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कोविड वैक्सीन से नहीं, दिल का दौरा पड़ने से हुई थी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौत
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पीलीभीत। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कोविड वैक्सीन का टीका लगने के बाद हुई मौत के मामले में दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए तस्वीर स्पष्ट कर दी। उसकी मौत कोविड वैक्सीन सेे नहीं, बल्कि दिल का दौरा पड़ने से बताया गया। दो डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु भी साझा किए। फिलहाल जांच के लिए विसरा और हार्ट संरक्षित किया गया है। कोविड वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित बताया गया है। उधर, परिवार ने भी कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
बाल विकास पुष्टाहार विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कस्बा अमरिया निवासी 55 वर्षीय प्रतापराम को बृहस्पतिवार पूर्वान्ह करीब साढ़े 11 बजे जिला महिला अस्पताल में कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया था। शाम पांच बजे वह घर पहुंचे थे और आधे घंटे बाद बातचीत करते हुए ही अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीएचसी ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। तीन साल से हार्ट की बीमारी का बरेली से इलाज भी चल रहा था। चूंकि उसी दिन वैक्सीन लगी थी तो मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई थी। आनन-फानन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रात में ही पहुंच गए थे। शव का रात में ही दो डॉ.सहिसपाल सिंह, डॉ.राकेश कुमार के द्वारा पैनल से पोस्टमार्टम किया गया। इसमें हार्ट अटैक को मौत की वजह बताया गया है। जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ.सीमा अग्रवाल ने बताया कि पैनल से हुए पोस्टमार्टम में सामने आया है कि हार्ट का साइज बढ़ा हुआ था, वजन करीब 400 ग्राम निकला। हार्ट के बाएं हिस्से के पीछे की दीवार मोटी थी। काटकर देखा तो उसमें खून के थक्के जमे मिले। फेफड़े सिकुड़ चुके थे। उन्हें दबाने पर रक्त मिला द्रव्य बाहर निकल रहा था। समस्त आंतरिक अंग स्टमक, आंत आदि सिकुड़ चुके थे। विसरा एवं हार्ट संरक्षित किया गया है। कोविड वैक्सीन का मौत से कोई संबंध नहीं है। वैसे भी जिस बायल से प्रतापराम को टीका लगाया गया था, उसी से नौ अन्य स्वास्थ्यकर्मी को भी टीका लगा था। उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।उधर, एसओ अमरिया उदयवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है। वह अंतिम संस्कार के लिए शव गृह जनपद पिथौरागढ़ उत्तराखंड ले गए थे। कोई तहरीर नहीं दी गई है।
शव का बृहस्पतिवार रात को ही दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया था। इसकी रिपोर्ट मिल चुकी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौत हार्ट की पुरानी बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। कोविड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। - पुलकित खरे, डीएम
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बाल विकास पुष्टाहार विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कस्बा अमरिया निवासी 55 वर्षीय प्रतापराम को बृहस्पतिवार पूर्वान्ह करीब साढ़े 11 बजे जिला महिला अस्पताल में कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया था। शाम पांच बजे वह घर पहुंचे थे और आधे घंटे बाद बातचीत करते हुए ही अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीएचसी ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। तीन साल से हार्ट की बीमारी का बरेली से इलाज भी चल रहा था। चूंकि उसी दिन वैक्सीन लगी थी तो मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई थी। आनन-फानन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रात में ही पहुंच गए थे। शव का रात में ही दो डॉ.सहिसपाल सिंह, डॉ.राकेश कुमार के द्वारा पैनल से पोस्टमार्टम किया गया। इसमें हार्ट अटैक को मौत की वजह बताया गया है। जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ.सीमा अग्रवाल ने बताया कि पैनल से हुए पोस्टमार्टम में सामने आया है कि हार्ट का साइज बढ़ा हुआ था, वजन करीब 400 ग्राम निकला। हार्ट के बाएं हिस्से के पीछे की दीवार मोटी थी। काटकर देखा तो उसमें खून के थक्के जमे मिले। फेफड़े सिकुड़ चुके थे। उन्हें दबाने पर रक्त मिला द्रव्य बाहर निकल रहा था। समस्त आंतरिक अंग स्टमक, आंत आदि सिकुड़ चुके थे। विसरा एवं हार्ट संरक्षित किया गया है। कोविड वैक्सीन का मौत से कोई संबंध नहीं है। वैसे भी जिस बायल से प्रतापराम को टीका लगाया गया था, उसी से नौ अन्य स्वास्थ्यकर्मी को भी टीका लगा था। उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।उधर, एसओ अमरिया उदयवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है। वह अंतिम संस्कार के लिए शव गृह जनपद पिथौरागढ़ उत्तराखंड ले गए थे। कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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शव का बृहस्पतिवार रात को ही दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया था। इसकी रिपोर्ट मिल चुकी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौत हार्ट की पुरानी बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। कोविड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। - पुलकित खरे, डीएम
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