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मनरेगा में घोटाला खुलने के बाद डीएम ने अफसरों को कसा, एपीओ के कार्यक्षेत्र बदले जाएंगे

Sat, 29 Aug 2020 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 01:42 AM IST
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Corrupt System
पीलीभीत। दो दिन पहले ही मनरेगा में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने के बाद डीएम ने मनरेगा के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने समस्त एपीओ (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी) के कार्यक्षेत्र बदलने का निर्देश देते हुए लापरवाह अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा में कराए गए कामों में पारदर्शिता नहीं मिली तो जिम्मेदार सख्त कार्रवाई को तैयार रहें।
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गांधी सभागार में शुक्रवार हुई बैठक में डीएम पुलकित खरे ने सर्वप्रथम एपीओ के कार्यक्षेत्र में बदलाव करने के निर्देश डीसी मनरेगा मृणाल सिंह को दिए। डीएम ने कहा कि अब एपीओ नए कार्यक्षेत्र में ही काम करेंगे। इससे पहले डीएम ने समस्त एपीओ की जमकर क्लास ली। कहा कि मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में पारदर्शिता होनी चाहिए। कहीं कोई गड़बड़ी निकली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एपीओ यह भी सुनिश्चित करें कि ग्राम पंचायतों में नियमित कार्य संपन्न कराए जाए। कराए जाने वाले कार्यों की सूची तीन दिन पहले बना ली जाए। निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय और पंचायत घर के कार्यों में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। प्राथमिकता के आधार पर आईडी जनरेट की जाए। अधिकारियों को एक सप्ताह में कराए गए कार्यों का निरीक्षण कर फोटो समेत उसकी प्रगति रिपोर्ट देने को कहा। सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, एडीएम एफआर अतुल सिंह, एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, डीडीओ योगेंद्र पाठक आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व कोविड 19 के कार्यों की समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
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खुदी हुई सड़कों का सुधार होने तक न करें ठेकेदार का भुगतान
पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे ने जल निगम में चल रही अमृत योजना के कार्यों की समीक्षा बैठक गांधी सभागार में की। इसमें उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता को पाइप लाइन डालने के बाद खुदी सड़क का निर्माण ठेकेदार से कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक खोदी गई सड़क फिर से न बन जाएं, तब तक ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के जेई की होगी। अगर कहीं इस नियम का उल्लंघन मिला तो ठेकेदार और जेई दोनों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिस इलाके में कार्य होना है, वहां के ईओ और थाना पुलिस को जानकारी पहले से दें। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कुल 43 पेयजल योजनाओं का संचालन जेई को ग्राम पंचायतों से समन्वय स्थापित करके करना होगा। पार्कों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी डीएम ने रिपोर्ट मांगी।
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