{"_id":"6079ce318ebc3ec89762002e","slug":"corona-pilibhit-news-bly4441354118","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेंटिलेटर चालू कराने को तैयार की जाएंगी 32 स्टाफ नर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेंटिलेटर चालू कराने को तैयार की जाएंगी 32 स्टाफ नर्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए एल-2 अस्पताल में लगे वेंटिलेटर चालू कराने को जिला प्रशासन ने सुध ली है। 32 बेहतर स्टाफ नर्स का चयन कर उन्हें पीजीआई के एक्सपर्ट से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। फिर उन्हीं को वेंटिलेटर ऑपरेट करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्टाफ नर्स की सूची तैयार कराने में जुट गए हैं।
जिला महिला अस्पताल की एमसीएच विंग में 100 बेड का एल-2 अस्पताल बनाया गया है। यहां पर वर्तमान में 12 वेंटिलेटर लगे हैं। मगर उन्हें ऑपरेट करने के लिए कोई भी तकनीकी सहायक मौजूद नहीं है। ऐसे में मरीजों को बरेली रेफर करना पड़ता है, या फिर मरीज निजी अस्पताल का रुख करते हैं। संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ऑपरेटर की कमी स्वास्थ्य अफसरों की चिंता बनी हुई थी, मगर कोई समाधान नहीं हो सका था। अमर उजाला ने 16 अप्रैल के अंक में पेज नंबर दो पर ‘वेंटिलेटर तो हैं, मगर चलाने वाला कोई नहीं’ शीर्षक से प्रमुखता से इस समस्या को उजागर किया था। डीएम पुलकित खरे ने इसका संज्ञान लिया है। डीएम ने बताया कि वेंटिलेटर चालू कराने के लिए स्टाफ नर्स की आनॅलाइन ट्रेनिंग कराई जाएगी। पीजीआई लखनऊ के एक्सपर्ट से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार करके स्वास्थ्य अफसरों को निर्देशित कर दिया गया है। कम से कम 32 स्टाफ इसके लिए चिह्नित की जाएंगी। ताकि वेंटिलेटर चालू कराए जा सकें।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल की एमसीएच विंग में 100 बेड का एल-2 अस्पताल बनाया गया है। यहां पर वर्तमान में 12 वेंटिलेटर लगे हैं। मगर उन्हें ऑपरेट करने के लिए कोई भी तकनीकी सहायक मौजूद नहीं है। ऐसे में मरीजों को बरेली रेफर करना पड़ता है, या फिर मरीज निजी अस्पताल का रुख करते हैं। संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ऑपरेटर की कमी स्वास्थ्य अफसरों की चिंता बनी हुई थी, मगर कोई समाधान नहीं हो सका था। अमर उजाला ने 16 अप्रैल के अंक में पेज नंबर दो पर ‘वेंटिलेटर तो हैं, मगर चलाने वाला कोई नहीं’ शीर्षक से प्रमुखता से इस समस्या को उजागर किया था। डीएम पुलकित खरे ने इसका संज्ञान लिया है। डीएम ने बताया कि वेंटिलेटर चालू कराने के लिए स्टाफ नर्स की आनॅलाइन ट्रेनिंग कराई जाएगी। पीजीआई लखनऊ के एक्सपर्ट से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार करके स्वास्थ्य अफसरों को निर्देशित कर दिया गया है। कम से कम 32 स्टाफ इसके लिए चिह्नित की जाएंगी। ताकि वेंटिलेटर चालू कराए जा सकें।
विज्ञापन