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मायावती का पुतला फूंकने में पूरनपुर विधायक समेत 14 नेताओं से मुकदमा वापस
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पीलीभीत। शासन के आदेश पर पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी सहित 14 लोगों पर विचाराधीन मुकदमा वापस ले लिया गया। इन पर वर्ष 2009 में कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की गिरफ्तारी के विरोध में कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला दहन करने का आरोप था। अब प्रदेश की भाजपा सरकार के निर्णय के बाद स्पेशल जज (एमपी एमएलए कोर्ट) ने सभी आरोपियों से मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी।
शहर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रीता बहुगुणा जोशी की गिरफ्तारी के विरोध में 17 जुलाई (2009) को दोपहर करीब सवा बजे कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी के नेतृत्व में तौकीर अहमद, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्निहोत्री, कमलेश कुमार गंगवार, राकेश मौर्य, नासिर खान, मनोज कुमार मिश्रा, अरुण कुमार मिश्रा, जमाल अहमद, खेमकरण, सैयद अफजाल, प्रशांत कुमार उर्फ रवि, बाबूराम पासवान, हरप्रीत सिंह चब्बा, कमालुद्दीन ने एकदम से प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती के पुतले को निकालकर उसमें आग लगा दी। विवेचना के बाद पुलिस ने वर्तमान में पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान सहित 14 लोगों पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
राज्यपाल की सहमति के बाद शासन की ओर से इस मुकदमे को वापस लेने के लिए पिछले दिनों निर्देश आए थे। इसके बाद स्पेशल जज (एमपी एमएलए कोर्ट) विवेक कुमार की अदालत में जिला प्रशासन की ओर अर्जी दी गई थी। जिसे स्वीकार करते हुए मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि इस मुकदमे को वापस लिए जाने में किसी भी प्रकार की कोई भी जनहानि नहीं हो रही है। मुकदमा वापस लेने से वर्तमान में पूरनपुर भाजपा विधायक बाबूराम पासवान. पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी, कांग्रेस के मौजूदा जिलाध्यक्ष चब्बा समेत 14 नेताओं को राहत मिली है।
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तब कांग्रेस में थे पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी फिलहाल हाशिये पर हैं। मगर, कभी उनके शिष्य रहे बाबूराम पासवान भाजपा में शामिल होकर पूरनपुर के विधायक बन गए। वहीं कमलेश कुमार गंगवार वर्तमान में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं। वहीं रीता बहुगुणा जोशी भी इस वक्त इलाहाबाद से भाजपा की सांसद हैं।
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शहर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रीता बहुगुणा जोशी की गिरफ्तारी के विरोध में 17 जुलाई (2009) को दोपहर करीब सवा बजे कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी के नेतृत्व में तौकीर अहमद, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्निहोत्री, कमलेश कुमार गंगवार, राकेश मौर्य, नासिर खान, मनोज कुमार मिश्रा, अरुण कुमार मिश्रा, जमाल अहमद, खेमकरण, सैयद अफजाल, प्रशांत कुमार उर्फ रवि, बाबूराम पासवान, हरप्रीत सिंह चब्बा, कमालुद्दीन ने एकदम से प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती के पुतले को निकालकर उसमें आग लगा दी। विवेचना के बाद पुलिस ने वर्तमान में पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान सहित 14 लोगों पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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राज्यपाल की सहमति के बाद शासन की ओर से इस मुकदमे को वापस लेने के लिए पिछले दिनों निर्देश आए थे। इसके बाद स्पेशल जज (एमपी एमएलए कोर्ट) विवेक कुमार की अदालत में जिला प्रशासन की ओर अर्जी दी गई थी। जिसे स्वीकार करते हुए मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि इस मुकदमे को वापस लिए जाने में किसी भी प्रकार की कोई भी जनहानि नहीं हो रही है। मुकदमा वापस लेने से वर्तमान में पूरनपुर भाजपा विधायक बाबूराम पासवान. पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी, कांग्रेस के मौजूदा जिलाध्यक्ष चब्बा समेत 14 नेताओं को राहत मिली है।
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तब कांग्रेस में थे पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी फिलहाल हाशिये पर हैं। मगर, कभी उनके शिष्य रहे बाबूराम पासवान भाजपा में शामिल होकर पूरनपुर के विधायक बन गए। वहीं कमलेश कुमार गंगवार वर्तमान में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं। वहीं रीता बहुगुणा जोशी भी इस वक्त इलाहाबाद से भाजपा की सांसद हैं।