पड़ोसी विशुन लाल की पत्नी अनीता ने भी पायल, कुंडल, भगौना आदि दिया। गांव के देवनारायन की पत्नी सुनीता को तो पहले दिन पुराने बर्तन के बदले थर्मस मिला। इस पर सुनीता ने अगले दिन चांदी की पायल, सोने के कुंडल, नथनी आदि सामान दिया। अशोक की पत्नी गोलनी ने पायल, नाक का फूल दिया। मगर किसी को कुछ वापस न मिलने पर ठगी का एहसास हुआ।
- मनोजा देवी, गुलडिय़ा खास
सोने का मांग वेदा, नथनी, अंगूठी दिए। तब ठग महिला ने जेवरात बदलने पर जेवरात और पांच हजार रुपये मिलने की जानकारी दी। कहा कि जेवरात के अलावा उसको दो हजार रुपये की वापस होगे। बाकी वह रखेगी। कानों में पहने कुंडल के लिए जोर लगा रही थी। कुंडल नहीं दिए।
- मुनीषा, गुलडिय़ा खास
गांव गुलड़िया खास की प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि गांवों की महिलाओं से हुई ठगी की जानकारी अपने पति परमेश्वर दयाल को दी। तब उसके पति ने ठगी की जानकारी हलका सिपाहियों को दी। सिपाहियों ने खरी खोटी सुनाई।
- पुष्पा देवी, प्रधान
ठगी की ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। क्षेत्र में ऐसा कोई गैंग आया है, इसकी भी जानकारी अब तक नहीं लग सकी। अगर ऐसा है तो प्रलोभन में आकर महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं। पूरी जानकारी कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। गिरोह कही सर्किल में ही तो नहीं है। इसकी भी जांच की जाएगी।
- लल्लन सिंह, सीओ, पूरनपुर