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विधायक के भांजे को पीटने वाले तीन थे या पंद्रह, हो रही जांच
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पीलीभीत। भाजपा के बरखेड़ा से विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे ऋषभ को अगवा कर उस पर जानलेवा हमले और लूटपाट करने के मामले में डीएम के गनर समेत तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद एसडीएम सदर के पेशकार अमित सक्सेना की नामजदगी को लेकर पुलिस पहले ही उलझी हुई हैं। वहीं अज्ञात में बताए गए 11 अन्य आरोपियों तक पहुंचना भी पुलिस के लिए आसान नहीं है। अन्य आरोपियों के नाम पते तो दूर की बात उनकी संख्या को लेकर पेंच फंस गया है। पकड़े गए आरोपियों ने भी घटना में सिर्फ तीन का ही होना बताया। ऐसे में अन्य लोग कौन-कौन थे। इसका पता पुलिस दो दिन बाद भी नहीं लगा सकी है।
वसुंधरा कॉलोनी निवासी ऋषभ की ओर से बृहस्पतिवार रात अपहरण, डकैती और जानलेवा हमला करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें डीएम के गनर मोहित गुर्जर, एसडीएम के पेशकार अमित सक्सेना, पुनीत गंगवार, डोडो उर्फ सनी को नामजद और 11 अज्ञात आरोपी बताए गए हैं। आरोप है कि सब्जी खरीदने जा रहे ऋषभ को आरोपियों ने मंडी समिति के पास रोककर मारपीट की। इसके बाद कार में डालकर ले गए और डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर पीटते रहे। भांजे के साथ हुई घटना के बाद विधायक भी खासा गुस्साए थे। शुक्रवार को सुनगढ़ी पुलिस ने मुख्य आरोपी गनर मोहित, पुनीत गंगवार और सनी को जेल भेज दिया था। चौथे नामजद आरोपी अमित सक्सेना के चकबंदी विभाग के अधिकारियों संग होने की बात प्रशासनिक अधिकारी कह रहे हैं। जिससे उसकी मौजूदगी को लेकर पुलिस उलझ गई है। साक्ष्य तलब कर पड़ताल जारी है। इधर, अन्य आरोपियों का पता लगाने में भी पुलिस के सामने कई उलझने आ गई है। ऋषभ के अनुसार पंद्रह लोगों ने उस पर हमला किया था, जबकि पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने किसी अन्य साथी का नाम पता नहीं बताया। सिर्फ तीन के होने की बात ही कही जाती रही। जिससे पुलिस को इसमें भी कोई क्लू नहीं मिल सका है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। विवेचना चल रही है, साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वसुंधरा कॉलोनी निवासी ऋषभ की ओर से बृहस्पतिवार रात अपहरण, डकैती और जानलेवा हमला करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें डीएम के गनर मोहित गुर्जर, एसडीएम के पेशकार अमित सक्सेना, पुनीत गंगवार, डोडो उर्फ सनी को नामजद और 11 अज्ञात आरोपी बताए गए हैं। आरोप है कि सब्जी खरीदने जा रहे ऋषभ को आरोपियों ने मंडी समिति के पास रोककर मारपीट की। इसके बाद कार में डालकर ले गए और डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर पीटते रहे। भांजे के साथ हुई घटना के बाद विधायक भी खासा गुस्साए थे। शुक्रवार को सुनगढ़ी पुलिस ने मुख्य आरोपी गनर मोहित, पुनीत गंगवार और सनी को जेल भेज दिया था। चौथे नामजद आरोपी अमित सक्सेना के चकबंदी विभाग के अधिकारियों संग होने की बात प्रशासनिक अधिकारी कह रहे हैं। जिससे उसकी मौजूदगी को लेकर पुलिस उलझ गई है। साक्ष्य तलब कर पड़ताल जारी है। इधर, अन्य आरोपियों का पता लगाने में भी पुलिस के सामने कई उलझने आ गई है। ऋषभ के अनुसार पंद्रह लोगों ने उस पर हमला किया था, जबकि पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने किसी अन्य साथी का नाम पता नहीं बताया। सिर्फ तीन के होने की बात ही कही जाती रही। जिससे पुलिस को इसमें भी कोई क्लू नहीं मिल सका है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। विवेचना चल रही है, साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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