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पूर्व प्रधान समेत चार पर दर्ज होगी रिपोर्ट
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पूरनपुर। गांव शहबाजपुर में आंगनबाड़ी केंद्र न बनाकर पौने सात लाख रुपये गबन करने के मामले में गठित की गई टीम ने जांच कर रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को सौंप दी। टीम ने जांच में बगैर भवन निर्माण कराए एक साल पहले ही धनराशि हड़पने का मामला पाया। अब पूर्व प्रधान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
ग्राम पंचायत शहबाजपुर में पहले से ही आंगनबाड़ी केंद्र भवन था। इस भवन को सीएनडीएस संस्था ने बनवाया था। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र भवन की जरूरत न होने के बाद भी योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र भवन का प्रस्ताव कराकर भवन निर्माण कराए बगैर पौने सात लाख रुपये हड़प लिए गए थे। तकनीकी सहायक ने बिना निरीक्षण मेजरमेंट बुक तैयार कर दी थी। इतना ही नहीं निर्माण न होने के बाद रोजगार सेवक ने मनरेगा से मजदूर चलने, मटेरियल खरीद आदि का मस्टररोल बना डाला। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने मोबाइल पर मिली शिकायत पर पिछले दिनों जांच की थी। तब पुराने बने आंगनबाड़ी केंद्र को नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बताया गया। मगर खंड विकास अधिकारी ने ड्राइंग पर मामले को पकड़ लिया और गहनता से जांच में स्वीकृत कराए गए भवन का निर्माण होना नहीं पाया। बारीकी से जांच को बीडीओ ने छह सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को दो दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए। खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने बताया कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए करीब एक साल पहले धनराशि निकालकर बंदरबांट होना पाया। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि अब पूर्व प्रधान, तब तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक पर धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। गबन की गई धनराशि की वसूली भी होगी। शीघ्र ही अफसरों के संज्ञान में मामले को डालकर रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
कार्रवाई से बचने को शुरू कराया निर्माण
बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराए एक साल पहले धनराशि निकालकर बंदरबांट होने का मामला खुलने पर अब कार्रवाई से बचने को आरोपियों ने गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण शुरू कराया है। ताकि कार्रवाई से किसी तरह बचा जा सके।
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ग्राम पंचायत शहबाजपुर में पहले से ही आंगनबाड़ी केंद्र भवन था। इस भवन को सीएनडीएस संस्था ने बनवाया था। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र भवन की जरूरत न होने के बाद भी योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र भवन का प्रस्ताव कराकर भवन निर्माण कराए बगैर पौने सात लाख रुपये हड़प लिए गए थे। तकनीकी सहायक ने बिना निरीक्षण मेजरमेंट बुक तैयार कर दी थी। इतना ही नहीं निर्माण न होने के बाद रोजगार सेवक ने मनरेगा से मजदूर चलने, मटेरियल खरीद आदि का मस्टररोल बना डाला। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने मोबाइल पर मिली शिकायत पर पिछले दिनों जांच की थी। तब पुराने बने आंगनबाड़ी केंद्र को नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बताया गया। मगर खंड विकास अधिकारी ने ड्राइंग पर मामले को पकड़ लिया और गहनता से जांच में स्वीकृत कराए गए भवन का निर्माण होना नहीं पाया। बारीकी से जांच को बीडीओ ने छह सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को दो दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए। खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने बताया कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए करीब एक साल पहले धनराशि निकालकर बंदरबांट होना पाया। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि अब पूर्व प्रधान, तब तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक पर धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। गबन की गई धनराशि की वसूली भी होगी। शीघ्र ही अफसरों के संज्ञान में मामले को डालकर रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
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कार्रवाई से बचने को शुरू कराया निर्माण
बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराए एक साल पहले धनराशि निकालकर बंदरबांट होने का मामला खुलने पर अब कार्रवाई से बचने को आरोपियों ने गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण शुरू कराया है। ताकि कार्रवाई से किसी तरह बचा जा सके।
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