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फरार आरोपियों की धरपकड़ भूले, मामला ठंडे बस्ते में
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पीलीभीत। सिटी डाकघर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले ‘पहुंच वालों’ की जल्द धरपकड़ करने का दावा करने वाली कोतवाली पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है। अधिकारियों को भी मामले में खेल का अंदेशा है। अब इस दिशा में भी जांच कराने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र स्थित सिटी डाकघर की साढ़े छह सौ गज जमीन पर करीब 20 दिन पूर्व कब्जा करने की कोशिश की गई थी। पहुंच वालों ने साठगांठ कर रातोंरात चहारदीवारी को जेसीबी से गिरा दिया और उस पर कब्जे की कोशिश की। बाद में डाक विभाग के अधिकारियों ने डीएम-एसपी से शिकायत की तो कार्रवाई हो सकी। डाक विभाग से मिली तहरीर पर 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें पूर्व में जिले में तैनात रहे एक प्रशासनिक अफसर के भांजे बताए जाने वाले पारसमणि पांडे, जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के बेटे शिवा गुप्ता समेत कई रसूखदार भी आरोपी बनाए गए। कोतवाली पुलिस चार आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन पहुंच वालों तक पहुंचने में पुलिस खेल कर रही है। उनको आज तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस आरोपियों के गैर जमानती वारंट लेने की बात कह रही थी, लेकिन यह लिए गए या फिर नहीं। इसकी स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी है। स्थिति यह है कि पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इधर, कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है तो एक पुलिसकर्मी तो आरोपियों का नजदीकी बताया जा रहा है। आरोपियों की धरपकड़ न होने के पीछे भी पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देशित किया गया है। कुछ पुलिसकर्मियों के गड़बड़ करने की बात पता लगी है। इसको भी दिखवाया जा रहा है। अगर मामला सही पाया गया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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कोतवाली क्षेत्र स्थित सिटी डाकघर की साढ़े छह सौ गज जमीन पर करीब 20 दिन पूर्व कब्जा करने की कोशिश की गई थी। पहुंच वालों ने साठगांठ कर रातोंरात चहारदीवारी को जेसीबी से गिरा दिया और उस पर कब्जे की कोशिश की। बाद में डाक विभाग के अधिकारियों ने डीएम-एसपी से शिकायत की तो कार्रवाई हो सकी। डाक विभाग से मिली तहरीर पर 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें पूर्व में जिले में तैनात रहे एक प्रशासनिक अफसर के भांजे बताए जाने वाले पारसमणि पांडे, जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के बेटे शिवा गुप्ता समेत कई रसूखदार भी आरोपी बनाए गए। कोतवाली पुलिस चार आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन पहुंच वालों तक पहुंचने में पुलिस खेल कर रही है। उनको आज तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस आरोपियों के गैर जमानती वारंट लेने की बात कह रही थी, लेकिन यह लिए गए या फिर नहीं। इसकी स्थिति भी स्पष्ट नहीं की जा सकी है। स्थिति यह है कि पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इधर, कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है तो एक पुलिसकर्मी तो आरोपियों का नजदीकी बताया जा रहा है। आरोपियों की धरपकड़ न होने के पीछे भी पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देशित किया गया है। कुछ पुलिसकर्मियों के गड़बड़ करने की बात पता लगी है। इसको भी दिखवाया जा रहा है। अगर मामला सही पाया गया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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