{"_id":"5f6e3dd58ebc3e9b7404ea2d","slug":"crime-against-women-pilibhit-news-bly421130733","type":"story","status":"publish","title_hn":"गठन के छह महीने बाद ही ठंडी पड़ी एंटी रोमियो स्क्वॉयड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गठन के छह महीने बाद ही ठंडी पड़ी एंटी रोमियो स्क्वॉयड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छेड़छाड़, छात्राओं के स्कूल जाते समय शोहदों पर फब्तियां कसना, तेजाब फेंकना, मोबाइल पर परेशान करना, घरेलू हिंसा और दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों का फोटो चौराहों पर लगवाने का फरमान सुना दिया हो, मगर यह फरमान शोहदों और ऐसे अपराधियों पर कितना असरकारक होगा, यह देखना अभी बाकी है। फिलहाल तो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सीएम योगी आदित्यानाथ ने छात्राओं से सरेराह छेड़छाड़ करने वाले शोहदों की धरपकड़ के लिए जिस एंटी रोमियो टीम का गठन किया था, वह सरकार बनने के छह महीने बाद ही अपना मूल काम भूल गई। बीते आठ माह से तो एंटी रोमियो टीम नेे एक भी शोहदे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना तो दूर कोई हल्की कार्रवाई तक नहीं की। एंटी रोमियो टीम का काम अब सिर्फ चौराहों पर वाहनों के चालान काटने तक सीमित है।
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन किया था। शुरुआत में तो एंटी रोमियो स्क्वॉयड ने ठीक ठाक काम किया। स्कूल और कॉलेज के बाहर खड़े शोहदों को पकड़कर सार्वजनिक रूप से दंडित किया गया। हालांकि उनमें भी अधिकांश शोहदों को स्कूल या कॉलेज से पकड़ने के बाद थाने ले जाकर छोड़ दिया गया। कार्रवाई के नाम पर उन्हें सिर्फ हिदायत दी गई कि आइंदा ऐसी हरकत न करें, मगर इसके बाद एंटी रोमियो टीम सुस्त होती चली गई। एंटी रोमियो स्क्वॉयड टीम को सक्रिय करने के लिए न तो अफसर संजीदा दिखे, न ही मातहत। अब एंटी रोमियो स्क्वॉयड टीम रोड पर तो निकलती है, मगर छात्राओं से छेड़छाड़ रोकने के लिए नहीं, सिर्फ वाहनों के चालान करने के लिए।
अब भी शोहदों का लगा रहता है जमावड़ा
वर्तमान में भी कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक और बीएड की परीक्षाएं चल रही है। कॉलेज के बाहर दिन भर संदिग्धों और शोहदों का जमावड़ा लगा रहता है। मगर, यहां एंटी रोमियो स्क्वॉयड झांकने तक नहीं आती है। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों को भी इस बात से कोई मतलब नहीं होता है कि कोई शोहदा किसी छात्रा पर फब्तियां कसे या सार्वजनिक रूप से उसका अपमान करे। हालांकि पिछले साल की तुलना इस बार छेड़छाड़ की घटनाएं कम हैं तो इसकी वजह मार्च से जुलाई तक का लॉकडाउन है। तब आम लोगों का आवागमन ही बंद था। मगर, अनलॉक होते ही बाजार और बीच सड़क पर छेड़छाड़ की घटनाएं फिर घटने लगी हैं। दो दिन पहले ही कॉलेज से पेपर देकर घर जाते समय छात्रा के साथ एक शोहदे ने रास्ता चलते फब्तियां कसना शुरू की दी थी। पुलिस मौजूद न होने से मनचले छात्रा से छेड़छाड़ करके भाग निकले। हालांकि छात्रा ने लोकलाज के डर से इसकी पुलिस से शिकायत नहीं की। कोरोना काल में थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ एंटी रोमियो टीम भी वाहनों के चालान करती रही। महिला सिपाहियों का काम दिन भर अपने मोबाइल में लगे रहकर चैटिंग करना रह गया है। वह एंटी रोमियो टीम में रहकर ड्यूटी कम करती हैं, मोबाइल में ज्यादा लगी रहती हैं। एंटी रोमिया टीम ने फरवरी से सितंबर तक किसी भी मनचले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। एंटी स्क्वॉयड टीम की उदासीनता से मनचलों के हौसले लगातार बुलंद हुए हैं।
विज्ञापन
2014 में चली गई किशोरी की जान
छेड़छाड़ का विरोध करने पर शहर के मोहल्ले की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी को अपनी जान गवांनी पड़ गई थी। 2104 में कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की किशोरी को तीन शोहदों ने पकड़ लिया था। किशोरी के परिवार वालों का आरोप था कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर किशोरी पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी गई।
15 दिन पहले छात्रा से हुई छेड़छाड़
15 दिन पहले गजरौला क्षेत्र की एक छात्रा पेपर देकर वापस घर लौट रही थी। बरखेड़ा के शोहदे ने उसे पकड़ लिया था। उसके साथ सरेराह शोहदे ने उससे छेड़छाड़ की। पीड़िता ने विरोध किया तो शोहदे ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। पिता की तहरीर पर गजरौला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक शोहदे की गिरफ्तारी नहीं की
बोलीं महिलाएं
महिला अपराधों पर योगी सरकार में खास बदलाव नहीं आया है। ऐसा कोई कदम नहीं दिखा कि महिला अपराध कम हुए हों। एंटी रोमियो टीम को छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। तभी छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते समय खुद को सुरक्षित समझेंगी। - प्राची सक्सेना
योगी सरकार ने महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के फोटो चौराहों पर चस्पा करने का एलान किया है। यह एक अच्छा कदम है। तब समाज के लोग भी उससे दूरी बनाएंगे। मगर, पुलिस और एंटी रोमियो टीम को सक्रिय रहना होगा। तभी महिलाएं और छात्राएं सड़क पर स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगी। - रचना आनंद
शासन से अभी महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के फोटो चस्पा करने का कोई निर्देश नहीं मिला है। अगर ऐसा कोई आदेश मिलता है तो उसे तत्काल अमल में लाया जाएगा। एंटी रोमियो स्क्वॉयड से कहा गया है कि वह सड़कों पर निकलकर छेड़छाड़ करने वाले शोहदों को पकड़े। उन पर कार्रवाई करें। - जयप्रकाश, एसपी
विज्ञापन
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन किया था। शुरुआत में तो एंटी रोमियो स्क्वॉयड ने ठीक ठाक काम किया। स्कूल और कॉलेज के बाहर खड़े शोहदों को पकड़कर सार्वजनिक रूप से दंडित किया गया। हालांकि उनमें भी अधिकांश शोहदों को स्कूल या कॉलेज से पकड़ने के बाद थाने ले जाकर छोड़ दिया गया। कार्रवाई के नाम पर उन्हें सिर्फ हिदायत दी गई कि आइंदा ऐसी हरकत न करें, मगर इसके बाद एंटी रोमियो टीम सुस्त होती चली गई। एंटी रोमियो स्क्वॉयड टीम को सक्रिय करने के लिए न तो अफसर संजीदा दिखे, न ही मातहत। अब एंटी रोमियो स्क्वॉयड टीम रोड पर तो निकलती है, मगर छात्राओं से छेड़छाड़ रोकने के लिए नहीं, सिर्फ वाहनों के चालान करने के लिए।
विज्ञापन
अब भी शोहदों का लगा रहता है जमावड़ा
वर्तमान में भी कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक और बीएड की परीक्षाएं चल रही है। कॉलेज के बाहर दिन भर संदिग्धों और शोहदों का जमावड़ा लगा रहता है। मगर, यहां एंटी रोमियो स्क्वॉयड झांकने तक नहीं आती है। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों को भी इस बात से कोई मतलब नहीं होता है कि कोई शोहदा किसी छात्रा पर फब्तियां कसे या सार्वजनिक रूप से उसका अपमान करे। हालांकि पिछले साल की तुलना इस बार छेड़छाड़ की घटनाएं कम हैं तो इसकी वजह मार्च से जुलाई तक का लॉकडाउन है। तब आम लोगों का आवागमन ही बंद था। मगर, अनलॉक होते ही बाजार और बीच सड़क पर छेड़छाड़ की घटनाएं फिर घटने लगी हैं। दो दिन पहले ही कॉलेज से पेपर देकर घर जाते समय छात्रा के साथ एक शोहदे ने रास्ता चलते फब्तियां कसना शुरू की दी थी। पुलिस मौजूद न होने से मनचले छात्रा से छेड़छाड़ करके भाग निकले। हालांकि छात्रा ने लोकलाज के डर से इसकी पुलिस से शिकायत नहीं की। कोरोना काल में थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ एंटी रोमियो टीम भी वाहनों के चालान करती रही। महिला सिपाहियों का काम दिन भर अपने मोबाइल में लगे रहकर चैटिंग करना रह गया है। वह एंटी रोमियो टीम में रहकर ड्यूटी कम करती हैं, मोबाइल में ज्यादा लगी रहती हैं। एंटी रोमिया टीम ने फरवरी से सितंबर तक किसी भी मनचले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। एंटी स्क्वॉयड टीम की उदासीनता से मनचलों के हौसले लगातार बुलंद हुए हैं।
विज्ञापन
2014 में चली गई किशोरी की जान
छेड़छाड़ का विरोध करने पर शहर के मोहल्ले की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी को अपनी जान गवांनी पड़ गई थी। 2104 में कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की किशोरी को तीन शोहदों ने पकड़ लिया था। किशोरी के परिवार वालों का आरोप था कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर किशोरी पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी गई।
15 दिन पहले छात्रा से हुई छेड़छाड़
15 दिन पहले गजरौला क्षेत्र की एक छात्रा पेपर देकर वापस घर लौट रही थी। बरखेड़ा के शोहदे ने उसे पकड़ लिया था। उसके साथ सरेराह शोहदे ने उससे छेड़छाड़ की। पीड़िता ने विरोध किया तो शोहदे ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। पिता की तहरीर पर गजरौला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक शोहदे की गिरफ्तारी नहीं की
बोलीं महिलाएं
महिला अपराधों पर योगी सरकार में खास बदलाव नहीं आया है। ऐसा कोई कदम नहीं दिखा कि महिला अपराध कम हुए हों। एंटी रोमियो टीम को छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। तभी छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते समय खुद को सुरक्षित समझेंगी। - प्राची सक्सेना
योगी सरकार ने महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के फोटो चौराहों पर चस्पा करने का एलान किया है। यह एक अच्छा कदम है। तब समाज के लोग भी उससे दूरी बनाएंगे। मगर, पुलिस और एंटी रोमियो टीम को सक्रिय रहना होगा। तभी महिलाएं और छात्राएं सड़क पर स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगी। - रचना आनंद
शासन से अभी महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के फोटो चस्पा करने का कोई निर्देश नहीं मिला है। अगर ऐसा कोई आदेश मिलता है तो उसे तत्काल अमल में लाया जाएगा। एंटी रोमियो स्क्वॉयड से कहा गया है कि वह सड़कों पर निकलकर छेड़छाड़ करने वाले शोहदों को पकड़े। उन पर कार्रवाई करें। - जयप्रकाश, एसपी