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महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
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पीलीभीत। बेटी के साथ धान की नराई कर लौट रही महिला ने दो लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। थाना पुलिस पर भी शिकायत को जांच के नाम पर टालने के आरोप हैं। महिला ने एडीजी बरेली के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई है।
गजरौला क्षेत्र की एक महिला ने एडीजी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। चार सितंबर को वह धान नराने के लिए गांव में गई थी। उसकी नाबालिग बेटी भी साथ थी। शाम करीब छह बजे काम निपटाकर वापस घर आ रही थी। आरोप है कि दियूनी बहादुरगंज निवासी दो युवकों ने उसको रास्ते में रोक लिया और खेत में ले गए। आरोप है कि यहां दोनों ने दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में आरोपी धमकाते हुए निकल गए। दूसरे दिन पांच सितंबर को पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन जांच के नाम पर टाल दिया गया। इसके बाद नौ सितंबर को एडीजी के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई। एडीजी बरेली अविनाश चंद्र ने थानाध्यक्ष गजरौला को स्वयं जांच कर साक्ष्य और सत्यता होने पर रिपोर्ट के निर्देश दिए हैं। इधर, इंस्पेक्टर गजरौला नरेश कश्यप ने बताया कि महिला की ओर से थाने पर कोई शिकायत नहीं की गई है। टरकाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। एक दिन पूर्व मंगलवार को एक महिला आई थी और एडीजी के यहां दिया गया शिकायती पत्र की फोटो कॉपी दिखाई। इस पर उसको निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसी के बाद कराई गई पड़ताल में मामला संदिग्ध और पेशबंदी में आरोप लगाने का भी निकला है। पूरे मामले की पड़ताल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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गजरौला क्षेत्र की एक महिला ने एडीजी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। चार सितंबर को वह धान नराने के लिए गांव में गई थी। उसकी नाबालिग बेटी भी साथ थी। शाम करीब छह बजे काम निपटाकर वापस घर आ रही थी। आरोप है कि दियूनी बहादुरगंज निवासी दो युवकों ने उसको रास्ते में रोक लिया और खेत में ले गए। आरोप है कि यहां दोनों ने दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में आरोपी धमकाते हुए निकल गए। दूसरे दिन पांच सितंबर को पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन जांच के नाम पर टाल दिया गया। इसके बाद नौ सितंबर को एडीजी के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई। एडीजी बरेली अविनाश चंद्र ने थानाध्यक्ष गजरौला को स्वयं जांच कर साक्ष्य और सत्यता होने पर रिपोर्ट के निर्देश दिए हैं। इधर, इंस्पेक्टर गजरौला नरेश कश्यप ने बताया कि महिला की ओर से थाने पर कोई शिकायत नहीं की गई है। टरकाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। एक दिन पूर्व मंगलवार को एक महिला आई थी और एडीजी के यहां दिया गया शिकायती पत्र की फोटो कॉपी दिखाई। इस पर उसको निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसी के बाद कराई गई पड़ताल में मामला संदिग्ध और पेशबंदी में आरोप लगाने का भी निकला है। पूरे मामले की पड़ताल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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