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गाजीपुर मुगल में फिजा बिगाडने की कोशिश
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पीलीभीत। एक तरफ पुलिस प्रशासन नवरात्र को लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा है। वहीं खुराफात करने वाले हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार रात बरखेड़ा क्षेत्र के गाजीपुर मुगल गांव में शरारत करते हुए देवस्थाल पर लगे पीपल के वृक्ष (ब्रहमदेव स्थल) की टहनियां काट दीं। शनिवार सुबह घटना की जानकारी लगने पर एक पक्ष के लोग जमा हुए और नाराजगी जताई। इसकी सूचना मिलने पर चौकी पुलिस गांव पहुंची। ग्रामीणों से जानकारी कर औपचारिकता निभाकर पुलिस लौट गई। इधर, पूर्व में पुलिस की ओर से हुई मुचलका पाबंद कार्रवाई से घबराकर ग्रामीणों ने भी तहरीर देने से इंकार कर दिया। जिसके चलते कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
घटना बरखेड़ा थाना क्षेत्र का गाजीपुर मुगल गांव अति-संवेदनशील की है। यहां पर एक देवस्थान है। जिसकी देखरेख और पूजापाठ की जिम्मेदारी गांव के ही 75 वर्षीय शिवराज सिंह संभालते हैं। शुक्रवार रात देवस्थान पर स्थित पीपल की कुछ टहनियां काट दी गईं। शनिवार सुबह करीब सात बजे पुजारी शिवराज सिंह ने इसको देखा तो दंग रह गए। कुछ ही देर में गांव में शोर मच गया और एक पक्ष के काफी लोग जमा हो गए। इसको माहौल खराब करने के लिए शरारत करार दिया गया, लेकिन पुलिस को सूचना देने से ग्रामीण बचते रहे। उनका कहना था पुलिस खुराफाती का पता लगाने के बजाय सूचना देने वालों पर ही कार्रवाई कर देती है। इसी बीच किसी से सूचना पाकर जिरौनिया पुलिस चौकी के दो सिपाही गांव आ गए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी की। ग्रामीणों ने इसको किसी के द्वारा की गई खुराफात बताया, लेकिन कार्रवाई के लिए तहरीर मांगने पर कोई आगे नहीं आया। सभी ने इंकार कर दिया। इस पर पुलिसकर्मी छानबीन कर कार्रवाई का भरोसा देकर लौट गए।
पुलिस बोली- काटी नहीं गई, दूसरी जगह से लाकर डाल दी गई थीं टहनिया
सूचना मिलने पर पुलिस को गांव भेजा गया था। इस मामले की गहनता से जानकारी कराई गई है। देवस्थान पर लगे पीपल से टहनियां नहीं काटी गई हैं। जो टहनियां वहां पर पड़ी थीं, वह दूसरी जगह से काटकर वहां कोई डाल गया है। ग्रामीण किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। गांव के हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। - पूरनचंद, कार्यवाहक थानाध्यक्ष
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घटना बरखेड़ा थाना क्षेत्र का गाजीपुर मुगल गांव अति-संवेदनशील की है। यहां पर एक देवस्थान है। जिसकी देखरेख और पूजापाठ की जिम्मेदारी गांव के ही 75 वर्षीय शिवराज सिंह संभालते हैं। शुक्रवार रात देवस्थान पर स्थित पीपल की कुछ टहनियां काट दी गईं। शनिवार सुबह करीब सात बजे पुजारी शिवराज सिंह ने इसको देखा तो दंग रह गए। कुछ ही देर में गांव में शोर मच गया और एक पक्ष के काफी लोग जमा हो गए। इसको माहौल खराब करने के लिए शरारत करार दिया गया, लेकिन पुलिस को सूचना देने से ग्रामीण बचते रहे। उनका कहना था पुलिस खुराफाती का पता लगाने के बजाय सूचना देने वालों पर ही कार्रवाई कर देती है। इसी बीच किसी से सूचना पाकर जिरौनिया पुलिस चौकी के दो सिपाही गांव आ गए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी की। ग्रामीणों ने इसको किसी के द्वारा की गई खुराफात बताया, लेकिन कार्रवाई के लिए तहरीर मांगने पर कोई आगे नहीं आया। सभी ने इंकार कर दिया। इस पर पुलिसकर्मी छानबीन कर कार्रवाई का भरोसा देकर लौट गए।
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पुलिस बोली- काटी नहीं गई, दूसरी जगह से लाकर डाल दी गई थीं टहनिया
सूचना मिलने पर पुलिस को गांव भेजा गया था। इस मामले की गहनता से जानकारी कराई गई है। देवस्थान पर लगे पीपल से टहनियां नहीं काटी गई हैं। जो टहनियां वहां पर पड़ी थीं, वह दूसरी जगह से काटकर वहां कोई डाल गया है। ग्रामीण किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। गांव के हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। - पूरनचंद, कार्यवाहक थानाध्यक्ष
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