{"_id":"605cd25e8ebc3e5904761b1c","slug":"crime-pilibhit-news-bly441925935","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंटों की गिनती करने वाले मुशियों से चार महीने से चल रहा था प्रेमप्रसंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंटों की गिनती करने वाले मुशियों से चार महीने से चल रहा था प्रेमप्रसंग
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पीलीभीत। अपने ही परिवार के हाथों मौत के घाट उतारी गईं सगी बहनों की हत्या के पीछे उनका प्रेमप्रसंग भी सुर्खियों में आ गया है। दोनों बहनों की बातचीत ईट भट्टे पर काम करने वाले दोनों मुंशियों से होती थी।
दोनों बहनों परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बीसलपुर के ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। वहां पर काम करने वाले दो मुंशी ईंटों की गिनती का काम करते थे। काम के दौरान वह एक दूसरे के संपर्क में आ गए। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों का इनसे प्रेमप्रसंग हो गया। चार महीने से वह बातचीत कर रहे थे। बात करने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए दोनों ने एक नया मोबाइल दो माह पहले खरीदकर दे दिया था। इसी मोबाइल से दोनों बहनें बातें किया करती थीं। परिवार को मोबाइल की भनक नहीं थी। घटना के दिन जब मोबाइल पर बात करते बड़ी बहन पकड़ी गई तो मौका लगते ही छोटी बहन ने एक प्रेमी को कॉल कर बता दिया था। यह भी कह दिया था कि अब वह कॉल न करे। फिर परिवार के मारपीट करने से लेकर हत्या को अंजाम देने तक दोनों मुंशियों को कोई जानकारी नहीं थी। मोबाइल में उनकी बातचीत की कॉल डिलीट कर दी गई थी। इस वजह से पुलिस को तब पता चला जब कॉल डिटेल निकलवाई गई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उनकी संलिप्तता नहीं मिली।
मां, भाई का हत्या और भट्ठा मालिक का साक्ष्य छिपाने में चालान
गिरफ्तारी के बाद मां और बड़े भाई का चालान पुलिस ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धाराओं में किया है। जबकि भट्ठा मालिक का चालान साक्ष्य छिपाने में मदद व बढ़ावा देने पर धारा 201,115 के तहत चालान किया गया है।
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दोनों बहनों परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बीसलपुर के ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। वहां पर काम करने वाले दो मुंशी ईंटों की गिनती का काम करते थे। काम के दौरान वह एक दूसरे के संपर्क में आ गए। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों का इनसे प्रेमप्रसंग हो गया। चार महीने से वह बातचीत कर रहे थे। बात करने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए दोनों ने एक नया मोबाइल दो माह पहले खरीदकर दे दिया था। इसी मोबाइल से दोनों बहनें बातें किया करती थीं। परिवार को मोबाइल की भनक नहीं थी। घटना के दिन जब मोबाइल पर बात करते बड़ी बहन पकड़ी गई तो मौका लगते ही छोटी बहन ने एक प्रेमी को कॉल कर बता दिया था। यह भी कह दिया था कि अब वह कॉल न करे। फिर परिवार के मारपीट करने से लेकर हत्या को अंजाम देने तक दोनों मुंशियों को कोई जानकारी नहीं थी। मोबाइल में उनकी बातचीत की कॉल डिलीट कर दी गई थी। इस वजह से पुलिस को तब पता चला जब कॉल डिटेल निकलवाई गई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उनकी संलिप्तता नहीं मिली।
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मां, भाई का हत्या और भट्ठा मालिक का साक्ष्य छिपाने में चालान
गिरफ्तारी के बाद मां और बड़े भाई का चालान पुलिस ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धाराओं में किया है। जबकि भट्ठा मालिक का चालान साक्ष्य छिपाने में मदद व बढ़ावा देने पर धारा 201,115 के तहत चालान किया गया है।
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