फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime

अरमान हत्याकांड: कैंडल मार्च निकाला, एसडीएम से नोकझोंक

Fri, 23 Aug 2019 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 Aug 2019 02:16 AM IST
विज्ञापन
crime
पूरनपुर। वर्कशॉप मालिक अरमान की हत्या के मामले में नामजद किए गए आरोपियों को जेल न भेजे जाने पर परिवार वालों संग कैंडल मार्च निकाल रहे लोगों ने एसडीएम को रोक लिया। इसके बाद पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। एसडीएम से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में एसडीएम ने बैठकर समस्या का समाधान का भरोसा दिलाकर शांत कराया। करीब 20 मिनट तक अफरातफरी का माहौल रहा।
विज्ञापन

मोहल्ला गनेशगंज राजन टॉकीज वाली गली निवासी अरमान का शव पूरनपुर-मैगलगंज हाईवे पर घाटमपुर के आगे सड़क किनारे सोमवार रात मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में आई चोटों से मौत होना बताया गया था। जिसके बाद से ही पुलिस मामले में हत्या और हादसे को लेकर उलझी हुई है। बुधवार को परिवार के ही शक्ति कुमार की ओर से अरमान के साथी और नगर की सुधीर कॉलोनी निवासी अंकुर अग्रवाल और बंडा बस स्टैंड के समीप रहने वाले लाडी सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों से संपर्क साधा जा रहा है। इधर, बृहस्पतिवार देर शाम अरमान के परिजन कैंडल मार्च निकाल रहे थे। इस बीच एसडीएम चंद्रभानु सिंह की गाड़ी आती दिखाई दी। उसको भीड़ ने रोक लिया। एसडीएम के उतरने पर नोकझोंक हुई। परिजन ने पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। एसडीएम ने बताया कि मृतक के परिजन को बैठकर पूरी बात बताने को कहा गया है। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन


टेलर की मौत मामले में मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
मझोला। कस्बे के आदर्श कॉलोनी निवासी मलखान सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत में बताया कि 15 अगस्त को उनका बेटा रोहित सिंह न्यूरिया गया था। पुराने विवाद को लेकर बेटे के ससुरालियों ने उसकी पिटाई कर बाइक छीन ली। इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन न्यूरिया पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर, बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार सुबह रोहित की मौत हो गई। उसके शव का बरेली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद भी पुलिस अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में की गई शिकायतों में पुलिस ने अपनी तरफ से गलत आख्या देकर मामले को दबा दिया था। इधर इंस्पेक्टर बिरजाराम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मौत शॉक से होना बताते हुए हार्टअटैक की ओर इशारा किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed