फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   corona

नेपाल बार्डंर से सटे गांवों में नहीं पहुंच रही टीम

Sun, 11 Jul 2021 12:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन
corona
पीलीभीत। एक तरफ शासन के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभियान चलाया जा रहा है। वहीं नेपाल बॉर्डर से सटे गांव में टीकाकरण कैंप नहीं हो पा रहा। ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लिहाजा ग्रामीण लंबी दूरी तय कर सीएचस-पीएचसी पर बने टीकाकरण बूथ पर टीका लगवाने के लिए दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जिले में कोरोना से बचाव के लिए 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू किया गया था। इसके बाद लगातार क्रमबद्ध तरीके से टीकाकरण कराया गया। मगर गांव में टीकाकरण के प्रति लोग जागरूक नहीं थे। एक जुलाई से पायलट प्रोजेक्ट के तहत गांव-गांव कैंप लगाकर टीकाकरण करने के निर्देश दिए थे। मगर नेपाल बॉर्डर से सटे गांव बंदरभोज, सुंदरनगर, नौजल्हा नकटा, रामनगर समेत कई गांव में टीकाकरण कैंप बंद पड़ा है। यहां सिर्फ नौजल्हा नकटा में तीन दिन और रामनगर में एक दिन कैंप चला था। इसके बाद बंद कर दिया। यहां अभी तक सिर्फ 1200 लोगों का टीकाकरण हो सका है। जबकि बंदरभोज और सुंदरनगर में इसकी शुरुआत तक नहीं की गई। जबकि इन गांवों की आबादी करीब आठ हजार से अधिक है। कई बार ग्रामीणों ने फोन कर एमओआईसी पूरनपुर डॉ. प्रेम सिंह राजपूत से गांव में टीकाकरण कैंप लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी शुरुआत नहीं हो सकी। इन गांव से माधोटांडा सीएचसी की दूरी लगभग 25 किलोमीटर और गभिया सहराई पीएचसी की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए मजबूरी में अपने वाहनों से माधोटांडा और गभिया पहुंचकर टीका लगवाने के लिए जाना पड़ता है। हालांकि पूरनपुर सीएचसी एमओआईसी का कहना है कि वैक्सीन और स्टाफ की किल्लत के चलते वहां टीकाकरण कैंप नहीं हो पा रहा है, सिर्फ आसपास की पीएचसी पर ही बूथ चल रहा है।
विज्ञापन

शासन की तरफ से टीकाकरण को लेकर गांव में कैंप चलाने के लिए कहा गया था, मगर गांव में सिर्फ एक दिन कैंप चलाकर बंद कर दिया गया। ऐसे में टीका लगवाने के लिए बाहर जाना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन कैंप करना चाहिए।-अरविंद कनौजिया, गांव बूूंदीभूड़
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना से बचने के लिए टीका लगवाना चाहते है, लेकिन गांव में कैंप नहीं चल रहा है। मेहनत मजदूरी करते है, इसलिए गांव से बाहर निकलकर टीका लगवाने का समय नहीं मिल पाता है। स्वास्थ्य विभाग को गांव में टीका कैंप करना चाहिए। -नरोत्तम मंडल, गांव बूूंदीभूड़
जानकारी मिली थी कि गांव में टीका लगाने के लिए टीम आएगी। लेकिन अभी तक गांव में कोई भी टीम टीका लगने के लिए नहीं पहुंची। संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए कैंप लगाना चाहिए। अब सोमवार को ही सीएचसी पर टीका लगवाने के लिए जाएंगे। -राजकूपर गांव बूूंदीभूड़
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन भी कैंप नहीं कराया गया है। टीका लगवाने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर सीएचसी-पीएचसी पर जाना पड़ता है। जिससे समय के साथ पैसे की भी बर्बादी होती है। गांव में कैंप लगेगा तो इसे टीकाकरण बढ़ने की उम्मीद भी है। -उमेश सिंह, सुंदरनगर

पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। वैक्सीन की कमी होने के कारण कुछ इलाकों में टीकाकरण कैंप नहीं हो पा रहा है, लेकिन उन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली पीएचसी-सीएचसी पर टीकाकरण कराया जाएगा। जल्द ही वहां भी कैंप कराया जाएगा। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed