{"_id":"6098317d8ebc3edca35a3f02","slug":"corona-terror-pilibhit-news-bly446152294","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में रिहायशी इलाकों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में रिहायशी इलाकों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण
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पीलीभीत। जहां एक तरफ कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर लोगों की बेचैनी बढ़ा रहा है, तो वहीं शहर की मलिन बस्तियों में कोरोना बेदम सा साबित हो रहा है। अभी तक सामने आए मरीजों को देखा जाए तो वायरस का प्रसार पॉश इलाकों में ज्यादा है। पॉश इलाकों में आधुनिक सुविधाओं संग रहने वालों की कोविड रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आ रही है। यही नहीं संक्रमण के बचाव करने वाले भी कहीं न कहीं वायरस की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के शरीर पर कोरोना का असर कम हो रहा है। इन बस्तियों में कोविड वायरस का असर महज 1.84 प्रतिशत ही मिला है, तो वहीं रिहायशी इलाकों में संक्रमितों की संख्या दस गुना बढ़ी है। जो स्वास्थ्य विभाग की चिंता का विषय बना हुआ है।
शहर में कुल 27 वार्ड हैं, और 59 मोहल्ले हैं। ढाई लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। नगरपालिका के हिसाब से 18 मलिन बस्तियां हैं। बाकी सभी कॉलोनी और मोहल्ले पॉश और इलाकों में आते हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद कोरोना शहर में रिहायशी इलाके और पॉश कॉलोनियों में तेजी से पैर पसरने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक जनवरी 2021 से आठ मई तक 4518 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें करीब 2978 केस शहरी क्षेत्र में सामने आए हैं। इनमें अधिकतर शहर के अशोक कॉलोनी, निरंजन कुंज कॉलोनी, बल्लभनगर, साहूकारा, आसफजान, मधुवन, गोदवरी स्टेट और ऑफिसर कॉलोनी जैसे रिहायशी इलाकों में हैं। हालांकि पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना रफ्तार पकड़ चुका है। शहर में 26 अप्रैल से अब तक 821 से ज्यादा केस एक्टिव चल रहे हैं, जबकि इन दिनों में 357 डिस्चार्ज हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि पॉश इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग व्यापार से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अधिकांश लोगों को बाहरी राज्यों में आना-जाना रहता है। इसलिए वह संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, वहीं मलिन बस्तियों में रहने वालों की इम्युनिटी काफी मजबूत होती है, ऐसे में उन पर वायरस का असर कम होता है।
किस इलाके में कितने संक्रमित
मोहल्ला आसफजान - 22, साहूकारा- 26, जिला अस्पताल कैंपस - 15, शिवनगर कॉलोनी - 18, एकतानगर कॉलोनी- 26, गोदवरी स्टेट - 15, जज कॉलोनी- 08, मधुवन कॉलोनी - 13, निरजंन कुंज कॉलोनी - 28, संजय रॉयल पार्क - 18, आवास विकास कॉलोनी में 40, बल्लभनगर कॉलोनी में- 87, अशोक कॉलोनी में 18, राजाबाग कॉलोनी - 17
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क्या कहते है डॉक्टर
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन का कहना है कि जांच करने वाले हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हो रही है, रिहायाशी इलाकों में रहने वाले लोगों का व्यापार और नौकरी के सिलसिले पर बाहरी राज्यों में आना-जाना अधिक रहता है, साथ उनके बच्चे भी बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं और एक आम व्यक्ति की तुलना उनकी इम्युनिटी पावर ज्यादा नहीं होती है। ऐसे में अगर जरा सी भी लापरवाही में वह संक्रमित हो रहे हैं, जबकि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों पर कोरोना अटैक नहीं कर रहा है। इसका कारण यह है कि वह ज्यादा सामाजिक लोगों के बीच या सैर सपाटा नहीं करते हैं। सीमित जगह मे रहते हैं, मगर इन इलाकों में रहने वाले लोगों संक्रमण की पुष्टि जरूर होती है, ऐसे डायरिया, मलेरिया, हैजा, चिकनगुनिया सहित तमाम बीमारियों होने की संभावना बनी रहती है।
हल्के भी लक्षण होने पर जांच अवश्य कराएं
कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर संक्रमण कई स्वरूप बदल चुका है। इसलिए बेहद सतर्कता बरतनें की जरूरत हैं। हल्का भी बदन दर्द, खांसी, जुकाम, बुखार, आंखें आना, डयरिया होने पर कोरोना की जांच करा लें। ताकि समय रहते कोरोना की जानकारी हो सके और उसके अटैक करने से पहले इलाज शुरु कर उसे हराया जा सके।
मलिन बस्तियों में संक्रमण कम है, लेकिन वहां भी सैंपलिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। रिहायाशी इलाकों में इस बार संक्रमण ने अधिक पैर पसरे हैं। इन लोगों का लोगों का बाहर आना-जाना और दूसरे मिलना जुलना लगा रहता है। इसलिए वह संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अभी एहतियात बरतने की जरुरत है। जरुतर होने पर ही घर से निकलें। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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शहर में कुल 27 वार्ड हैं, और 59 मोहल्ले हैं। ढाई लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। नगरपालिका के हिसाब से 18 मलिन बस्तियां हैं। बाकी सभी कॉलोनी और मोहल्ले पॉश और इलाकों में आते हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद कोरोना शहर में रिहायशी इलाके और पॉश कॉलोनियों में तेजी से पैर पसरने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक जनवरी 2021 से आठ मई तक 4518 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें करीब 2978 केस शहरी क्षेत्र में सामने आए हैं। इनमें अधिकतर शहर के अशोक कॉलोनी, निरंजन कुंज कॉलोनी, बल्लभनगर, साहूकारा, आसफजान, मधुवन, गोदवरी स्टेट और ऑफिसर कॉलोनी जैसे रिहायशी इलाकों में हैं। हालांकि पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना रफ्तार पकड़ चुका है। शहर में 26 अप्रैल से अब तक 821 से ज्यादा केस एक्टिव चल रहे हैं, जबकि इन दिनों में 357 डिस्चार्ज हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि पॉश इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग व्यापार से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अधिकांश लोगों को बाहरी राज्यों में आना-जाना रहता है। इसलिए वह संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, वहीं मलिन बस्तियों में रहने वालों की इम्युनिटी काफी मजबूत होती है, ऐसे में उन पर वायरस का असर कम होता है।
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किस इलाके में कितने संक्रमित
मोहल्ला आसफजान - 22, साहूकारा- 26, जिला अस्पताल कैंपस - 15, शिवनगर कॉलोनी - 18, एकतानगर कॉलोनी- 26, गोदवरी स्टेट - 15, जज कॉलोनी- 08, मधुवन कॉलोनी - 13, निरजंन कुंज कॉलोनी - 28, संजय रॉयल पार्क - 18, आवास विकास कॉलोनी में 40, बल्लभनगर कॉलोनी में- 87, अशोक कॉलोनी में 18, राजाबाग कॉलोनी - 17
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क्या कहते है डॉक्टर
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन का कहना है कि जांच करने वाले हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हो रही है, रिहायाशी इलाकों में रहने वाले लोगों का व्यापार और नौकरी के सिलसिले पर बाहरी राज्यों में आना-जाना अधिक रहता है, साथ उनके बच्चे भी बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं और एक आम व्यक्ति की तुलना उनकी इम्युनिटी पावर ज्यादा नहीं होती है। ऐसे में अगर जरा सी भी लापरवाही में वह संक्रमित हो रहे हैं, जबकि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों पर कोरोना अटैक नहीं कर रहा है। इसका कारण यह है कि वह ज्यादा सामाजिक लोगों के बीच या सैर सपाटा नहीं करते हैं। सीमित जगह मे रहते हैं, मगर इन इलाकों में रहने वाले लोगों संक्रमण की पुष्टि जरूर होती है, ऐसे डायरिया, मलेरिया, हैजा, चिकनगुनिया सहित तमाम बीमारियों होने की संभावना बनी रहती है।
हल्के भी लक्षण होने पर जांच अवश्य कराएं
कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर संक्रमण कई स्वरूप बदल चुका है। इसलिए बेहद सतर्कता बरतनें की जरूरत हैं। हल्का भी बदन दर्द, खांसी, जुकाम, बुखार, आंखें आना, डयरिया होने पर कोरोना की जांच करा लें। ताकि समय रहते कोरोना की जानकारी हो सके और उसके अटैक करने से पहले इलाज शुरु कर उसे हराया जा सके।
मलिन बस्तियों में संक्रमण कम है, लेकिन वहां भी सैंपलिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। रिहायाशी इलाकों में इस बार संक्रमण ने अधिक पैर पसरे हैं। इन लोगों का लोगों का बाहर आना-जाना और दूसरे मिलना जुलना लगा रहता है। इसलिए वह संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अभी एहतियात बरतने की जरुरत है। जरुतर होने पर ही घर से निकलें। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ