{"_id":"6054ea2e8ebc3ecbaa3c4557","slug":"crime-pilibhit-news-bly441096929","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचहरी में वकील पर जानलेवा हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचहरी में वकील पर जानलेवा हमला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। कचहरी में शुक्रवार दोपहर एक मुवक्किल ने अधिवक्ता कृष्ण कुमार पासवान पर जानलेवा हमला बोल दिया। वहां मौजूद वकीलों ने आरोपी को मौके पर दबोच लिया। अधिवक्ता की ओर से घटना की तहरीर दे दी गई है।
शुक्रवार दोपहर नगर के मोहल्ला बाग गुलशेर खान निवासी ओमप्रकाश कश्यप ने कचहरी में मौजूद अधिवक्ता कृष्ण कुमार पासवान पर हमला कर दिया और उन्हें नीचे फर्श पर गिरा दिया। हमले में अधिवक्ता कृष्ण कुमार को काफी चोटें आई। वहां मौजूद अन्य वकीलों ने हमलावर को मौके पर दबोच लिया। बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
अधिवक्ता कृष्ण कुमार पासवान की ओर से कोतवाली में तहरीर दे दी गई। अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने जानलेवा हमला और एससी एसटी एक्ट के एक मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी की थी। उनकी पैरवी से हमलावर के भाई कमल को सजा हुई थी। आरोपी उसी समय से रंजिश मानता है। इसी रंजिश को लेकर जानलेवा हमला किया गया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया गया। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता का मेडिकल परीक्षण कराया। इधर, अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने कहा की भरी अदालत में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला गंभीर घटना है। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की व्यवस्था करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार दोपहर नगर के मोहल्ला बाग गुलशेर खान निवासी ओमप्रकाश कश्यप ने कचहरी में मौजूद अधिवक्ता कृष्ण कुमार पासवान पर हमला कर दिया और उन्हें नीचे फर्श पर गिरा दिया। हमले में अधिवक्ता कृष्ण कुमार को काफी चोटें आई। वहां मौजूद अन्य वकीलों ने हमलावर को मौके पर दबोच लिया। बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
अधिवक्ता कृष्ण कुमार पासवान की ओर से कोतवाली में तहरीर दे दी गई। अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने जानलेवा हमला और एससी एसटी एक्ट के एक मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी की थी। उनकी पैरवी से हमलावर के भाई कमल को सजा हुई थी। आरोपी उसी समय से रंजिश मानता है। इसी रंजिश को लेकर जानलेवा हमला किया गया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया गया। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता का मेडिकल परीक्षण कराया। इधर, अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने कहा की भरी अदालत में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला गंभीर घटना है। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की व्यवस्था करे।
विज्ञापन