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नाबालिग आरोपी ने रिश्तेदार के कहने पर अंजली को उतारा था मौत के घाट
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बीसलपुर (पीलीभीत)। छात्रा अंजली को बहाने से साथ ले जाकर नाबालिग आरोपी ने ही नहर में धक्का देकर हत्या की थी। इसकी साजिश नाबालिग के रिश्तेदार ने रची थी। आरोपी रिश्तेदार को गिरफ्तार करके बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। नाबालिग पहले से ही बरेली के किशोर सदन में बंद है। इस बीच पुलिस ने खुदकुशी को विवश करने की दर्ज रिपोर्ट को हत्या में तरमीम कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव चुटकुना निवासी रामसिंह की 16 वर्षीय पुत्री अंजली नगर के एक प्राइवेट इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। वह बीसलपुर में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। 21 सितंबर 2019 को कॉलेज जाने केेे लिए घर से निकलने के बाद रहस्यमय ढंग से अंजली लापता हो गई थी। पिता की ओर से दूसरे दिन पुलिस ने गुमशुदगी और फिर अपहरण की अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसको लेकर छानबीन चल रही थी कि 23 सितंबर को अंजली का क्षतविक्षत शव पुवायां (शाहजहांपुर) के गांव नवाबपुर के पास नहर में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा की मौत डूबने से बताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या को विवश करने की धारा में एफआईआर तरमीम कर दी थी, जबकि परिजन शुरुआत से हत्या का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे बरेली के किशोर सदन भेज दिया गया था।
इधर, छात्रा के पिता हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे। साथ ही नाबालिग आरोपी के एक रिश्तेदार की मिलीभगत बताते रहे। पुलिस के न सुनने पर पिता ने 14 नवंबर को गांव नूरानपुर में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की। सीएम तक मामला पहुंचने के बाद एएसपी रोहित मिश्र की अगुवाई में गठित टीम ने सभी बिंदुओं पर जांच की। कार्रवाई की गहनता से समीक्षा की गई तो टीम को भी मामला हत्या की ओर इशारा करता दिखा। इसकी रिपोर्ट बनाकर एसपी के माध्यम से शासन को भेज दी गई थी। इसके बाद भी अंजली के परिजन लगातार पैरवी करते रहे। फिर पुलिस ने इसमें आला अधिकारियों से मिले निर्देश पर एक दिन पूर्व हत्या की धारा 302 बढ़ा दी। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए किशोर सदन (बरेली) में बंद नाबालिग मुख्य आरोपी के रिश्तेदार को हिरासत में लिया गया। उससे हुई पूछताछ के बाद घटना को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल गया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दूसरे आरोपी का हत्या की साजिश रचने के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया।
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इस तरह अंजाम दी गई वारदात
पुलिस के अनुसार छात्रा अंजली और मुख्य आरोपी नाबालिग एक दूसरे को जानते थे। उनकी बातचीत भी होती थी। इसी दौरान नाबालिग आरोपी का रिश्तेदार छात्रा की मौत को लेकर उकसाने लगा। उसने छात्रा की मौत की साजिश रची और उसे अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी को तैयार कर लिया। 21 सितंबर को अंजली घर से स्कूल जाने को निकली तो मुख्य आरोपी साजिश के तहत उसे बहाने से नहर के पास ले गया। छात्रा अंजली कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उसे नहर में धक्का देकर मार डाला। इसके बाद वह साजिश रचने वाले अपने रिश्तेदार के पास आ गया।
बेटी की हत्या में कार्रवाई के लिए परिजन को करना पड़ा संघर्ष
छात्रा अंजली की मौत के मामले को खुदकुशी मानकर पुलिस एक नाबालिग को गिरफ्तार करने के बाद शांत बैठ गई थी। परिजन ने कई बार गुहार लगाई, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर बीसलपुर पुलिस टालती रही। अधिकारी भी मातहतों पर विश्वास करने के बाद आश्वासन देकर टाल जाते थे। छात्रा के माता-पिता ने जब मुख्यमंत्री की सभा में पहुंचकर गुहार लगाई तो कुछ उम्मीद जागी। इसके बाद भी परिजन लगातार डटे रहे। चार माह के संघर्ष के बाद अब जाकर हत्या की तस्वीर साफ हुई और साजिशकर्ता भी सलाखों के पीछे पहुंचा।
छात्रा अंजली की हत्या की गई थी। उसे नहर में धक्का देकर साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया। मुख्य आरोपी का रिश्तेदार, जोकि इस हत्याकांड का साजिशकर्ता है उसे भी जेल भेज दिया है। -प्रवीण मलिक, सीओ बीसलपुर
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कोतवाली क्षेत्र के गांव चुटकुना निवासी रामसिंह की 16 वर्षीय पुत्री अंजली नगर के एक प्राइवेट इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। वह बीसलपुर में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। 21 सितंबर 2019 को कॉलेज जाने केेे लिए घर से निकलने के बाद रहस्यमय ढंग से अंजली लापता हो गई थी। पिता की ओर से दूसरे दिन पुलिस ने गुमशुदगी और फिर अपहरण की अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसको लेकर छानबीन चल रही थी कि 23 सितंबर को अंजली का क्षतविक्षत शव पुवायां (शाहजहांपुर) के गांव नवाबपुर के पास नहर में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा की मौत डूबने से बताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या को विवश करने की धारा में एफआईआर तरमीम कर दी थी, जबकि परिजन शुरुआत से हत्या का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे बरेली के किशोर सदन भेज दिया गया था।
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इधर, छात्रा के पिता हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे। साथ ही नाबालिग आरोपी के एक रिश्तेदार की मिलीभगत बताते रहे। पुलिस के न सुनने पर पिता ने 14 नवंबर को गांव नूरानपुर में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की। सीएम तक मामला पहुंचने के बाद एएसपी रोहित मिश्र की अगुवाई में गठित टीम ने सभी बिंदुओं पर जांच की। कार्रवाई की गहनता से समीक्षा की गई तो टीम को भी मामला हत्या की ओर इशारा करता दिखा। इसकी रिपोर्ट बनाकर एसपी के माध्यम से शासन को भेज दी गई थी। इसके बाद भी अंजली के परिजन लगातार पैरवी करते रहे। फिर पुलिस ने इसमें आला अधिकारियों से मिले निर्देश पर एक दिन पूर्व हत्या की धारा 302 बढ़ा दी। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए किशोर सदन (बरेली) में बंद नाबालिग मुख्य आरोपी के रिश्तेदार को हिरासत में लिया गया। उससे हुई पूछताछ के बाद घटना को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल गया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दूसरे आरोपी का हत्या की साजिश रचने के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया।
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इस तरह अंजाम दी गई वारदात
पुलिस के अनुसार छात्रा अंजली और मुख्य आरोपी नाबालिग एक दूसरे को जानते थे। उनकी बातचीत भी होती थी। इसी दौरान नाबालिग आरोपी का रिश्तेदार छात्रा की मौत को लेकर उकसाने लगा। उसने छात्रा की मौत की साजिश रची और उसे अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी को तैयार कर लिया। 21 सितंबर को अंजली घर से स्कूल जाने को निकली तो मुख्य आरोपी साजिश के तहत उसे बहाने से नहर के पास ले गया। छात्रा अंजली कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उसे नहर में धक्का देकर मार डाला। इसके बाद वह साजिश रचने वाले अपने रिश्तेदार के पास आ गया।
बेटी की हत्या में कार्रवाई के लिए परिजन को करना पड़ा संघर्ष
छात्रा अंजली की मौत के मामले को खुदकुशी मानकर पुलिस एक नाबालिग को गिरफ्तार करने के बाद शांत बैठ गई थी। परिजन ने कई बार गुहार लगाई, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर बीसलपुर पुलिस टालती रही। अधिकारी भी मातहतों पर विश्वास करने के बाद आश्वासन देकर टाल जाते थे। छात्रा के माता-पिता ने जब मुख्यमंत्री की सभा में पहुंचकर गुहार लगाई तो कुछ उम्मीद जागी। इसके बाद भी परिजन लगातार डटे रहे। चार माह के संघर्ष के बाद अब जाकर हत्या की तस्वीर साफ हुई और साजिशकर्ता भी सलाखों के पीछे पहुंचा।
छात्रा अंजली की हत्या की गई थी। उसे नहर में धक्का देकर साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया। मुख्य आरोपी का रिश्तेदार, जोकि इस हत्याकांड का साजिशकर्ता है उसे भी जेल भेज दिया है। -प्रवीण मलिक, सीओ बीसलपुर