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आवास स्वीकृत किसी का हुआ, धनराशि किसी को भेज दी
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पूरनपुर। गांव बैल्हा निवासी श्रवण सिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास तो स्वीकृत हुआ, लेकिन आवास निर्माण की धनराशि दूसरे के खाते में भेज दी गई। खातेदार ने धनराशि निकालकर हड़प ली। संपूर्ण समाधान दिवस में हुई शिकायत के बाद जांच में मामला सही पाया गया। खंड विकास अधिकारी ने पूर्व ग्राम पंचायत सचिव से आवास की धनराशि वसूल करने और कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
बैल्हा गांव निवासी स्वर्ण सिंह को वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। सूची में नाम आने पर स्वर्ण सिंह ने बैंक का खाता नंबर आदि विकास विभाग कर्मचारियों को दिया था। इसके बाद स्वर्ण सिंह को आवास निर्माण की धनराशि नहीं मिली। उसकी स्वीकृत आवास की धनराशि दूसरे के खाते में भेज दी गई। खातेदार ने धनराशि अपने खाते से निकालकर खर्च कर ली। आवास निर्माण न करवाने पर स्वर्ण सिंह को नोटिस जारी किया गया। तब उन्हें धनराशि जारी होने की जानकारी हुई। उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की। खंड विकास अधिकारी नीरज दुबे ने बताया कि जांच में स्वर्ण सिंह को स्वीकृत आवास की धनराशि अतर सिंह के खाते में पहुंचने का खुलासा हुआ। पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव अंगनलाल की लापरवाही पाई गई। बर्खास्त सचिव अंगनलाल से उक्त धनराशि की वसूली करने और कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीपीआरओ और पीडी को भेजी गई है।
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बैल्हा गांव निवासी स्वर्ण सिंह को वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। सूची में नाम आने पर स्वर्ण सिंह ने बैंक का खाता नंबर आदि विकास विभाग कर्मचारियों को दिया था। इसके बाद स्वर्ण सिंह को आवास निर्माण की धनराशि नहीं मिली। उसकी स्वीकृत आवास की धनराशि दूसरे के खाते में भेज दी गई। खातेदार ने धनराशि अपने खाते से निकालकर खर्च कर ली। आवास निर्माण न करवाने पर स्वर्ण सिंह को नोटिस जारी किया गया। तब उन्हें धनराशि जारी होने की जानकारी हुई। उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की। खंड विकास अधिकारी नीरज दुबे ने बताया कि जांच में स्वर्ण सिंह को स्वीकृत आवास की धनराशि अतर सिंह के खाते में पहुंचने का खुलासा हुआ। पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव अंगनलाल की लापरवाही पाई गई। बर्खास्त सचिव अंगनलाल से उक्त धनराशि की वसूली करने और कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीपीआरओ और पीडी को भेजी गई है।
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