{"_id":"bd3a8d19ead9f5890c38675d2f150c43","slug":"cort-news-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े छह साल में भी कोर्ट नहीं पहुुंचा एमबीएक्ट का चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े छह साल में भी कोर्ट नहीं पहुुंचा एमबीएक्ट का चालान
पीलीभीत।
Updated Thu, 08 Oct 2015 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोटर वाहन का चालान साढ़े छह साल में थाना हजारा से चलकर अदालत नहीं पहुंच
विज्ञापन
सका है। एसीजेएम सुरेंद्र कुमार पासवान ने चालान के बाबत पुलिस से रिपोर्ट
मांगी। कई तारीखें बीतने पर भी रिपोर्ट नहीं आई। इस पर कड़ा रुख अपनाकर 14
अक्तूबर को एसओ हजारा को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया गया है।
हजारा पुलिस ने 21 फरवरी 2009 को गुरबाज सिंह के वाहन का मोटर वाहन अधिनियम में चालान किया। दरअसल वाहन के कागज पूरे न होने पर एमबी एक्ट के तहत चालान होता है। यह चालान संबंधित अदालत में भेजा जाता है। जहां पर संबंधित पक्ष जुर्माना जमा कर अपने मामले का निस्तारण करा लेता है। साढ़े छह साल तक चालान अदालत में नहीं पहुंचा तब गुरबाज ने कोर्ट मेें अर्जी दी।
इस पर न्यायालय ने चालान के बाबत हजारा पुलिस से रिपोर्ट मांगी। मामले की सुनवाई के लिए जुलाई महीने में छह, 10, 15, 20, 24 तारीख लगाई गई, फिर भी रिपोर्ट नहीं आई। इस पर अगस्त महीने की सात, 11, 14, 20, 25 तारीख लगाई गई। इसके बाद भी तारीखे लगाई गई लेकिन चालानी रिपोर्ट नहीं आई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार पासवान ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने एसओ हजारा को 14 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। उन्होंने आदेश में लिखा है कि उक्त कृत्य कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही को दर्शाता है। जानबूझ कर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की गई है। चेतावनी दी गई कि एसओ के हाजिर न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और एसपी को भी कार्रवाई के लिए मामला भेजा जाएगा।
हजारा पुलिस ने 21 फरवरी 2009 को गुरबाज सिंह के वाहन का मोटर वाहन अधिनियम में चालान किया। दरअसल वाहन के कागज पूरे न होने पर एमबी एक्ट के तहत चालान होता है। यह चालान संबंधित अदालत में भेजा जाता है। जहां पर संबंधित पक्ष जुर्माना जमा कर अपने मामले का निस्तारण करा लेता है। साढ़े छह साल तक चालान अदालत में नहीं पहुंचा तब गुरबाज ने कोर्ट मेें अर्जी दी।
इस पर न्यायालय ने चालान के बाबत हजारा पुलिस से रिपोर्ट मांगी। मामले की सुनवाई के लिए जुलाई महीने में छह, 10, 15, 20, 24 तारीख लगाई गई, फिर भी रिपोर्ट नहीं आई। इस पर अगस्त महीने की सात, 11, 14, 20, 25 तारीख लगाई गई। इसके बाद भी तारीखे लगाई गई लेकिन चालानी रिपोर्ट नहीं आई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार पासवान ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने एसओ हजारा को 14 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। उन्होंने आदेश में लिखा है कि उक्त कृत्य कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही को दर्शाता है। जानबूझ कर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की गई है। चेतावनी दी गई कि एसओ के हाजिर न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और एसपी को भी कार्रवाई के लिए मामला भेजा जाएगा।