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बरेली की क्राइम ब्रांच टीम ने रिटायर्ड फौजी सहित पांच लोगों से की पूछताछ
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पूरनपुर। रिटायर्ड फौजी की पिटाई प्रकरण में जांच कर रही बरेली की क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को रिटायर्ड फौजी, उनकी दोनों बहनों और घटना की वीडियो बना रहे लोगों से पूछताछ कर उनके बयान लिए।
पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान तीन मई को मंडी समिति के बाहर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। बैरियर पर पुलिस तैनात थी। माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव मथना निवासी रिटायर्ड फौजी रेशम सिंह अपनी मां और दो बहनों के साथ कार से लखीमपुर में अपने बहनोई के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रह थे। बैरियर पर कागज दिखाने पर रिटायर्ड फौजी का पुलिस से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर रिटायर्ड फौजी की और बचाने को पहुंची उसकी मां, बहनों की भी पिटाई की गई थी। रिटायर्ड फौजी का आरोप था कि कोतवाली लाकर उसकी मां और बहनों को एक स्थान पर बैठा दिया गया। इसके बाद उसे कोतवाली कार्यालय के पीछे बैरक में ले जाकर चारपाई से बांधकर जमकर पीटा गया। सिपाही उसके ऊपर बैठे। दरोगा ने उसके गुदा मार्ग पर कई बार डंडा डाला। हालत खराब होने पर उसके उसकी मां और बहनों को सुपुर्द कर दिया गया। कार के सभी कागज पूरे होने के बाद कार का चालान कर दिया गया। होश में आने पर उसकी मां ने उसकी जमानत कराकर घर आने की जानकारी दी। रिटायर्ड फौजी, उसकी मां, बहन सहित पांच पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की शिकायत पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया था। बाद में पुलिस ने दरोगा रामनरेश सिंह, रईस अहमद और छह सिपाहियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की जांच बरेली क्राइम ब्रांच और एसआईटी को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने सप्ताह भर पहले कोतवाली पहुंचकर जांच शुरू की थी। बुधवार को टीम ने गांव टंडोला पहुंचकर घटना के समय वहां के लोगों की मौजूदगी की जानकारी एकत्र की। शनिवार को रिटायर्ड फौजी रेशम सिंह को कोतवाली में बुलाकर उनसे घटना की जानकारी ली। इसके अलावा रेशम सिंह की दोनों बहनों के घरों में जाकर और घटना के समय वीडियो बना रहे गांव माधौपुर के दो युवकों से पूछताछ कर उनके बयान लिए।
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पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान तीन मई को मंडी समिति के बाहर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। बैरियर पर पुलिस तैनात थी। माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव मथना निवासी रिटायर्ड फौजी रेशम सिंह अपनी मां और दो बहनों के साथ कार से लखीमपुर में अपने बहनोई के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रह थे। बैरियर पर कागज दिखाने पर रिटायर्ड फौजी का पुलिस से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर रिटायर्ड फौजी की और बचाने को पहुंची उसकी मां, बहनों की भी पिटाई की गई थी। रिटायर्ड फौजी का आरोप था कि कोतवाली लाकर उसकी मां और बहनों को एक स्थान पर बैठा दिया गया। इसके बाद उसे कोतवाली कार्यालय के पीछे बैरक में ले जाकर चारपाई से बांधकर जमकर पीटा गया। सिपाही उसके ऊपर बैठे। दरोगा ने उसके गुदा मार्ग पर कई बार डंडा डाला। हालत खराब होने पर उसके उसकी मां और बहनों को सुपुर्द कर दिया गया। कार के सभी कागज पूरे होने के बाद कार का चालान कर दिया गया। होश में आने पर उसकी मां ने उसकी जमानत कराकर घर आने की जानकारी दी। रिटायर्ड फौजी, उसकी मां, बहन सहित पांच पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की शिकायत पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया था। बाद में पुलिस ने दरोगा रामनरेश सिंह, रईस अहमद और छह सिपाहियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की जांच बरेली क्राइम ब्रांच और एसआईटी को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने सप्ताह भर पहले कोतवाली पहुंचकर जांच शुरू की थी। बुधवार को टीम ने गांव टंडोला पहुंचकर घटना के समय वहां के लोगों की मौजूदगी की जानकारी एकत्र की। शनिवार को रिटायर्ड फौजी रेशम सिंह को कोतवाली में बुलाकर उनसे घटना की जानकारी ली। इसके अलावा रेशम सिंह की दोनों बहनों के घरों में जाकर और घटना के समय वीडियो बना रहे गांव माधौपुर के दो युवकों से पूछताछ कर उनके बयान लिए।
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